Chess Grandmaster: आज पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रही है। बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और पूरे विश्व में नाम कमा रही हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अनोखी पहल की है। उन्होंने कुछ चुनिंदा महिलाओं को एक दिन के लिए अपने डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालने का अवसर दिया है।
इसी कड़ी में, शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. वैशाली आज (8 मार्च) को पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट्स संभाल रही हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में।
PM मोदी के सोशल मीडिया पर वैशाली की पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर वैशाली ने एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा: “नमस्कार, मैं वैशाली हूं और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालकर रोमांचित हूं। जैसा कि आपमें से कई लोग जानते हैं, मैं शतरंज खेलती हूं और मुझे कई टूर्नामेंट्स में अपने प्रिय देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है।”
उनके इस पोस्ट से यह साफ झलकता है कि वे इस अवसर को लेकर बेहद उत्साहित और गर्व महसूस कर रही हैं।
वैशाली का परिचय और जन्म
आर. वैशाली का जन्म 21 जून 2001 को हुआ था। यह खास बात है कि उनका जन्मदिन अब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। वैशाली ने मात्र 6 साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू किया और उनकी यह यात्रा बेहद रोमांचक रही। उन्होंने कई टूर्नामेंट्स और ओलंपियाड्स में सफलता हासिल की है।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी दिया: “आपके रास्ते में कितनी भी बाधाएं क्यों न आएं, अपने सपनों का पीछा करना न छोड़ें। आपकी लगन और जुनून ही आपकी सफलता की कुंजी होगी।”
परिवार का सहयोग और भाई के साथ करीबी रिश्ता
वैशाली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाई को दिया। उनके माता-पिता थिरु रमेशबाबू और थिरुमति नागलक्ष्मी ने हमेशा उनका साथ दिया और उनके सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। उनके भाई प्रज्ञानानंदा भी एक शानदार शतरंज खिलाड़ी हैं और दोनों का आपसी रिश्ता बेहद मजबूत है। वैशाली ने कहा, “मुझे हमेशा बेहतरीन कोच और टीममेट्स मिले, जिससे मेरी सफलता की राह आसान हुई।”
भारत में महिला खिलाड़ियों के लिए बढ़ रहा समर्थन
वैशाली ने इस बात पर भी जोर दिया कि आज का भारत महिला खिलाड़ियों को बहुत अधिक समर्थन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा, “अब खेलों में महिलाओं को प्रशिक्षित करने से लेकर उन्हें विशेष अनुभव देने तक, भारत में बहुत कुछ हो रहा है। यह अद्भुत है।” आज के दौर में सरकारी योजनाएं, खेल छात्रवृत्ति, और सपोर्ट सिस्टम महिला खिलाड़ियों के करियर को नई ऊंचाइयां देने में सहायक बन रहे हैं।
शानदार प्रदर्शन और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित
23 वर्षीय वैशाली आर. एक प्रतिष्ठित शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं। वर्तमान में उनकी FIDE रैंकिंग 2484 है।
उनकी शानदार उपलब्धियों को देखते हुए 2024 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
12 साल की उम्र में मैग्नस कार्लसन को हराया
वैशाली ने बहुत कम उम्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था।
साल 2013 में, मात्र 12 साल की उम्र में, उन्होंने विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को हराकर अपनी क्षमता साबित की।
यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का ही परिणाम था कि वे इतनी कम उम्र में दुनिया की बेहतरीन शतरंज खिलाड़ियों में शामिल हो गईं।
FIDE रैंकिंग सुधारने पर फोकस
वर्तमान में वैशाली का पूरा ध्यान अपनी FIDE रैंकिंग को और बेहतर बनाने पर है।
उनका लक्ष्य है कि वे शतरंज की दुनिया में नई ऊंचाइयों को छुएं और भारत के लिए और भी गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल करें।
प्रधानमंत्री मोदी का महिला दिवस पर खास संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही सोशल मीडिया पर इस खास पहल की घोषणा कर दी थी।
उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा था:
“मैं नरेन्द्र मोदी ऐप ओपन फोरम पर बहुत ही प्रेरणादायक जीवन यात्राओं को साझा होते देख रहा हूं। इन सभी में से कुछ महिलाओं को 8 मार्च, महिला दिवस के अवसर पर मेरे डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालने का अवसर मिलेगा। मैं और अधिक प्रेरणादायक कहानियां साझा करने का अनुरोध करता हूं।”
प्रधानमंत्री की इस पहल से यह स्पष्ट है कि वे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
महिला दिवस पर वैशाली का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वैशाली ने महिलाओं को एक खास संदेश दिया: “हर महिला को अपने सपनों के लिए संघर्ष करना चाहिए। मेहनत और लगन से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि महिला खिलाड़ियों के लिए अब भारत में बेहतरीन अवसर उपलब्ध हैं और उन्हें इनका पूरा लाभ उठाना चाहिए।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैशाली आर. को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स संभालने का अवसर दिया जाना, महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वैशाली ने अपनी मेहनत, समर्पण और सफलता से यह साबित कर दिया है कि यदि कोई अपने सपनों के प्रति दृढ़ संकल्पित हो, तो कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती।
उनकी कहानी न सिर्फ युवा खिलाड़ियों बल्कि सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है।
आज के समय में महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए, क्योंकि अब भारत में महिलाओं के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है।