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Delhi Blast Case: लाल किला ब्लास्ट केस में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, जम्मू कश्मीर से यासिर गिरफ्तार किया

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Delhi Blast Case: लाल किला ब्लास्ट केस में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, जम्मू कश्मीर से यासिर गिरफ्तार किया

Delhi Blast Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए विस्फोट मामले में एक और अहम गिरफ्तारी करते हुए जम्मू-कश्मीर निवासी यासिर अहमद डार को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी पिछले महीने 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में हुए कार बम धमाके के सिलसिले में की गई है और इस केस में अब तक की नौवीं गिरफ्तारी मानी जा रही है। यासिर अहमद डार श्रीनगर जिले के शोपियां का रहने वाला है। जांच एजेंसी के अनुसार, यासिर न केवल इस आतंकी साजिश से वाकिफ था, बल्कि दिल्ली में हमले की योजना को अंजाम तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। एनआईए की यह कार्रवाई इस बात की ओर इशारा करती है कि एजेंसी पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

आत्मघाती हमले के लिए ली थी शपथ, साजिश में था सक्रिय

NIA की जांच में सामने आया है कि यासिर अहमद डार केवल एक सहयोगी या साजिशकर्ता भर नहीं था, बल्कि वह आत्मघाती हमले को अंजाम देने की मानसिक और वैचारिक तैयारी भी कर चुका था। जांच एजेंसी के मुताबिक, यासिर ने इस मिशन के लिए बाकायदा शपथ ली थी और खुद को इस आतंकी हमले के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उसका संपर्क इस केस के अन्य आरोपियों से लगातार बना हुआ था। इनमें उमर उन नबी भी शामिल है, जो इस कार बम धमाके में मारा गया आतंकी बताया जा रहा है। एजेंसी का कहना है कि यासिर और उमर के बीच साजिश को लेकर कई बार बातचीत हुई थी, जिससे साफ होता है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था।

कई राज्यों तक फैला था आतंकी नेटवर्क

NIA की जांच में यह भी सामने आया है कि यासिर अहमद डार का संपर्क सिर्फ एक-दो लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह मुफ्ती इरफान समेत कई अन्य आरोपियों के संपर्क में था। एजेंसी का मानना है कि ये सभी आरोपी मिलकर दिल्ली में बड़े पैमाने पर आतंकी हमले की योजना बना रहे थे। इससे पहले एनआईए ने इस केस में जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन छापों के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी, जो जांच के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इन सबूतों के जरिए एजेंसी पूरे आतंकी नेटवर्क, फंडिंग और संपर्क सूत्रों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

कोर्ट में पेशी, NIA रिमांड पर भेजा गया आरोपी

एनआईए इससे पहले भी इस केस के मुख्य आरोपियों डॉ. मुजम्मिल शकील गनी और डॉ. शाहीन सईद के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी परिसर समेत कई स्थानों पर की गई तलाशी में अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले थे। गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को यासिर अहमद डार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 26 दिसंबर तक NIA की रिमांड पर भेज दिया है। अब जांच एजेंसी उससे गहन पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था, हमले का असली मकसद क्या था और इसके पीछे किन संगठनों या विदेशी संपर्कों की भूमिका थी। एनआईए का कहना है कि दिल्ली और देश की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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Weather Update: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट लू और बारिश दोनों का खतरा बढ़ा

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Weather Update: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट लू और बारिश दोनों का खतरा बढ़ा

देश के अलग अलग हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। दिल्ली एनसीआर में पिछले दो दिनों से धूप और गर्मी के बाद अब मौसम कुछ राहत देने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार आज दिनभर हल्के बादल छाए रह सकते हैं जिससे तापमान में थोड़ी नरमी देखने को मिलेगी। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रहने वाली है क्योंकि सोमवार से फिर तेज धूप निकलने और तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। साथ ही 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

उत्तर प्रदेश में लू का खतरा कई जिलों में गर्म हवाओं का अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश में मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है और बारिश की गतिविधियां लगभग कम हो गई हैं। हालांकि दिन के समय तेज गर्म हवाएं यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मेरठ अलीगढ़ मथुरा आगरा बरेली फिरोजाबाद मैनपुरी कानपुर लखनऊ अयोध्या प्रयागराज वाराणसी गोरखपुर और देवरिया जैसे कई जिलों में दोपहर के समय लू का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को धूप में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है क्योंकि तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और गर्मी का प्रभाव तेज होता जा रहा है।

Weather Update: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट लू और बारिश दोनों का खतरा बढ़ा

बिहार में तापमान बढ़ने से गर्मी का प्रकोप तेज लू और डिहाइड्रेशन का खतरा

बिहार में भी 12 अप्रैल को मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है और तापमान में तेजी से वृद्धि देखी जा सकती है। पटना गया जहानाबाद पश्चिमी चंपारण पूर्वी चंपारण बक्सर सिवान सारण भोजपुर मुजफ्फरपुर वैशाली समस्तीपुर दरभंगा मधुबनी सहरसा पूर्णिया किशनगंज अररिया भागलपुर कटिहार और खगड़िया जैसे जिलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लू और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है इसलिए लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

पहाड़ों पर बारिश और आंधी तूफान का अलर्ट पर्यटकों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह

दूसरी ओर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम पूरी तरह बदलने जा रहा है। उत्तराखंड के नैनीताल उत्तरकाशी चमोली रुद्रप्रयाग बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी तूफान की संभावना जताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश के किन्नौर शिमला सोलन चंबा ऊना मंडी कुल्लू और कांगड़ा में भी बारिश के आसार हैं जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है। जम्मू कश्मीर में शोपियां बांदीपोरा रामबन अनंतनाग बारामूला पुलवामा राजौरी सांबा गांदरबल कठुआ डोडा और उधमपुर जैसे जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने किसानों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि मौसम अचानक खतरनाक रूप ले सकता है।

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बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सियासी झटका AIMIM-AJUP गठबंधन खत्म होने से हलचल

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बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सियासी झटका AIMIM-AJUP गठबंधन खत्म होने से हलचल

पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति में एक कथित वायरल वीडियो ने बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। यह मामला हुमायूं कबीर से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया है। सत्तारूढ़ Trinamool Congress ने इस वीडियो को लेकर प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate से जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि वीडियो में जो दावे किए गए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है और सभी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

AIMIM ने गठबंधन तोड़ने का किया ऐलान

इस विवाद के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP के साथ अपना गठबंधन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि वह किसी भी ऐसे बयान या विवाद से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे किसी समुदाय की ईमानदारी पर सवाल उठे। AIMIM ने स्पष्ट किया कि वह अब पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और भविष्य में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। इस फैसले को राज्य की चुनावी रणनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

बंगाल चुनाव से पहले बड़ा सियासी झटका AIMIM-AJUP गठबंधन खत्म होने से हलचल

कबीर पर आरोप और AI वीडियो का दावा

इस पूरे मामले में हुमायूं कबीर पर आरोप लगाए गए हैं कि एक कथित वीडियो में उनके बयान सामने आए हैं, जिसे लेकर विवाद बढ़ गया है। हालांकि कबीर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि यह वीडियो एआई जनरेटेड है और उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो फर्जी है और इसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। कबीर ने यह भी कहा कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि का केस दायर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी चुनौती दी है कि कोई यह साबित करे कि उन्होंने ऐसा कोई बयान दिया था।

AJUP और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव

हुमायूं कबीर पहले Trinamool Congress से जुड़े हुए थे, लेकिन बाद में उन्हें सस्पेंड किए जाने के बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी AJUP का गठन किया था। इसके बाद उन्होंने AIMIM के साथ चुनावी गठबंधन किया था, जो अब टूट चुका है। कबीर का कहना है कि यह विवाद उन्हें और उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश है, क्योंकि राजनीतिक ताकतें मुस्लिम समुदाय के वोट बैंक को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं AIMIM के अलग होने के बाद बंगाल की चुनावी राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं और आने वाले समय में इसका असर चुनावी परिणामों पर भी देखने को मिल सकता है।

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ओवरटेक विवाद में थार सवारों का हमला, बस स्टाफ पर चाकू और फायरिंग

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ओवरटेक विवाद में थार सवारों का हमला, बस स्टाफ पर चाकू और फायरिंग

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक मामूली ओवरटेक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और चार लोगों की जान पर बन आई। भवारना थाना क्षेत्र के बैरघट्टा में बुधवार रात बीड़ से दिल्ली जा रही एक निजी वॉल्वो बस को रास्ता न देने पर महिंद्रा थार सवार बदमाशों ने हमला कर दिया। यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी सी बहस किस तरह जानलेवा बन सकती है। हमलावरों ने बस को जबरन रुकवाया और चालक परिचालक समेत अन्य लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। इतना ही नहीं दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई जिससे इलाके में अफरा तफरी मच गई।

चार लोग गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती

इस हमले में वॉल्वो बस के चालक सुंदर सिंह और राज कुमार के साथ विजय कुमार और परिचालक प्रवेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को पहले थुरल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए कुछ को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घायलों के बयान के अनुसार हमलावर बेहद आक्रामक थे और उन्होंने बिना किसी चेतावनी के हमला कर दिया। यह घटना यात्रियों और आम लोगों के लिए बेहद डरावनी साबित हुई क्योंकि सड़क पर चल रही बस को इस तरह निशाना बनाना एक गंभीर अपराध माना जा रहा है।

ओवरटेक विवाद में थार सवारों का हमला, बस स्टाफ पर चाकू और फायरिंग

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तुरंत इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस ने बिना नंबर की काली महिंद्रा थार को कब्जे में लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान पंजाब के पठानकोट निवासी बलविंदर सिंह और अलीश तथा होशियारपुर निवासी निशान पाल के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से चाकू और पिस्टल भी बरामद किए हैं जिनका इस्तेमाल हमले और फायरिंग में किया गया था। इसके अलावा वाहन की तलाशी के दौरान नशीला पदार्थ भी बरामद हुआ जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

गंभीर धाराओं में केस दर्ज, जांच जारी

कांगड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है जिसमें हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम शामिल हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों के पास अवैध हथियार और नशीले पदार्थ कहां से आए और क्या उनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि सड़क पर बढ़ती आक्रामकता और कानून का डर खत्म होने से समाज में कितनी बड़ी समस्या खड़ी हो रही है।

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