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‘ChiChi Call’ वायरल वीडियो स्कैम: ऑनलाइन यूजर्स को बनाया जा रहा शिकार
इंटरनेट पर एक नया स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसे ‘ChiChi Call’ वायरल वीडियो या वेरा हिल (Vera Hill) लीक वीडियो के नाम से पेश किया जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स को इन लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाया जाता है। यह दावा किया जा रहा है कि फिलीपींस की इंफ्लुएंसर वेरा हिल का निजी वीडियो लीक हो गया है। हालांकि, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा कोई वीडियो मौजूद नहीं है और यह पूरी योजना ऑनलाइन ठगी का हिस्सा है। इस घोटाले का मकसद यूजर्स का पर्सनल डेटा चुराना और संवेदनशील जानकारी हासिल करना है।
वेरा हिल और वायरल वीडियो की असली स्थिति
वेरा हिल, जिन्हें ऑनलाइन ChiChi के नाम से जाना जाता है, फिलीपींस के Siargao से हैं और पॉपुलर लाइफस्टाइल और ट्रैवल इंफ्लुएंसर हैं। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही क्लिप्स का वेरा हिल से कोई संबंध नहीं है। एनालिस्ट्स ने पुष्टि की कि वायरल लिंक या तो एडिटेड हैं या किसी और वीडियो को जोड़कर फर्जी बनाया गया है। टिकटॉक, फेसबुक, टेलीग्राम और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर जो लिंक शेयर किए जा रहे हैं, वे नकली और खतरनाक हैं। इस तरह के स्कैम से फॉलोअर्स के डेटा और ब्राउज़र गतिविधियों को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।
ऑनलाइन ठगी की तकनीक और खतरनाक मैलवेयर
स्कैमर्स SEO पॉइजनिंग तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। वे ब्लॉग पोस्ट और सोशल मीडिया अकाउंट्स में कीवर्ड डालकर सर्च रिजल्ट्स में दिखाई देते हैं, जैसे “ChiChi Video Call Full” और “ChiChi Vera Hill Vial Link”। यूजर्स इन लिंक पर क्लिक करते ही नकली स्ट्रीमिंग पेज या फेसबुक लॉगिन वैरिफिकेशन पेज पर चले जाते हैं। कई बार उन्हें ब्राउज़र प्लगइन इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है, जो असल में मैलवेयर होता है। यह मैलवेयर कीबोर्ड पर टाइप की गई जानकारी, बैंकिंग क्रेडेंशियल और व्यक्तिगत डेटा चुरा सकता है। बार-बार अलग-अलग पेज पर रीडायरेक्ट होना और वीडियो देखने के लिए प्लगइन इंस्टॉल करने का मैसेज मैलवेयर का साफ संकेत है।
कानूनी खतरे और सावधानी की सलाह
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और भारतीय दंड संहिता के तहत गैर-सहमति से अंतरंग सामग्री बनाना, शेयर करना या फैलाना गंभीर अपराध है। अगर कोई व्यक्ति ‘ChiChi Call’ या ऐसे किसी फेक वीडियो को साझा करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यूजर्स को किसी भी वायरल वीडियो की प्रामाणिकता जांचने के बाद ही क्लिक करना चाहिए। किसी भी अवैध या हानिकारक सामग्री को शेयर करने से बचना चाहिए और व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखना चाहिए।