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Asia Cup 2025 का आगाज़ – 9 सितंबर से शुरू होगा टी20 रोमांच, ओमान पहली बार उतरेगा मैदान में

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Asia Cup 2025 का आगाज़ – 9 सितंबर से शुरू होगा टी20 रोमांच, ओमान पहली बार उतरेगा मैदान में

Asia Cup 2025 की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 9 सितंबर को खेला जाएगा। इस बार यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में आयोजित हो रहा है, जिसमें कुल 8 टीमें भाग ले रही हैं। इन टीमों को दो अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। खास बात यह है कि पहली बार ओमान की टीम को भी एशिया कप खेलने का मौका मिला है। ओमान क्रिकेट बोर्ड ने इसके लिए 17 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है और कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है 36 वर्षीय जतिंदर सिंह को, जो कि भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं। यह ओमान क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पल है क्योंकि पहली बार उन्हें एशिया के सबसे बड़े टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है।

भारतीय मूल से ओमान क्रिकेट तक का सफर

ओमान टीम के कप्तान जतिंदर सिंह की कहानी संघर्ष और मेहनत से भरी हुई है। उनके पिता गुरमेल सिंह साल 1975 में ओमान गए थे, जहां वे रॉयल ओमान पुलिस में बतौर बढ़ई काम करने लगे। जतिंदर का जन्म 5 मार्च 1989 को पंजाब के लुधियाना में हुआ, लेकिन उनकी शुरुआती पढ़ाई मस्कट में हुई। यहीं से उनके क्रिकेट करियर की नींव पड़ी। शुरुआती दौर में जतिंदर ने भारत में भी कुछ समय क्रिकेट खेला, लेकिन साल 2003 में वे अपने परिवार के साथ स्थायी रूप से ओमान शिफ्ट हो गए। विकेटकीपर-बल्लेबाज जतिंदर को पहले ओमान की अंडर-19 टीम में खेलने का मौका मिला और फिर साल 2015 में सीनियर टीम में जगह बनाई। इसी साल उन्होंने डबलिन में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला। क्रिकेट खेलने के बावजूद जतिंदर को अपने परिवार का खर्च उठाने के लिए सेल्स डिपार्टमेंट में नौकरी भी करनी पड़ती है।

जतिंदर सिंह का इंटरनेशनल करियर

अगर जतिंदर सिंह के इंटरनेशनल करियर पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 61 वनडे मैचों में 1704 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 29.37 रहा है। इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 9 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो जतिंदर ने अब तक 64 मैच खेले हैं और उनमें 1399 रन बनाए हैं। उनका औसत 24.54 रहा है और उन्होंने 8 अर्धशतक लगाए हैं। उनके आंकड़े बताते हैं कि वह ओमान टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं। खासकर टी20 क्रिकेट में उनका अनुभव टीम को एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मजबूती देगा।

एशिया कप में जतिंदर और ओमान से उम्मीदें

एशिया कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में ओमान की एंट्री क्रिकेट की दुनिया में उनके बढ़ते कद को दिखाती है। जतिंदर सिंह के कप्तानी का अनुभव और बल्लेबाजी का जज्बा टीम के लिए बहुत काम आ सकता है। हालांकि, उन्हें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद जतिंदर और उनकी टीम के पास यह सुनहरा मौका होगा कि वे दुनिया को दिखा सकें कि ओमान की क्रिकेट कितनी आगे बढ़ चुकी है। जतिंदर के लिए यह टूर्नामेंट केवल एक कप्तान की भूमिका निभाने का ही नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और मेहनत से दुनिया को प्रेरित करने का भी अवसर है। अगर ओमान अच्छा प्रदर्शन करता है तो यह उनके क्रिकेट भविष्य को नई दिशा दे सकता है।

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T20 WC 2026: बांग्लादेश के खेल पत्रकारों को क्यों किया गया मैच कवर से बैन? जानिए पूरा सच

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T20 WC 2026: बांग्लादेश के खेल पत्रकारों को क्यों किया गया मैच कवर से बैन? जानिए पूरा सच

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ही बांग्लादेश की टीम विवादों में घिर चुकी है। भारत और श्रीलंका में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में बांग्लादेश की टीम तो बाहर हो चुकी है, लेकिन अब खबर आ रही है कि ICC ने बांग्लादेश के खेल पत्रकारों को भी मैच कवर करने से रोक दिया है। यह रोक केवल भारत में नहीं, बल्कि श्रीलंका में होने वाले मैचों के लिए भी लागू होगी।

यह फैसला ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच जारी तनाव का परिणाम है। ICC ने टूर्नामेंट के नियमों के तहत सभी टीमों को निर्धारित स्थानों पर खेलने का निर्देश दिया था, जिसे बांग्लादेश ने स्वीकार नहीं किया। इसके चलते टीम को बाहर कर स्कॉटलैंड को जगह दी गई है। अब ICC ने पत्रकारों को भी एक्रीडेटेशन देने से मना कर दिया है, जिससे बांग्लादेशी मीडिया टीम मैचों को कवरेज नहीं कर पाएगी।

स्कॉटलैंड, जो बांग्लादेश की जगह लेगी, अपने ग्रुप सी मुकाबलों की शुरुआत 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ करेगी। उसके बाद 9 फरवरी को इटली, 14 फरवरी को इंग्लैंड और आखिरी ग्रुप मैच 18 फरवरी को नेपाल के खिलाफ होगा। यह स्कॉटलैंड का सातवां टी20 वर्ल्ड कप होगा।

यह कदम ICC की कड़ी नीति को दर्शाता है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बांग्लादेश के लिए यह बड़ा झटका है, जो न केवल उनके खिलाड़ियों बल्कि मीडिया कर्मियों के लिए भी चुनौती लेकर आया है।

अब देखना होगा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस स्थिति से कैसे उभरता है और क्या भविष्य में ICC के साथ संबंध सुधरेंगे। इस विवाद ने टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच को एक नई राजनीतिक रंगत दे दी है।

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

Shubman Gill जो कुछ समय पहले तक भारत की टी20 टीम के उपकप्तान थे, अब उस टीम से बाहर हो चुके हैं। उन्हें टी20 इंटरनेशनल में कई मौके मिले, लेकिन वे खुद को उम्मीद के मुताबिक साबित नहीं कर पाए। गिल के बल्ले से रन नहीं निकले और उनकी फॉर्म पर सवाल उठने लगे। अब तो घरेलू क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिल रही है। हाल ही में रणजी ट्रॉफी के एक मैच में वे बिना कोई रन बनाए दो गेंद खेलने के बाद आउट हो गए। इससे साफ है कि गिल का बल्ला फिलहाल चलता नजर नहीं आ रहा है और उनकी खेल में परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

वनडे सीरीज में भी नहीं कर पाए प्रभावित

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में शुभमन गिल ने कुछ मैचों में अच्छी शुरुआत जरूर की, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। टीम को भी इस सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। अब जबकि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज जारी है, गिल को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। इस कारण उन्होंने मौका देखकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की और रणजी ट्रॉफी के मैच में खेलने पहुंचे। लेकिन वहां भी उनका बल्ला चलने के बजाय निराशाजनक प्रदर्शन ही किया।

Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

पंजाब टीम के कप्तान के रूप में कप्तानी की जिम्मेदारी

रणजी ट्रॉफी में पंजाब की टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में है। गुरुवार को विदर्भ के खिलाफ मैच में पहले नमन धीर कप्तान थे, लेकिन गिल की उपलब्धता के बाद कप्तानी उन्हें सौंप दी गई। पंजाब की टीम की बल्लेबाजी जल्दी ही शुरू हुई, क्योंकि सौराष्ट्र की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 172 रन बना सकी। गिल नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन शुरुआती विकेट जल्दी गिरने की वजह से उनका बल्लेबाजी क्रम जल्दी आ गया। इस मैच में गिल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, खासतौर पर रणजी ट्रॉफी जैसे टेस्ट फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाजों को समय लेकर खेलना होता है।

दो गेंद पर शून्य रन पर आउट और फॉर्म की गिरावट

गिल का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में निराशाजनक रहा, वे केवल दो गेंद खेल पाए और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। इससे पंजाब की टीम को एक बड़ा झटका लगा। पिछले कुछ समय से गिल के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, चाहे वो टेस्ट हो, वनडे हो या टी20। वनडे सीरीज से पहले वे विजय हजारे ट्रॉफी में भी सस्ते में आउट हुए थे। यह साफ संकेत है कि शुभमन गिल अपने अच्छे दौर से काफी दूर हैं। उनके फॉर्म में सुधार की जरूरत है, नहीं तो टीम इंडिया में उनका स्थान लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहेगा। फैंस और विशेषज्ञ अब इंतजार कर रहे हैं कि गिल कब अपने खेल को पटरी पर लाते हैं और फिर से टीम के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करते नजर आते हैं।

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U19 World Cup में बेन मेयस ने ठोका 191 रन, दोहरा शतक से महज 9 दूर

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U19 World Cup में बेन मेयस ने ठोका 191 रन, दोहरा शतक से महज 9 दूर

U19 World Cup: क्रिकेट की दुनिया में चाहे कितनी भी तेजी से बदलाव आए, डबल सेंचुरी लगाने का रोमांच और मज़ा हमेशा अलग होता है। वनडे क्रिकेट में कई दिग्गज बल्लेबाजों ने यह कारनामा किया है, लेकिन अंडर-19 विश्व कप में अब तक कोई भी खिलाड़ी दोहरा शतक लगाने में सफल नहीं हो पाया था। इस बार के अंडर-19 विश्व कप 2026 में यह मौका दो बार आया, लेकिन दोनों बार बल्लेबाज थोड़े ही रन दूर रह गए। इंग्लैंड के बेन मेयस ने 191 रनों की जबरदस्त पारी खेलते हुए इतिहास रचने से महज 9 रन दूर रहकर सबका दिल जीत लिया। उनकी यह पारी इस टूर्नामेंट की सबसे दमदार पारियों में से एक मानी जा रही है।

बेन मेयस ने ठोक दिए 191 रन, रिकॉर्ड बनाया

इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच हुए मुकाबले में बेन मेयस ने कुल 117 गेंदों का सामना किया और 191 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 18 चौके और आठ छक्के लगाए। मतलब वे अपनी पारी का 120 रन ही boundaries के जरिए बनाए। यह एक शानदार रिकॉर्ड भी है। हालांकि उन्हें दोहरा शतक पूरा करने का मौका मिला, लेकिन एक तेज फुलटॉस गेंद ने उनका खेल रोक दिया। हालांकि, 191 रनों की पारी ने उनकी बल्लेबाजी क्षमता और आक्रामक शैली को दुनिया के सामने खूब उजागर किया। इस पारी ने इंग्लैंड को 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 404 रन बनाने में मदद की, जो यूथ क्रिकेट में एक विशाल स्कोर माना जाता है।

190 से ऊपर रन बनाने वाले तीन बल्लेबाज, लेकिन दोहरा शतक नहीं

बेन मेयस की इस पारी से पहले भी यूथ वनडे क्रिकेट में तीन बल्लेबाज 190 से ज्यादा रन बना चुके हैं, लेकिन किसी ने भी दोहरा शतक पूरा नहीं किया। जनवरी 2026 में श्रीलंका के विरान चामुदिथा ने जापान के खिलाफ 192 रन बनाए, लेकिन वे भी आठ रन दूर रह गए। इससे पहले 2018 में श्रीलंका के ही हसिथा बोयागोडा ने भी 191 रन बनाए थे। इस तरह से तीन बल्लेबाज इस करीब आए, लेकिन दोहरा शतक पूरा कर पाने से चूक गए। यह दर्शाता है कि यूथ क्रिकेट में भी दोहरे शतक का रिकॉर्ड बनाना कितना मुश्किल काम है।

बारिश के बावजूद पूरी हुई 50 ओवर की पारी

मैच के दौरान बीच-बीच में बारिश के कारण खेल कुछ समय के लिए बाधित हुआ। कई बार मैच रुकता और फिर शुरू होता रहा, जिससे ऐसा लगा कि मुकाबला पूरा नहीं हो पाएगा। लेकिन आखिरकार ओवर कम नहीं हुए और पूरे 50 ओवरों का खेल बिना किसी कटौती के पूरा हुआ। बेन मेयस की ताबड़तोड़ पारी ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और टीम ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 6 विकेट के नुकसान पर 404 रन का बड़ा स्कोर हासिल किया। यह प्रदर्शन इंग्लैंड की टीम को टूर्नामेंट में एक कड़ा दावेदार बनाता है। इस पारी के जरिए बेन मेयस ने खुद को भविष्य के लिए एक चमकते हुए सितारे के रूप में स्थापित कर दिया है।

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