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Babar Azam PAK vs NZ: कराची में बाबर आज़म ने रच डाली इतिहास, विराट कोहली को छोड़ा पीछे, 6000 रन पूरे किए

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Babar Azam PAK vs NZ: कराची में बाबर आज़म ने रच डाली इतिहास, विराट कोहली को छोड़ा पीछे, 6000 रन पूरे किए

Babar Azam PAK vs NZ: पाकिस्तान के महान बल्लेबाज बाबर आजम ने कराची में इतिहास रच दिया है। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल मैच में बाबर आजम ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया। बाबर आजम इस मैच में 29 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इससे पहले उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया। बाबर आजम ने वनडे क्रिकेट में 6000 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया और इस मामले में भारत के विराट कोहली को भी पीछे छोड़ दिया। बाबर अब वनडे क्रिकेट में 6000 रन बनाने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए हैं।

पाकिस्तान ने लिया टॉस, पहले बल्लेबाजी करने का लिया फैसला

कराची में खेले जा रहे इस फाइनल मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। खबर लिखे जाने तक पाकिस्तान ने 15 ओवरों में 3 विकेट खोकर 63 रन बना लिए थे। बाबर आजम और फखर जमान पाकिस्तान के लिए ओपनिंग करने आए थे। फखर 10 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं, बाबर आजम 34 गेंदों पर 29 रन बनाकर पवेलियन लौटे। बाबर ने 4 चौके और 1 छक्का भी जड़ा। इस मैच में बाबर ने वनडे क्रिकेट में 6000 रन पूरे किए।

बाबर आजम बने सबसे तेज 6000 रन बनाने वाले बल्लेबाज

बाबर आजम ने 123 पारियों में 6000 रन पूरे किए, और इस मामले में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। बाबर आजम ने यह उपलब्धि हासिल कर ली है, लेकिन वह अब इस सूची में दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज हाशिम अमला के साथ पहले स्थान पर हैं। हाशिम अमला ने भी 6000 रन 123 पारियों में पूरे किए थे। बाबर आजम के नाम वनडे क्रिकेट में 19 शतक और 34 अर्धशतक भी हैं।

https://twitter.com/TheRealPCB/status/1890334144942502239

कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा

विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में 6000 रन 136 पारियों में बनाए थे, जबकि बाबर ने केवल 123 पारियों में यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस तरह से बाबर ने विराट कोहली के अलावा न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन और ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर को भी पीछे छोड़ दिया। केन विलियमसन और डेविड वार्नर ने 139 पारियों में 6000 रन पूरे किए थे, लेकिन बाबर आजम ने यह मुकाम 123 पारियों में ही हासिल कर लिया।

बाबर आजम का खेल और आने वाली चैलेंजेस

हाल के कुछ मैचों में बाबर आजम का प्रदर्शन उतना खास नहीं रहा है। हालांकि, उनकी शानदार तकनीक और खेल के प्रति लगन को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही फॉर्म में वापसी करेंगे। बाबर आजम का आखिरी कुछ पारियों में प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ लाहौर ODI में सिर्फ 10 रन पर आउट होना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने कराची में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए ODI में 23 रन बनाए थे।

लेकिन क्रिकेट जगत में बाबर आजम का नाम बड़ी पहचान रखता है, और वह उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में वह अपने खेल का बेहतरीन प्रदर्शन कर सकेंगे। चैंपियंस ट्रॉफी में बाबर के प्रदर्शन से पाकिस्तान की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। यदि वह इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनके रिकॉर्ड और अधिक चमक सकते हैं।

बाबर आजम और पाकिस्तान का भविष्य

बाबर आजम पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं। उनकी बल्लेबाजी से न केवल पाकिस्तान क्रिकेट टीम को फायदा होता है, बल्कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान क्रिकेट की दिशा भी काफी सकारात्मक रही है। बाबर का रिकॉर्ड साबित करता है कि वह भारतीय क्रिकेट के विराट कोहली और अन्य बड़े खिलाड़ियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में सक्षम हैं।

उनके पास आने वाले समय में और भी कई उपलब्धियों के अवसर होंगे, और अगर वह अपने फॉर्म में वापस आते हैं, तो निश्चित ही पाकिस्तान के लिए यह एक बेहतरीन दौर होगा। बाबर की कप्तानी और बल्लेबाजी को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रशंसकों को उनसे और अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

बाबर आजम का वनडे क्रिकेट में 6000 रन पूरे करना न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का अहम मोड़ है, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए भी गर्व की बात है। उनका यह रिकॉर्ड और खेल के प्रति उनका समर्पण दर्शाता है कि वह भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ अपने कदमों से मेल रखते हैं। बाबर आजम का यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड पाकिस्तान क्रिकेट की एक नई ऊंचाई की ओर इशारा करता है, और आने वाले दिनों में वह और भी बड़ी उपलब्धियों को हासिल करने की ओर अग्रसर हैं।

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

Shubman Gill जो कुछ समय पहले तक भारत की टी20 टीम के उपकप्तान थे, अब उस टीम से बाहर हो चुके हैं। उन्हें टी20 इंटरनेशनल में कई मौके मिले, लेकिन वे खुद को उम्मीद के मुताबिक साबित नहीं कर पाए। गिल के बल्ले से रन नहीं निकले और उनकी फॉर्म पर सवाल उठने लगे। अब तो घरेलू क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिल रही है। हाल ही में रणजी ट्रॉफी के एक मैच में वे बिना कोई रन बनाए दो गेंद खेलने के बाद आउट हो गए। इससे साफ है कि गिल का बल्ला फिलहाल चलता नजर नहीं आ रहा है और उनकी खेल में परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

वनडे सीरीज में भी नहीं कर पाए प्रभावित

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में शुभमन गिल ने कुछ मैचों में अच्छी शुरुआत जरूर की, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। टीम को भी इस सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। अब जबकि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज जारी है, गिल को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। इस कारण उन्होंने मौका देखकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की और रणजी ट्रॉफी के मैच में खेलने पहुंचे। लेकिन वहां भी उनका बल्ला चलने के बजाय निराशाजनक प्रदर्शन ही किया।

Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

पंजाब टीम के कप्तान के रूप में कप्तानी की जिम्मेदारी

रणजी ट्रॉफी में पंजाब की टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में है। गुरुवार को विदर्भ के खिलाफ मैच में पहले नमन धीर कप्तान थे, लेकिन गिल की उपलब्धता के बाद कप्तानी उन्हें सौंप दी गई। पंजाब की टीम की बल्लेबाजी जल्दी ही शुरू हुई, क्योंकि सौराष्ट्र की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 172 रन बना सकी। गिल नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन शुरुआती विकेट जल्दी गिरने की वजह से उनका बल्लेबाजी क्रम जल्दी आ गया। इस मैच में गिल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, खासतौर पर रणजी ट्रॉफी जैसे टेस्ट फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाजों को समय लेकर खेलना होता है।

दो गेंद पर शून्य रन पर आउट और फॉर्म की गिरावट

गिल का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में निराशाजनक रहा, वे केवल दो गेंद खेल पाए और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। इससे पंजाब की टीम को एक बड़ा झटका लगा। पिछले कुछ समय से गिल के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, चाहे वो टेस्ट हो, वनडे हो या टी20। वनडे सीरीज से पहले वे विजय हजारे ट्रॉफी में भी सस्ते में आउट हुए थे। यह साफ संकेत है कि शुभमन गिल अपने अच्छे दौर से काफी दूर हैं। उनके फॉर्म में सुधार की जरूरत है, नहीं तो टीम इंडिया में उनका स्थान लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहेगा। फैंस और विशेषज्ञ अब इंतजार कर रहे हैं कि गिल कब अपने खेल को पटरी पर लाते हैं और फिर से टीम के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करते नजर आते हैं।

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ICC T20 World 2026: बांग्लादेश टीम के भारत मैचों पर विवाद, बाहर होने पर स्कॉटलैंड बनेगा विकल्प

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ICC T20 World 2026: बांग्लादेश टीम के भारत मैचों पर विवाद, बाहर होने पर स्कॉटलैंड बनेगा विकल्प

ICC T20 World 2026: ICC टी20 विश्व कप 2026 का शेड्यूल जारी हो चुका है और टूर्नामेंट की तैयारी जोरों पर है। लेकिन इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और ICC के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। बीसीबी ने साफ कह दिया है कि वह भारत में अपने मैच नहीं खेलना चाहता। उनका कहना है कि भारत में सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं है और वे अपना मैच किसी दूसरे स्थान पर खेलना चाहते हैं। हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि इस ऐन वक्त पर कोई बदलाव संभव नहीं है। ICC ने बांग्लादेश को 21 जनवरी तक का समय दिया है ताकि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करे। यदि इस समय तक मामला सुलझा नहीं, तो बांग्लादेश की टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा।

बांग्लादेश में दंगे और खिलाड़ियों को लेकर विवाद

बीसीबी का यह विरोध हाल ही में बांग्लादेश में हुए दंगों और हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों से जुड़ा हुआ है। कई जगहों पर हिंसा फैलने के कारण बांग्लादेश की सुरक्षा स्थिति खराब मानी जा रही है। इसी बीच भारतीय क्रिकेट इंडस्ट्री में भी बांग्लादेश के एक खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को लेकर बड़ा विवाद हुआ। कुछ लोगों ने विरोध किया कि जब बांग्लादेश में अपने ही नागरिकों के साथ अत्याचार हो रहा है, तो मुस्तफिजुर भारत में करोड़ों रुपये लेकर खेलेंगे। इसी विवाद के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्तफिजुर को टीम से बाहर कर दिया। यह कदम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा आघात पहुंचा और उन्होंने भारत में मैच खेलने से इंकार कर दिया।

बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की एंट्री हो सकती है

ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को 21 जनवरी तक फैसला करने का मौका दिया है। यदि बांग्लादेश अपनी मांग पर अड़ा रहता है और भारत में मैच खेलने को तैयार नहीं होता है, तो ICC बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 विश्व कप में शामिल कर सकता है। स्कॉटलैंड की टीम ICC रैंकिंग के अनुसार बांग्लादेश के निकटतम विकल्प के रूप में सामने आई है। अगर ऐसा होता है, तो स्कॉटलैंड बांग्लादेश के ग्रुप में खेलते हुए नजर आएगा। इस निर्णय से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा झटका लगेगा क्योंकि यह पहली बार होगा जब उनका मुख्य टूर्नामेंट से बाहर होना तय होगा।

जल्द निपटारा जरूरी, 7 फरवरी को बांग्लादेश का पहला मुकाबला

बांग्लादेश ने यह भी मांग की है कि उसका ग्रुप बदला जाए और वह ग्रुप बी में शामिल हो जाए, जहां आयरलैंड पहले से मौजूद है। लेकिन आयरलैंड ने इस बदलाव से साफ मना कर दिया है। ऐसे में बीसीबी की यह मांग पूरी होती दिख रही है। 7 फरवरी को बांग्लादेश का पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में तय है, जिससे वक्त बेहद कम बचा है। ICC इस विवाद का जल्द समाधान चाहता है ताकि विश्व कप के अन्य आयोजन सुचारु रूप से हो सकें। अगर बांग्लादेश अपनी मांगों पर कायम रहा, तो ICC के लिए विकल्प कम हो जाएंगे और टीम को बाहर करने का निर्णय लेना पड़ सकता है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा।

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WPL 2026 पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर, RCB टॉप पर, यूपी वॉरियर्स की धमाकेदार वापसी

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WPL 2026 पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर, RCB टॉप पर, यूपी वॉरियर्स की धमाकेदार वापसी

WPL 2026: विमेंस प्रीमियर लीग के चौथे सीजन का पहला चरण 17 जनवरी को नवी मुंबई में समाप्त हो गया। शुरुआती 11 मुकाबले इसी शहर में खेले गए, जिनका आखिरी मैच दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम के बीच हुआ। अब टूर्नामेंट का कारवां वडोदरा की ओर बढ़ चुका है, जहां 19 जनवरी से लीग के बाकी बचे मुकाबले खेले जाएंगे। नवी मुंबई चरण में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिन्होंने प्वाइंट्स टेबल की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। खास बात यह रही कि जिन टीमों की शुरुआत कमजोर रही थी, उन्होंने वापसी के संकेत दिए, जबकि कुछ मजबूत मानी जा रही टीमों को झटके भी लगे। इस चरण के बाद फैंस की नजरें अब वडोदरा में होने वाले मुकाबलों पर टिक गई हैं, जहां से प्लेऑफ की दौड़ और भी दिलचस्प होने वाली है।

आरसीबी का शानदार प्रदर्शन और यूपी वॉरियर्स की वापसी

11 मैचों के बाद अगर प्वाइंट्स टेबल पर नजर डालें तो स्मृति मंधाना की कप्तानी में खेल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम का दबदबा साफ नजर आता है। आरसीबी ने अब तक चार मैच खेले हैं और चारों में जीत हासिल कर टेबल में पहला स्थान मजबूती से पकड़ रखा है। टीम के खाते में आठ अंक हैं और उनका नेट रनरेट 1.600 का है, जो उनके आक्रामक और संतुलित खेल को दर्शाता है। दूसरी ओर यूपी वॉरियर्स की कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। शुरुआती तीन मुकाबलों में लगातार हार झेलने के बाद टीम ने जबरदस्त वापसी की और लगातार दो मैच जीतकर चौथे स्थान पर पहुंच गई। पांच मैचों में चार अंकों के साथ यूपी वॉरियर्स का नेट रनरेट भी सुधरकर -0.483 हो गया है, जिससे साफ है कि टीम ने अपनी गलतियों से सीख लेते हुए खुद को बेहतर किया है।

मुंबई इंडियंस की चुनौती और गुजरात की स्थिरता

डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए यह चरण थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में खेलने वाली मुंबई टीम को अपने पिछले दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर जरूर हुई है। इसके बावजूद टीम पांच मैचों में दो जीत और तीन हार के साथ चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। उनका नेट रनरेट 0.151 है, जो अब भी सकारात्मक है और उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखता है। वहीं गुजरात जायंट्स की टीम ने अब तक संतुलित प्रदर्शन किया है। चार मैचों में दो जीत और दो हार के साथ टीम तीसरे स्थान पर है। उनका नेट रनरेट -0.319 है, जो बताता है कि टीम को कुछ अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है ताकि वह शीर्ष दो में जगह बना सके।

दिल्ली कैपिटल्स की मुश्किलें और आगे की राह

दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब तक का सफर सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने चार मैच खेले हैं, जिनमें से केवल एक में जीत मिली और तीन में हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से दिल्ली कैपिटल्स प्वाइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच गई है। उनका नेट रनरेट -0.856 है, जो उनकी लगातार हार और बड़े अंतर से हार को दर्शाता है। हालांकि टूर्नामेंट अभी लंबा है और वडोदरा चरण में दिल्ली के पास खुद को साबित करने का मौका होगा। अगर टीम अपनी रणनीति में बदलाव करती है और प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन निकाल पाती है, तो वापसी संभव है। आने वाले मुकाबलों में हर जीत और हार प्वाइंट्स टेबल को और भी रोचक बनाएगी, क्योंकि सभी टीमें अब प्लेऑफ की दौड़ में अपनी जगह पक्की करने के लिए पूरा जोर लगाने वाली हैं।

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