देश
Crime News: प्यार का खूनी मोड़, अकाश कश्यप ने लक्ष्मी थापा पर फायरिंग की, पुलिस ने शुरू की जांच
Crime News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवती अपने प्रेमी द्वारा गोली मारने की घटना में बाल-बाल बच गई। यह घटना पारा थाना क्षेत्र में हुई। आरोपी प्रेमी, आकाश कश्यप, ने अपनी प्रेमिका लक्ष्मी थापा पर गोली चलाई। गोली लक्ष्मी के हाथ में लगी, लेकिन सौभाग्यवश वह बच गई। घायल अवस्था में लक्ष्मी को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने लक्ष्मी की बड़ी बहन, राधिका थापा की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। राधिका का कहना है कि आकाश ने घर में घुसकर लक्ष्मी पर हमला किया। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
ब्रेकअप के कारण हुआ अपराध
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी थापा और आरोपी आकाश कश्यप पहले रिलेशनशिप में थे। लेकिन एक साल पहले लक्ष्मी ने आकाश से ब्रेकअप कर लिया था और बातचीत भी बंद कर दी थी। इस बात से आकाश इतना क्रोधित हुआ कि उसने गोली चलाने जैसा कदम उठा लिया। पुलिस का कहना है कि लक्ष्मी फिलहाल खतरे से बाहर है और अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। इस घटना ने लखनऊ में युवाओं में बढ़ते प्रेम प्रसंग संबंधी अपराधों की चिंता को फिर से उजागर कर दिया है।

प्रेम में धोखा खाने के बाद युवती ने की आत्महत्या
लखनऊ में एक और दुखद मामला सामने आया, जहां 24 वर्षीय युवती ने प्रेम में धोखा खाने के बाद आत्महत्या कर ली। यह घटना विभूति खंड थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार, युवती ने फेसबुक पर “लाइव” होकर पहले खुद को परेशान होने की बातें साझा कीं और फिर रस्सी के सहारे अपनी जान दे दी। युवती मूल रूप से अम्बेडकर नगर जिले की रहने वाली थी और लखनऊ में किराए के कमरे में रहती थी। पुलिस ने बताया कि युवती ने पहले एक स्थानीय पत्रकार और एक सेना के जवान के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। युवती ने बताया था कि सेना के जवान ने उसे शादी का झांसा देकर पांच से सात महीने तक धोखा दिया।
फेसबुक लाइव और तत्काल कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, युवती ने गुरुवार सुबह लगभग 5:30 बजे फेसबुक पर लाइव वीडियो किया। मेटा ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस को इसे तोड़ने में समय लगा। युवती को तुरंत डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कहा कि लाइव वीडियो में युवती साफ कहती सुनाई देती है कि वह अभिनय नहीं कर रही है और वास्तव में आत्महत्या करेगी। हालांकि उसने किसी का नाम नहीं लिया। यह घटनाक्रम प्रेम में धोखा और मानसिक दबाव की वजह से युवाओं में उत्पन्न गंभीर समस्याओं की चेतावनी देता है।
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असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी करेगी मौजूदा विधायकों को बड़े पैमाने पर बदलने की तैयारी
असम विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा (BJP) अपने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। पार्टी का उद्देश्य मौजूदा सत्ताधारी नेताओं में से उन विधायकों को टिकट न देना है जिन पर अल्प-अल्प विरोध या जनविरोधी छवि हो। सूत्रों के अनुसार, पार्टी लगभग 25-30 नए उम्मीदवारों को मैदान में उतार सकती है ताकि वोटरों की थकान को कम किया जा सके और सत्ता बरकरार रखने की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके। यह कदम पार्टी की तीसरी बार लगातार सत्ता में बने रहने की रणनीति का हिस्सा है।
चुनावी तैयारियों का तेजी से बढ़ता दबाव
बीजेपी की चुनावी तैयारियों में तेजी आ गई है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग मार्च के दूसरे सप्ताह में चुनाव तिथि घोषित कर सकता है। इसके बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होगा। चुनावी प्रक्रिया के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर रखा जाएगा, जिससे मतदान की संभावित तारीख अप्रैल के पहले सप्ताह में हो सकती है। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में चुनाव लड़े जाने की संभावना है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता असम में चुनावी रणनीति का केंद्रीय हिस्सा है।

चुनावी मुद्दों पर रणनीति: मैक्रो और माइक्रो लेवल
बीजेपी ने अपने चुनावी अभियान के लिए मुद्दों को दो श्रेणियों में बांटा है—मैक्रो और माइक्रो। मैक्रो स्तर पर पार्टी अवैध प्रवासन, राज्य और केंद्र सरकार की विकास योजनाएं, मोदी सरकार के तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, हिन्दुत्व, महिलाओं का सशक्तिकरण और कांग्रेस नेताओं, विशेषकर गौरव गोस्वामी पर आरोपों को प्रमुखता देगी। वहीं, माइक्रो स्तर पर पार्टी स्थानीय और समुदाय-विशिष्ट समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। राज्य सरकार ने गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर लगभग 100 समस्याओं की पहचान की है, जिनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चाय बगान कर्मचारी और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। पार्टी का लक्ष्य इन मुद्दों में अपनी उपलब्धियों के आधार पर वोट मांगना है।
प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों से बढ़ेगा चुनावी अभियान
चुनाव प्रचार को और मजबूत बनाने के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 8 से 10 रैलियों के लिए समय मांगा है। यह संकेत देता है कि पार्टी सक्रिय और आक्रामक प्रचार करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि मोदी की उपस्थिति न केवल जनसमर्थन बढ़ाएगी, बल्कि असम में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करेगी। इस बार का चुनाव असम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, और पार्टी की संगठनात्मक और प्रचार रणनीति इसे प्रभावी बनाने के लिए तैयार है।
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Political News: कांग्रेस हाई कमान बोरा को मनाने में लगी, बोरा ने मांगा अंतिम फैसला लेने का समय
Political News: असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की। इस खबर ने कांग्रेस को झटका दिया, जबकि भाजपा ने इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की। शाम तक खबर आई कि बोरा ने इस्तीफा वापस ले लिया है, वहीं मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वह मंगलवार को उनसे मुलाकात करेंगे।
#WATCH | Mirzapur, UP | On former Assam Congress chief Bhupen Borah, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "I don't think that he has withdrawn his resignation. I spoke with him by phone, and he invited me to his residence at 7 tomorrow…I want him to join the BJP as he is the last… pic.twitter.com/FoRq233H6q
— ANI (@ANI) February 16, 2026
मुख्यमंत्री सरमा का बयान और भाजपा में शामिल होने की संभावना
उत्तर प्रदेश दौरे पर रहे मुख्यमंत्री सरमा ने मिर्जापुर में कहा, “मुझे नहीं लगता कि उन्होंने इस्तीफा वापस लिया है। मैंने उनसे फोन पर बातचीत की है और उन्होंने मुझे अपने घर आने का निमंत्रण दिया है। अगर इस्तीफा वापस लिया होता, तो ऐसा निमंत्रण क्यों दिया जाता?” उन्होंने आगे कहा, “संभावना है कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। मैं चाहता हूँ कि वह भाजपा में आएं क्योंकि वह असम में कांग्रेस के अंतिम हिंदू नेता हैं।”

कांग्रेस हाई कमान की कोशिश और बोरा का बयान
कांग्रेस हाई कमान ने बोरा को मनाने की कोशिश की। राज्य कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने बोरा से बातचीत की और उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता गौरव गोस्वामी, प्रद्युत बोड़ोलोई, देबब्रत सैकिया और अन्य विधायकों ने भी बोरा के घर जाकर उन्हें मनाने की कोशिश की। हालांकि, बोरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हाई कमान से निर्णय पर विचार करने के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और वरिष्ठ नेताओं से सलाह लेकर फैसला करेंगे।
भूपेन बोरा का मुख्यमंत्री के घर आने पर बयान
भूपेन बोरा ने कहा, “यदि कोई मुख्यमंत्री मेरे घर आना चाहता है, तो यह गर्व की बात है।” उन्होंने सरमा के कांग्रेस छोड़ने का जिक्र करते हुए कहा, “एक समय सरमा को भी पार्टी छोड़नी पड़ी क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। यह आंतरिक राजनीति है। यह राजनीति कितनी देर तक चलेगी?” भूपेन बोरा कांग्रेस के साथ लगभग 32 साल से जुड़े हैं और बिहपुरिया विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने पहले कहा था कि यदि बोरा भाजपा में आते हैं तो उन्हें सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने में मदद मिलेगी।
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