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GST कटौती का बड़ा असर, शेयर बाजार में छलांग, Sensex 81,000 पार
बुधवार को GST दरों में कटौती की घोषणा का असर गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में साफ देखा गया। बाजार ने जबरदस्त तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। सुबह 9:27 बजे बीएसई सेंसेक्स 81,141.67 के स्तर पर 573.96 अंकों की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा था। इसी तरह, एनएसई निफ्टी भी 24,877.10 के स्तर पर 162.05 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। बुधवार को जीएसटी काउंसिल ने घोषणा की थी कि अब केवल दो स्लैब होंगे, 5% और 18%, जबकि लक्जरी वस्तुओं पर 40% कर लागू किया गया। इस कटौती की घोषणा से बाजार में निवेशकों का मनोबल बढ़ा।
निफ्टी में प्रमुख लाभार्थी और हानिकारक स्टॉक्स
4 सितंबर की शुरुआती ट्रेडिंग में निफ्टी में बाजाज फाइनेंस, एचयूएल, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व और ट्रेंट जैसे शेयर प्रमुख लाभार्थियों के रूप में उभरे। वहीं, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और ओएनजीसी के शेयरों में गिरावट देखी गई। इसके अलावा बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स स्थिर नजर आए। सेक्टोरल लेवल पर ऑटो और एफएमसीजी इंडेक्स लगभग 2-2% बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि मेटल और ऑयल व गैस सेक्टर दबाव में थे।
एफएमसीजी और लाइफ इंश्योरेंस स्टॉक्स में तेजी
जीएसटी कटौती के बाद आज सबसे अधिक लाभ एफएमसीजी स्टॉक्स में देखा गया। ब्रिटानिया, कोलगेट और एमामी जैसे शेयरों में मजबूत तेजी रही। इसी तरह, लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर के शेयरों में भी मजबूती देखी गई। एलआईसी, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ समेत अन्य कंपनियों के शेयरों में 10% तक की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी निवेशकों के भरोसे और बाजार में सुधार के संकेत के रूप में देखी जा रही है।
रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 1 पैसा गिरा
गुरुवार को सुबह के कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसे गिरकर 88.03 पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के लगातार निकासी और डॉलर की मजबूती के चलते रुपए में कमजोरी देखी गई। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, जीएसटी दरों में कटौती से बाजार में निवेशकों का मनोबल बढ़ा और साथ ही वैश्विक तेल की कीमतों में गिरावट ने स्थानीय मुद्रा में गिरावट को सीमित किया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में घरेलू मुद्रा ने 88.09 के स्तर से कमजोर होकर खुला और 87.85 तक मजबूत हुई, लेकिन फिर 88.03 पर वापस आ गई।
बाजार के लिए भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी दरों में कटौती के बाद शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान बढ़ेगा। निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ है और कई सेक्टर में तेजी जारी रह सकती है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक कारक और डॉलर की मजबूती बाजार पर असर डाल सकती है। रुपया और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। निवेशक सतर्क रहते हुए बाजार की चाल को ध्यान में रखकर निवेश करने की सलाह दे रहे हैं। इससे भारतीय बाजार में स्थिरता और निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है।