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Samsung Galaxy S24 Ultra पर बड़ी कीमत कटौती, अब बेहद सस्ते में खरीदें प्रीमियम स्मार्टफोन

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Samsung Galaxy S24 Ultra पर बड़ी कीमत कटौती, अब बेहद सस्ते में खरीदें प्रीमियम स्मार्टफोन

सैमसंग ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S24 Ultra की कीमत में भारी कटौती कर दी है, जिससे यह फोन अब पहले की तुलना में काफी सस्ता मिल रहा है। ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर चल रही Year End Sale में यह स्मार्टफोन बंपर डिस्काउंट के साथ उपलब्ध है। सैमसंग के इस प्रीमियम फोन की सबसे बड़ी खासियत इसका 200MP कैमरा, दमदार प्रोसेसर और शक्तिशाली परफ़ॉर्मेंस है। यह फोन भारत में 256GB और 512GB स्टोरेज विकल्पों में उपलब्ध है, और भारी छूट के चलते इसे खरीदने का यह सही मौका माना जा रहा है।

इतनी कम हो गई Samsung Galaxy S24 Ultra की कीमत

Samsung Galaxy S24 Ultra को कंपनी ने भारत में 12GB RAM + 256GB वेरिएंट के लिए ₹1,34,999 की कीमत पर लॉन्च किया था। वहीं 12GB RAM + 512GB मॉडल भी इसी प्रीमियम रेंज में पेश किया गया था। लेकिन फ्लिपकार्ट की मौजूदा सेल में यह फोन केवल ₹98,999 में खरीदा जा सकता है। यानी कीमत में लगभग 26% की कटौती की गई है, जो ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है। इसके अलावा बैंक ऑफ़र के तहत अतिरिक्त छूट भी मिल रही है। इतना ही नहीं, पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर ग्राहकों को ₹68,050 तक का एक्सचेंज बोनस भी मिल सकता है। कुल मिलाकर, यह प्रीमियम फोन अब बजट में फिट होने वाला एक शानदार डील बन गया है।

Samsung Galaxy S24 Ultra पर बड़ी कीमत कटौती, अब बेहद सस्ते में खरीदें प्रीमियम स्मार्टफोन

Samsung Galaxy S24 Ultra के दमदार फीचर्स और बेहतरीन परफॉर्मेंस

सैमसंग का यह फ्लैगशिप स्मार्टफोन 6.7 इंच के Dynamic AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है, जो 3120 × 1440 पिक्सल रेजोल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। डिस्प्ले बेहद शार्प, ब्राइट और स्मूथ विज़ुअल्स प्रदान करता है। फोन में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 3 प्रोसेसर दिया गया है, जो इसे बेहद पावरफुल और तेजी से काम करने वाला डिवाइस बनाता है। इसमें 16GB तक RAM और 512GB तक स्टोरेज का विकल्प मिलता है। फोन में S-Pen सपोर्ट भी दिया गया है, जो नोट्स, डिज़ाइनिंग और प्रोडक्टिविटी के लिए बेहतरीन है। इसके अलावा, इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया गया है।

बेहतरीन बैटरी, मजबूत कैमरा सिस्टम और शानदार कनेक्टिविटी

Samsung Galaxy S24 Ultra Android 14 पर आधारित OneUI पर चलता है। इसमें 5000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 45W वायर्ड और वायरलेस फास्ट चार्जिंग दोनों को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें डुअल 5G SIM सपोर्ट, NFC, WiFi, Bluetooth और S-Pen जैसे सभी आधुनिक फीचर्स मौजूद हैं। फोन के बैक में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 200MP का मुख्य कैमरा इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इसके अलावा इसमें 50MP, 12MP और 10MP के तीन अतिरिक्त कैमरे शामिल हैं, जो शानदार ज़ूम, अल्ट्रा-वाइड और पोर्ट्रेट फोटोग्राफी प्रदान करते हैं। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा मिलता है।

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Apple का नया AI वियरेबल डिवाइस अगले साल होगा लॉन्च, होगा OpenAI को टक्कर

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Apple का नया AI वियरेबल डिवाइस अगले साल होगा लॉन्च, होगा OpenAI को टक्कर

टेक जगत में खबर है कि Apple अगले साल एक नया पहनने योग्य (wearable) AI डिवाइस लॉन्च कर सकता है। यह डिवाइस आकार में एयरटैग के समान होगा, लेकिन यह Apple के लिए एक नया प्रयोग भी होगा। कंपनी इस डिवाइस के जरिए अपनी स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइस मार्केट में मजबूत करना चाहती है। यह डिवाइस एक पतली और गोलाकार डिस्क के रूप में होगा, जिसमें एल्यूमिनियम और ग्लास की फिनिश हो सकती है। इसकी डिजाइन और तकनीकी खूबियों को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं जो इसे बाजार में अनोखा बनाती हैं।

कैमरे और ऑडियो फीचर्स से लैस होगा डिवाइस

इस छोटे डिवाइस में दो कैमरे फ्रंट पर होंगे। एक सामान्य लेंस होगा और दूसरा वाइड-एंगल लेंस होगा, जो यूजर के आसपास का फोटो और वीडियो कैप्चर कर सकेगा। इसके अलावा, इसमें तीन माइक्रोफोन भी होंगे जो आसपास की आवाज़ को पकड़ेंगे और एक बिल्ट-इन स्पीकर भी मौजूद होगा। डिवाइस के साइड में एक फिजिकल बटन होगा, जिससे इसे कंट्रोल किया जा सकेगा। इसे चार्ज करने के लिए मैग्नेटिक इंडक्टिव चार्जिंग सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा, जो Apple वॉच की तरह काम करेगा। इन खूबियों के साथ यह डिवाइस तकनीकी दृष्टि से काफी एडवांस होगा।

OpenAI के पहनने योग्य डिवाइस से मुकाबला

Apple का यह डिवाइस अभी विकास के प्रारंभिक चरण में है। कंपनी इसे OpenAI के पहले पहनने योग्य डिवाइस के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है। OpenAI का यह डिवाइस इस साल के दूसरे भाग में लॉन्च होने की संभावना है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि Apple का डिवाइस एक स्वतंत्र प्रोडक्ट के रूप में काम करेगा या फिर एयरपॉड्स और स्मार्ट ग्लासेस जैसे अन्य डिवाइसेज पर निर्भर रहेगा। लेकिन दोनों कंपनियां AI पहनने योग्य तकनीक में एक-दूसरे को टक्कर देने के लिए तैयार हैं।

OpenAI का ऑडियो डिवाइस “Sweetpea”

OpenAI, जो ChatGPT का निर्माता है, अपनी तरफ से भी एक ऑडियो डिवाइस लॉन्च करने वाला है, जिसे संभवतः सितंबर तक बाजार में लाया जाएगा। इस डिवाइस का नाम “Sweetpea” हो सकता है और यह इयरफोन के आकार में होगा। यह डिवाइस पूरी तरह वॉइस कंट्रोल्ड होगा और इसमें ChatGPT का इंटीग्रेशन होगा। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह डिवाइस इयरफोन जैसा दिखेगा, लेकिन इसमें स्मार्टफोन के कंपोनेंट्स का इस्तेमाल होगा, जिससे इसकी कीमत काफी अधिक हो सकती है। इसे एक छोटे कंप्यूटर के रूप में भी देखा जा रहा है जो यूजर को AI के जरिए संवाद करने की सुविधा देगा।

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Smartphone Lost in Train: रेलवे में मोबाइल चोरी पर बड़ी कार्रवाई, IMEI ब्लॉक कर फोन होगा बेकार

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Smartphone Lost in Train: रेलवे में मोबाइल चोरी पर बड़ी कार्रवाई, IMEI ब्लॉक कर फोन होगा बेकार

Smartphone Lost in Train: अगर आपकी मोबाइल फोन ट्रेन में या स्टेशन पर यात्रा के दौरान खो जाए या चोरी हो जाए तो उसे वापस मिलने की संभावना अब काफी बढ़ गई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और दूरसंचार विभाग (DoT) ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है जिससे यात्रियों को मदद मिलेगी। अब RPF ने DoT के केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल से आधिकारिक तौर पर जुड़ाव कर लिया है। CEIR पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से खोया या चोरी हुआ मोबाइल फोन का IMEI नंबर ब्लॉक किया जा सकता है। इससे न केवल फोन का उपयोग असंभव हो जाता है बल्कि उसे ट्रैक करना भी आसान हो जाता है। यह सुविधा पहले पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में सफलतापूर्वक शुरू की गई थी और अब पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में लागू कर दी गई है, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ होगा।

डिजिटल तकनीक के जरिए रेलवे सुरक्षा में बड़ा सुधार

CEIR पोर्टल की शुरुआत और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान RPF के महानिदेशक मनोज यादव ने बताया कि DoT के साथ यह साझेदारी रेलवे सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डिजिटल तकनीक का उपयोग यात्रियों को पारदर्शी और भरोसेमंद तरीका प्रदान करेगा जिससे मोबाइल फोन की बरामदगी आसान हो जाएगी। इस कदम से जनता का रेलवे में विश्वास और मजबूत होगा। अब RPF तुरंत ही CEIR पोर्टल के जरिए खोए या चोरी हुए फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कर सकेगा। एक बार ब्लॉक हो जाने पर फोन न तो इस्तेमाल किया जा सकेगा और न ही अवैध रूप से बेचा जा सकेगा। साथ ही जब भी कोई नया सिम फोन में लगाता है, तो सिस्टम को तुरंत सूचना मिल जाती है।

शिकायत कैसे करें और फोन कैसे पाएं वापस

अगर आपकी मोबाइल फोन ट्रेन यात्रा के दौरान खो जाती है तो आप रेल मदद पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं या 139 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यदि आप FIR दर्ज नहीं कराना चाहते तो CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में भी मदद मिलती है। शिकायत दर्ज होने के बाद RPF की ज़ोनल साइबर सेल IMEI नंबर ब्लॉक कर देती है। जब भी फोन किसी नए सिम के साथ सक्रिय होगा, तो उसे उपयोग करने वाले को नजदीकी RPF पोस्ट पर फोन जमा करने का आदेश दिया जाता है। इसके बाद असली मालिक आवश्यक दस्तावेज दिखाकर अपना फोन वापस ले सकता है। यदि कोई सहयोग नहीं करता है तो FIR दर्ज कराई जाती है और मामला जिला पुलिस के पास भेज दिया जाता है। फोन मिलने के बाद मालिक CEIR पोर्टल के जरिए IMEI को अनब्लॉक करने का भी अनुरोध कर सकता है।

पूरे देश में लागू, यात्रियों को मिली बड़ी राहत

मई 2024 में शुरू हुए पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद यह सुविधा अब पूरे देश में लागू कर दी गई है। RPF का मानना है कि इस पहल से न केवल मोबाइल फोन चोरी पर काफी हद तक रोक लगेगी, बल्कि यात्रियों को अपने खोए हुए फोन जल्दी और सुरक्षित तरीके से वापस मिलने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही RPF का ऑपरेशन अमानत भी यात्रियों के खोए हुए सामान को वापस दिलाने में सक्रिय रहा है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच ऑपरेशन अमानत के तहत 84 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमती सामान बरामद कर 1.15 लाख से अधिक यात्रियों को लौटाया जा चुका है। CEIR के साथ जुड़ाव से अब मोबाइल फोन की सुरक्षा और भी मजबूत होगी और यात्रियों को इस डिजिटल युग में रेलवे पर भरोसा और बढ़ेगा।

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एलन मस्क को बड़ा झटका, मोबाइल पर Threads ने X को डेली यूजर्स में पछाड़ा

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एलन मस्क को बड़ा झटका, मोबाइल पर Threads ने X को डेली यूजर्स में पछाड़ा

सोशल मीडिया की दुनिया में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं और इसी कड़ी में मेटा ने एलन मस्क को एक बड़ा झटका दिया है। मेटा की माइक्रोब्लॉगिंग ऐप Threads ने मोबाइल प्लेटफॉर्म पर डेली एक्टिव यूजर्स के मामले में X को पीछे छोड़ दिया है। सिमिलरवेब की रिपोर्ट के मुताबिक एंड्रॉयड और iOS यूजर्स में Threads अब X से आगे निकल चुकी है। यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि Threads को खासतौर पर ट्विटर यानी मौजूदा X की तर्ज पर ही लॉन्च किया गया था। शुरुआत में जहां Threads को लेकर काफी संदेह था वहीं अब यह ऐप तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रही है। बीते कुछ महीनों में Threads की ग्रोथ ने यह साफ कर दिया है कि यूजर्स के बीच इसका भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

मोबाइल प्लेटफॉर्म पर Threads की मजबूत पकड़

रिपोर्ट के अनुसार 7 जनवरी 2026 तक मोबाइल प्लेटफॉर्म्स पर Threads के 141.5 मिलियन डेली एक्टिव यूजर्स दर्ज किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर X के एंड्रॉयड और iOS यूजर्स की संख्या करीब 125 मिलियन रही। यह आंकड़ा बताता है कि मोबाइल यूजर्स के बीच Threads ने साफ बढ़त बना ली है। इसके पीछे मेटा की रणनीति को बड़ा कारण माना जा रहा है। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर Threads का आक्रामक क्रॉस प्रमोशन किया गया। इससे यूजर्स को नए ऐप से जुड़ने में आसानी हुई। साथ ही Threads ने क्रिएटर्स पर फोकस बढ़ाया और लगातार नए फीचर्स जोड़े जिससे यूजर एंगेजमेंट में भी इजाफा हुआ। यही वजह है कि मोबाइल प्लेटफॉर्म पर Threads की मौजूदगी लगातार मजबूत होती चली गई।

Threads और X के बीच लगातार घटता अंतर

Threads और X के बीच यूजर्स का अंतर पिछले कुछ महीनों से लगातार कम हो रहा था। अगस्त 2025 में मेटा ने खुलासा किया था कि Threads के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 400 मिलियन को पार कर चुकी है। इसके बाद सिर्फ दो महीनों में ही इसके डेली एक्टिव यूजर्स 150 मिलियन के करीब पहुंच गए थे। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में भी यह अंतर साफ नजर आने लगा है। जहां पहले X के डेली यूजर्स Threads से लगभग दोगुने थे वहीं अब यह फासला काफी हद तक कम हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Threads इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही तो आने वाले समय में यह X को और कड़ी टक्कर दे सकती है।

वेब प्लेटफॉर्म पर अब भी X का दबदबा

हालांकि मोबाइल प्लेटफॉर्म पर Threads आगे निकल गई है लेकिन वेब के मामले में X की बादशाहत अभी भी कायम है। सिमिलरवेब के मुताबिक X पर रोजाना करीब 150 मिलियन डेली वेब विजिट दर्ज किए जाते हैं। इसके मुकाबले Threads.com और Threads.net दोनों को मिलाकर सिर्फ 8.5 मिलियन डेली विजिट ही हो पाते हैं। इसका मतलब साफ है कि वेब यूजर्स के बीच फिलहाल X का कोई ठोस विकल्प नहीं बन पाया है। बावजूद इसके मोबाइल यूजर्स में Threads की बढ़त यह संकेत जरूर देती है कि सोशल मीडिया का भविष्य धीरे धीरे मोबाइल की ओर और ज्यादा झुकता जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या Threads वेब प्लेटफॉर्म पर भी X को चुनौती दे पाएगी या नहीं।

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