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Chhath Puja 2025: चार दिवसीय छठ उत्सव का आरंभ, PM मोदी ने सभी उपवासियों को भेजा आशीर्वाद, हरियाली और प्रकृति की महिमा का संदेश
Chhath Puja 2025: छठ महापर्व शनिवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ। यह चार दिवसीय पर्व पूरे देश सहित विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में छठ के अवसर पर घाटों पर भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर देशवासियों को अपनी शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आज से चार दिवसीय महान पर्व छठ नहाय-खाय के पावन आयोजन के साथ शुरू हो रहा है और मैं सभी भक्तों को दिल से शुभकामनाएँ देता हूँ।
संस्कार और संस्कृति का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि छठ पर्व हमारे सांस्कृतिक जीवन का प्रतीक है। इसकी सरलता, नियमों के प्रति निष्ठा और पवित्रता अतुलनीय है। छठ घाटों पर भक्तों द्वारा किए जाने वाले दृश्य परिवार और समाज में सामंजस्य का अद्भुत प्रेरक हैं। यह प्राचीन परंपरा समाज पर गहरा प्रभाव डालती आई है। इस पर्व में सूर्य देव को अर्घ्य देने की प्रथा लोगों को संयम और श्रद्धा की सीख देती है।
नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ आज से चार दिवसीय महापर्व छठ का शुभारंभ हो रहा है। बिहार सहित देशभर के श्रद्धालुओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को मेरा नमन और वंदन!
— Narendra Modi (@narendramodi) October 25, 2025
विश्वभर में छठ महापर्व का उत्सव
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज छठ महापर्व विश्व के हर कोने में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। भारतीय परिवार, चाहे वे देश में हों या विदेशों में, पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ इस पर्व की परंपराओं में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि छठी मईया सभी पर अपनी अपार कृपा बरसाएँ। यह पर्व न केवल भक्ति का प्रतीक है बल्कि प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण के प्रति आदर का संदेश भी देता है।
भक्ति, प्रकृति और प्रेम का संगम
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि छठ महापर्व विश्वास, पूजा और प्रकृति के प्रति प्रेम का अद्वितीय संगम है। सूर्यास्त और सूर्योदय के समय अर्घ्य देने के साथ-साथ प्रसाद में भी प्रकृति के विविध रंग समाहित होते हैं। छठ पूजा के गीत और भजन श्रद्धा और प्रकृति के प्रति प्रेम से भरपूर होते हैं। ये गीत और नाद परिवार और समाज में सामंजस्य और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं।
शारदा सिन्हा की याद और लोकगीतों का महत्व
प्रधानमंत्री ने याद किया कि उन्होंने कल बेगूसराय का दौरा किया। बिहार की कोकिला शारदा सिन्हा जी का बेगूसराय से विशेष संबंध है। शारदा सिन्हा जी और बिहार के अन्य लोक कलाकारों ने अपनी मधुर गीतों के माध्यम से छठ महापर्व में अद्वितीय उत्साह और ऊर्जा भर दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस महान पर्व पर छठी मईया के ऐसे गीत सभी को मंत्रमुग्ध कर देंगे और पर्व की भक्ति भावना को और मजबूत करेंगे।