देश
WC नहीं PWC है कांग्रेस? सर्जिकल स्ट्राइक पर बयान देकर फंसे चन्नी | BJP का पलटवार
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है, जहां उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए इसके सबूत मांग लिए। उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।
क्या कहा चरणजीत सिंह चन्नी ने?
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चन्नी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है।” इसके साथ ही उन्होंने 2019 के पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कहा, “कोई स्ट्राइक नहीं हुई थी, किसी को कुछ नहीं पता चला, न कोई तस्वीर, न कोई वीडियो। मैंने हमेशा इसके सबूत मांगे हैं।”
बीजेपी ने किया तीखा हमला
चन्नी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी बाहर से भले ही कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) दिखती हो, लेकिन अंदर से यह पाकिस्तान वर्किंग कमेटी (PWC) बन चुकी है।” पात्रा ने कहा कि इस तरह के बयान सेना के मनोबल को गिराते हैं और पाकिस्तान जैसे देश का हौसला बढ़ाते हैं।
“कांग्रेस पाकिस्तान को देती है ऑक्सीजन” – पात्रा
पात्रा ने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा आतंकियों और पाकिस्तान की नीतियों का समर्थन करती दिखती है। उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेताओं सैफुद्दीन सोज और सिद्धारमैया के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता बार-बार पाकिस्तान के पक्ष में खड़े नजर आते हैं।
सियासी बवाल जारी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश पहले ही पहलगाम हमले से स्तब्ध है और विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। चन्नी का सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाना कांग्रेस की स्थिति को और कठिन बना सकता है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना चाहता है, वहीं सेना से जुड़ी कार्रवाईयों पर संदेह जताना जनता के बीच गलत संदेश भी भेज सकता है।
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रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कोस्ट गार्ड में शामिल किया भारत का पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत
सोमवार को भारत की समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने गोवा के वास्को में स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में देश के पहले स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को भारतीय तटरक्षक बल (ICG) में औपचारिक रूप से शामिल किया। यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, समुद्री कानून प्रवर्तन, खोज और बचाव कार्यों के साथ-साथ भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।
स्वदेशी पोत ‘समुद्र प्रताप’ की विशेषताएं
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित यह पोत 114.5 मीटर लंबा है और इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह 4,200 टन वजनी पोत 22 नॉट्स से अधिक की गति से चलने में सक्षम है। ‘समुद्र प्रताप’ समुद्री प्रदूषण नियंत्रण नियमों के पालन के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव कार्य करने में सक्षम होगा। दिसंबर में इसे औपचारिक रूप से तटरक्षक बल को सौंप दिया गया था। यह पोत भारत के समुद्री सामर्थ्य और स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
समुद्र प्रताप, भारत की पहली स्वदेशी रूप से design की गई, pollution control vessel है और coast guard fleet की अब तक की सबसे बड़ी पोत भी है। आप इसका आकार देखिये, 4,170 टन का displacement और 115 मीटर की लंबाई अपने आप में इसकी विशालता को दिखाती है। 22 नॉट्स की speed इसकी operational…
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) January 5, 2026
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विचार
समारोह में उपस्थित गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत मानता है कि समुद्री संसाधन किसी एक देश की संपत्ति नहीं बल्कि मानवता की साझा विरासत हैं। जब विरासत साझा होती है तो जिम्मेदारी भी साझा होती है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने आज एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति के रूप में खुद को स्थापित किया है। रक्षा मंत्री ने यह भी जोर दिया कि महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी सरकार का एक प्रमुख लक्ष्य है।
महिला सशक्तिकरण और तटरक्षक बल में महिलाओं की भूमिका
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर पूरी गंभीरता से काम किया है, जो देश के लिए गर्व की बात है। महिलाओं को पायलट, पर्यवेक्षक, हवाई यातायात नियंत्रक और लॉजिस्टिक्स अधिकारी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। साथ ही, उन्हें होवरक्राफ्ट ऑपरेशन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है और वे फ्रंटलाइन ऑपरेशनों में सक्रिय रूप से तैनात हैं। उन्होंने कहा, “आज महिलाएं केवल सहायक भूमिकाओं में नहीं हैं, बल्कि वे फ्रंटलाइन योद्धाओं के रूप में सेवा दे रही हैं।” तटरक्षक बल के अनुसार ‘समुद्र प्रताप’ की सेवा में शामिल होना भारत की जहाजी और समुद्री क्षमता विकास में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम है।
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