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दिल्ली CM Rekha Gupta के मीटिंग में पति की मौजूदगी ने मचाई हलचल, AAP ने कहा- संविधान के खिलाफ!
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने रविवार को जनसेवा सदन में शालीमार बाग विधानसभा में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री के पति मनीष गुप्ता भी उनके साथ बैठे दिखाई दिए। बैठक के दौरान पति की मौजूदगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता इस मामले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला करने लगे और इसे संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताया।
सौरभ भारद्वाज का तंज
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस बैठक की तस्वीरें X (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए इसे ‘फुलेरा पंचायत’ से जोड़कर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि जैसे फुलेरा पंचायत में महिला मुखिया के पति सभी कार्यों को संभालते हैं, वैसे ही दिल्ली की मुख्यमंत्री के पति को एक आधिकारिक बैठक में देखा गया। सौरभ ने कहा कि पहले भी खबरें आई थीं कि मुख्यमंत्री के पति आधिकारिक बैठकों में शामिल होते हैं और अधिकारियों के साथ निरीक्षण करते हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया।
दिल्ली सरकार बनी फुलेरा पंचायत
जैसे फुलेरा की पंचायत में महिला प्रधान के पति प्रधान की तरह काम करते थे , आज दिल्ली में CM के पति आधिकारिक मीटिंग में बैठ रहे हैं ।
हमने पहले भी बताया था कि CM आले पति आधिकारिक मीटिंग में बैठते हैं , अधिकारियों के साथ मीटिंग और इंस्पेक्शन करते… pic.twitter.com/40D3kz5OXU
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) September 7, 2025
पति की भूमिका को लेकर उठे सवाल
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का मजाक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले कांग्रेस पर Nepotism (पारिवारिक तंत्र) का आरोप लगाती थी, लेकिन अब उन्हें खुद बताना चाहिए कि अगर यह Nepotism नहीं है तो फिर क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री किसी पर भरोसा नहीं कर सकतीं और क्या उन्हें अपने पति की मदद लेने की जरूरत पड़ रही है। क्या मुख्यमंत्री अपने पति की सत्ता स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं?
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की आधिकारिक मीटिंग की तस्वीरें उनके Instagram अकाउंट पर साझा की गईं। इसके अलावा, इन तस्वीरों को CM के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से भी पोस्ट किया गया। सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्यों बिना किसी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी के मुख्यमंत्री के पति को सरकारी प्रशासनिक सिस्टम का हिस्सा बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस विवाद ने जनता और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस छेड़ दी है।
सांसद संजय सिंह की टिप्पणी
सांसद संजय सिंह ने सौरभ भारद्वाज की पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि आप लोगों का स्वागत फुलेरा पंचायत में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में दो मुख्यमंत्री बना दिए हैं। रेखा गुप्ता तो मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उनके पति सुपर मुख्यमंत्री की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिर्फ छह महीनों में भाजपा सरकार ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया है। इस तरह से यह मामला राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बन गया है।