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Budget 2026: बजट के लाल ब्रीफकेस के पीछे छुपा है यह चौंकाने वाला राज़

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हर साल जब भारत का बजट पेश किया जाता है तो एक चीज सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करती है—वित्त मंत्री का हाथ में लाल रंग का ब्रीफकेस। यह लाल ब्रीफकेस बजट की पहचान बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह लाल ब्रीफकेस क्यों होता है और इसके पीछे क्या कहानी है?

दरअसल, इस परंपरा की शुरुआत भारत में ब्रिटिश राज के समय हुई थी। ब्रिटेन में सदियों से सरकारी और कानूनी दस्तावेजों को लाल रंग के कवर में रखा जाता था क्योंकि लाल रंग को सत्ता, अधिकार और गंभीर फैसलों का प्रतीक माना जाता था। जब अंग्रेज भारत में शासन कर रहे थे, तब उन्होंने इस परंपरा को यहां भी लागू किया। भारत का पहला बजट 1860 में पेश किया गया था और तब से यह लाल ब्रीफकेस का सिलसिला शुरू हुआ।

लाल रंग सिर्फ दिखावे का हिस्सा नहीं है। यह जिम्मेदारी, शक्ति और गंभीरता का प्रतीक है। बजट एक ऐसा दस्तावेज होता है जो देश की आर्थिक दिशा तय करता है। इसलिए इसे इस खास रंग में रखा जाता था ताकि यह साफ हो सके कि इसमें देश की नीतियों और भविष्य की योजनाओं का निर्णय छुपा है।

समय के साथ यह लाल ब्रीफकेस आम जनता के लिए बजट का प्रतीक बन गया। लोग टीवी पर वित्त मंत्री के हाथों में लाल ब्रीफकेस देखते ही बजट की घोषणा का इंतजार करने लगते थे।

हालांकि 2019 में पहली बार इस परंपरा को तोड़ा गया और लाल ब्रीफकेस की जगह एक लाल फोल्डर को अपनाया गया, जो पुराने औपनिवेशिक दौर से अलग होने का संकेत था। लेकिन लाल रंग का इतिहास आज भी बजट की कहानी का अहम हिस्सा बना हुआ है।

तो यह लाल ब्रीफकेस सिर्फ एक बैग नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक और प्रशासनिक इतिहास का गवाह है। हर बजट के साथ यह रंग हमें उस शक्ति, जिम्मेदारी और परंपरा की याद दिलाता है जो देश के विकास का आधार है।

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