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Cyclone Montha का असर खत्म नहीं हुआ! दिल्ली से बिहार तक बदल रहा मौसम का मिज़ाज
Cyclone Montha: राजधानी दिल्ली-एनसीआर में हल्की सर्दी का असर महसूस होना शुरू हो गया है। सुबह और देर रात के समय लोगों को ठंडक का एहसास हो रहा है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच, हाल ही में चक्रवात ‘मोंथा’ (Montha) के कारण कई राज्यों में बारिश हुई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बिहार चुनाव प्रचार पर भी इसका असर देखने को मिला। हालांकि अब इस चक्रवात का प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होता नजर आ रहा है और मौसम सामान्य स्थिति की ओर लौटने लगा है।
दिल्ली-एनसीआर में कोहरे और प्रदूषण की दोहरी मार
दिल्ली-एनसीआर में अब हल्की ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। देर रात और सुबह के समय हल्का कोहरा और स्मॉग छाया रहता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत एक्यूआई (AQI) 377 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में AQI 400 से भी अधिक है। वजीरपुर का AQI 432 दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक है। वहीं, एम्स और उसके आसपास के क्षेत्रों में 421 तक पहुंच गया है, जो ‘गंभीर श्रेणी’ में आता है। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली-एनसीआर में आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
यूपी-बिहार में मोंथा का असर खत्म, आसमान रहेगा साफ
उत्तर प्रदेश और बिहार में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही थी, जिसका कारण चक्रवात मोंथा था। कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। लेकिन अब मौसम विभाग का कहना है कि मोंथा का असर समाप्त हो चुका है और इन राज्यों में आसमान साफ रहेगा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों में अब बारिश थम गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी आज मौसम साफ रहने का अनुमान है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है और दिन का तापमान सामान्य रहेगा। रात में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है।
उत्तराखंड में बर्फबारी की संभावना, बढ़ेगी ठंड
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 नवंबर को कई ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसमें कोमौली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे जिले शामिल हैं। विभाग का कहना है कि बर्फबारी के बाद तापमान में तेज गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों और पर्वतीय इलाकों के निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नवंबर के पहले सप्ताह के बाद उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सर्दी का असर तेज हो जाएगा और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी।