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Bharat Electronics के शेयरों में उछाल, नए ऑर्डर के बाद निवेशकों में बढ़ा उत्साह

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Bharat Electronics के शेयरों में उछाल, नए ऑर्डर के बाद निवेशकों में बढ़ा उत्साह

Bharat Electronics Share Price: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को डिफेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर करीब दो प्रतिशत तक उछल गया और इंट्राडे ट्रेडिंग में 424 रुपये के आसपास पहुंच गया। बाजार में इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर डिफेंस शेयरों की ओर खींच लिया है। खास बात यह है कि यह उछाल ऐसे समय में आया है जब बाजार में सीमित उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा था। विश्लेषकों के मुताबिक कंपनी को मिले नए ऑर्डर्स की खबर ने शेयरों में इस मजबूती को सहारा दिया है। निवेशक इसे कंपनी के मजबूत कारोबारी भविष्य और ऑर्डर बुक में लगातार हो रही बढ़ोतरी के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

नए ऑर्डर्स से मजबूत हुई ऑर्डर बुक

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने हाल ही में जानकारी दी है कि 1 जनवरी को दिए गए पिछले अपडेट के बाद अब तक उसे करीब 569 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स हासिल हुए हैं। ये ऑर्डर अलग अलग सेगमेंट से जुड़े हुए हैं और कंपनी के डिफेंस और टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो को और मजबूत करते हैं। इनमें ड्रोन की पहचान करने और उन्हें जाम करने वाले सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन उपकरण, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस, सिस्टम अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और उनसे जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। इससे पहले भी कंपनी को 1 जनवरी को ही 569 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स मिले थे, जो कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, फायर डिटेक्शन और फायर सप्रेशन सिस्टम तथा स्पेयर पार्ट्स से संबंधित थे। लगातार मिल रहे इन ऑर्डर्स से साफ है कि कंपनी की ऑर्डर बुक लगातार मजबूत हो रही है और आने वाले समय में इसके राजस्व में स्थिरता बनी रह सकती है।

डिफेंस सेक्टर में कंपनी की अहम भूमिका

नए ऑर्डर्स मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पर और बढ़ता नजर आ रहा है। यह कंपनी देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी नीतियों का भी कंपनी को सीधा फायदा मिल रहा है। ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और आधुनिक कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में कंपनी की मौजूदगी इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी को लगातार मिल रहे सरकारी और संस्थागत ऑर्डर्स इसके लंबे समय के ग्रोथ स्टोरी को मजबूत बनाते हैं। यही वजह है कि हर नए ऑर्डर की खबर पर निवेशक कंपनी के शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और बाजार में इसका असर साफ नजर आता है।

BSE पर शेयरों का हाल और निवेशकों की नजर

शुक्रवार को BSE पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। दोपहर करीब 12 बजे कंपनी का शेयर 1.07 प्रतिशत या 4.45 रुपये की बढ़त के साथ 420.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। दिन की शुरुआत शेयर ने 416.15 रुपये के स्तर से की थी और कारोबार के दौरान इसका उच्चतम स्तर 424.50 रुपये तक पहुंच गया। अगर 52 सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर इस दौरान 435.95 रुपये के उच्च स्तर तक गया है जबकि 52 सप्ताह का निचला स्तर 240.15 रुपये रहा है। इन आंकड़ों से साफ है कि पिछले एक साल में शेयर ने मजबूत रिटर्न दिया है। फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले समय में कंपनी को और कितने नए ऑर्डर्स मिलते हैं और इसका असर शेयर की चाल पर कैसा रहता है।

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National Stock Exchange: 15 जनवरी को शेयर बाजार बंद, जानिए म्युनिसिपल चुनाव की वजह से क्या रहेगा असर

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National Stock Exchange: 15 जनवरी को शेयर बाजार बंद, जानिए म्युनिसिपल चुनाव की वजह से क्या रहेगा असर

National Stock Exchange: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों के चलते स्टॉक मार्केट की छुट्टी को लेकर पहले भ्रम की स्थिति बनी थी। हालांकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि गुरुवार, 15 जनवरी, 2026 को स्टॉक मार्केट पूरी तरह से बंद रहेगा। राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा जारी एक सर्कुलर में यह जानकारी दी गई है कि महाराष्ट्र में चुनावों के कारण इस दिन पूंजी बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी। इसका मतलब है कि इस दिन शेयर बाजार में कोई भी व्यापारिक गतिविधि नहीं होगी।

NSE ने जारी किया आधिकारिक सर्कुलर

NSE ने अपने सर्कुलर में कहा है, “एक्सचेंज सर्कुलर को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए, एक्सचेंज गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के कारण पूंजी बाजार के खंड में ट्रेडिंग छुट्टी घोषित करता है।” पहले खबरें थीं कि यह दिन केवल सेटलमेंट की छुट्टी होगी, लेकिन अब एक्सचेंज ने स्पष्ट किया है कि यह एक ट्रेडिंग हॉलिडे है। इसका मतलब यह हुआ कि पूरे दिन बाजार बंद रहेगा और ट्रेडिंग नहीं होगी। इससे ट्रेडर्स और निवेशकों को अपने प्लान्स में बदलाव करना होगा।

शेयर बाजार के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट का हाल

15 जनवरी को न केवल NSE बल्कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में भी इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज़ लेंडिंग और बोर्रोइंग (SLB), करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग पूरी तरह बंद रहेगी। हालांकि, कमोडिटी मार्केट में इस दिन सुबह का सेशन बंद रहेगा, लेकिन शाम को 5 बजे से ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। इस व्यवस्था से कमोडिटी ट्रेडर्स को थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि वे शाम के सेशन में कारोबार कर सकेंगे।

निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण सूचना

यह फैसला महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों के कारण बाजार में किसी भी तरह की अनिश्चितता को कम करने के लिए लिया गया है। ट्रेडिंग हॉलिडे की घोषणा से पहले कुछ निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच भ्रम था कि 15 जनवरी को केवल सेटलमेंट की छुट्टी होगी, लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि पूरा दिन बाजार बंद रहेगा। इसलिए निवेशकों को अपनी ट्रेडिंग योजनाओं को इस अनुसार बनाना होगा ताकि वे किसी तरह के नुकसान से बच सकें। साथ ही कमोडिटी बाजार में शाम के सत्र की शुरुआत के कारण संबंधित ट्रेडर्स को भी समय के हिसाब से अपने लेन-देन की तैयारी करनी होगी। इस तरह की सूचनाएं समय-समय पर एक्सचेंजों द्वारा जारी की जाती हैं ताकि सभी बाजार प्रतिभागी अपनी गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित कर सकें।

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Anil Agarwal ने खोया अपना प्रिय बेटा अग्निवेश, हार्ट अटैक ने छीना साथ

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Anil Agarwal ने खोया अपना प्रिय बेटा अग्निवेश, हार्ट अटैक ने छीना साथ

संयुक्त राज्य अमेरिका में वेदांता समूह के संस्थापक Anil Agarwal के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल का अचानक निधन हो गया है। अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल न्यूयॉर्क में हार्ट अटैक की वजह से दुनिया से विदा हो गए। कुछ दिन पहले स्कीइंग के दौरान चोट लगने के बाद वे माउंट सीनाई अस्पताल में उपचाराधीन थे। उपचार के दौरान उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। यह खबर वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल और उनके परिवार के लिए अपूरणीय दुःख लेकर आई है।

Anil Agarwal ने सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर को साझा करते हुए लिखा, “हम सोचते थे कि बुरे समय खत्म हो गए, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही सोचा था। अचानक हुए दिल के दौरे ने हमारा बेटा हमसे छीन लिया।” उन्होंने आगे लिखा, “मेरा प्रिय पुत्र अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़ गया। वह केवल 49 वर्ष का था। युवा, जीवंत और सपनों से भरा हुआ। हमने सोचा था कि अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।”

Anil Agarwal का व्यवसायिक सफर और शुरुआती जीवन

Anil Agarwal का जन्म 24 जनवरी 1954 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के मिलर स्कूल से प्राप्त की। बचपन से ही उनकी सीखने की भूख और दृढ़ संकल्प ने उन्हें देश के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक बनने की ओर अग्रसर किया। उनका व्यवसायिक सफर 1970 के दशक के मध्य शुरू हुआ जब उन्होंने धातु के स्क्रैप का व्यापार शुरू किया।

1976 में उन्होंने वेदांता कंपनी की स्थापना की। शुरुआत में वेदांता केवल स्क्रैप मेटल के व्यापार में था। लेकिन अनिल अग्रवाल की मेहनत और दूरदर्शिता ने कंपनी को तेजी से बढ़ाया और वेदांता को धातु उद्योग में एक प्रसिद्ध नाम बना दिया। उनके इस योगदान के कारण उन्हें ‘मेटल किंग’ के नाम से भी जाना जाता है।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय का विस्तार

1986 में अनिल अग्रवाल ने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में कदम रखा और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज की स्थापना की, जो शुरू में जेली-फिल्ड केबल का निर्माण करती थी। कुछ वर्षों के भीतर कंपनी ने तेजी से विस्तार किया और 1993 तक यह देश की पहली निजी क्षेत्र की तांबा गलाने और परिष्कृत करने वाली फैक्ट्री बन गई।

2011 में उन्होंने भारत एल्यूमिनियम कंपनी (BALCO) में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदी और बाद में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में निवेश किया। इन सौदों ने वेदांता को एल्यूमिनियम और जिंक के क्षेत्र में एक विशेष पहचान दिलाई। यह अनिल अग्रवाल के व्यवसायिक जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था जिसने वेदांता को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया।

अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति और वेदांता का वित्तीय आंकड़ा

फोर्ब्स के अनुसार, वर्ष 2026 में अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति लगभग ₹35,000 करोड़ आंकी गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में वेदांता का टर्नओवर लगभग ₹1,31,192 करोड़ रहा। उनके अधिकांश आय के स्रोत वेदांता समूह के विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं।

अनिल अग्रवाल का यह सफर गरीबी से लेकर देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल होने तक की प्रेरणादायक कहानी है। उनके पुत्र अग्निवेश के निधन से वेदांता परिवार और भारतीय उद्योग जगत को गहरा सदमा पहुंचा है। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरी व्यावसायिक दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है।

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India’s GDP Growth: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत की अर्थव्यवस्था को मिलेगा जबरदस्त मजबूती का फायदा

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India's GDP Growth: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत की अर्थव्यवस्था को मिलेगा जबरदस्त मजबूती का फायदा

India’s GDP Growth: पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर में थोड़ी धीमी गति देखी गई थी, लेकिन चालू वित्त वर्ष 2025-26 में फिर से तेज़ी आने की संभावना जताई जा रही है। सरकार के ताजा अनुमान के अनुसार, इस साल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष की 6.5 प्रतिशत दर से बेहतर है। सरकार का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग, निवेश में सुधार और नीतिगत समर्थन से आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और इससे विकास दर बढ़ेगी। यह संकेत देश की आर्थिक स्थिरता और विकास की दिशा में सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है।

सेवा क्षेत्र आर्थिक विकास की अगुवाई करेगा

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में सेवा क्षेत्र सबसे तेज़ी से बढ़ेगा। इसमें फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल एस्टेट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और डिफेंस जैसे सेक्टरों में 9.9 प्रतिशत तक की वृद्धि होने का अनुमान है। इसके अलावा, ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में भी 7.5 प्रतिशत की बढ़त की उम्मीद है। मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर भी 7 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देंगे। इन सभी क्षेत्रों की सक्रियता से पूरे देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विकास का माहौल बनेगा।

इंडिया रेटिंग्स का आर्थिक वृद्धि का अनुमान

साख निर्धारण एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। एजेंसी के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत के अनुसार, कम मुद्रास्फीति के साथ उच्च वृद्धि दर देश के लिए अनुकूल साबित होगी। GST और इनकम टैक्स में कटौती, तथा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे सुधार आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत और बाजार मूल्य पर 9 प्रतिशत के करीब रहने की उम्मीद है, जबकि रुपये का विनिमय दर भी स्थिर रहेगा।

मुक्त व्यापार समझौते और वित्तीय नीति का असर

इंडिया रेटिंग्स ने कहा है कि न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और ओमान के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) विदेशी निवेश को बढ़ावा देंगे और चालू खाता घाटे को नियंत्रित रखने में मदद करेंगे। आने वाले केंद्रीय बजट में सीमा शुल्क नीति और विभिन्न आर्थिक सुधारों पर जोर दिया जाएगा। एजेंसी ने कर राजस्व में कुछ कमी की बात कही है, लेकिन गैर-कर राजस्व और पूंजीगत व्यय में कटौती से इसका संतुलन बनाए रखने की संभावना है। राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के भीतर रहने का अनुमान है, जो आर्थिक स्थिरता के लिए अच्छा संकेत है। इस तरह के कदम भारत की आर्थिक मजबूती और विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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