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टेक्नॉलॉजी

Apple iPhone 17 Air होगा बिना चार्जिंग पोर्ट वाला पहला फोन, EU से जल्द मिल सकती है मंजूरी

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Apple iPhone 17 Air होगा बिना चार्जिंग पोर्ट वाला पहला फोन, EU से जल्द मिल सकती है मंजूरी

Apple iPhone 17 Air: एप्पल ने एक बार फिर स्मार्टफोन इंडस्ट्री में क्रांति लाने की तैयारी कर ली है। कंपनी अपने आगामी iPhone 17 Air मॉडल को पूरी तरह पोर्टलेस (Portless) लाने जा रही है। यह एप्पल का पहला iPhone होगा जिसमें कोई चार्जिंग पोर्ट नहीं होगा। फोन को चार्ज करने के लिए वायरलेस चार्जिंग तकनीक (Wireless Charging Technology) का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, डेटा ट्रांसफर के लिए क्लाउड सिंकिंग (Cloud Data Sync) का सहारा लिया जाएगा। खास बात यह है कि यूरोपीय संघ (EU) से इस फैसले को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।

iPhone 17 Air में नहीं होगा USB Type C पोर्ट

कुछ समय पहले खबरें सामने आई थीं कि एप्पल अपने नए iPhone 17 Air में USB Type C चार्जिंग पोर्ट नहीं देने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फोन पूरी तरह पोर्टलेस होगा। वर्तमान में एप्पल अपने iPhones में USB Type C पोर्ट का उपयोग कर रहा है, लेकिन अब कंपनी इसे हटाने की योजना बना रही है।

दरअसल, दो साल पहले यूरोपीय संघ (European Union) ने एप्पल पर दबाव बनाया था कि वह अपने डिवाइस में USB Type C चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल करे। इसके चलते एप्पल को अपने iPhone 15 और iPhone 16 सीरीज में लाइटनिंग पोर्ट (Lightning Port) को हटाकर USB Type C पोर्ट लगाना पड़ा था। हालांकि, अब कंपनी पोर्टलेस डिवाइस लाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

EU से मिल सकती है हरी झंडी

9to5Mac की रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 17 Air में USB Type C पोर्ट नहीं होगा। यह फोन पूरी तरह पोर्टलेस होगा, यानी इसमें चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर के लिए केवल वायरलेस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। रिपोर्ट में यूरोपीय आयोग (EU Commission) की प्रेस अधिकारी फेडेरिका मिक्कोली (Federica Miccoli) का बयान भी शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिना पोर्ट वाले फोन EU नियमों के खिलाफ नहीं होंगे।

Apple iPhone 17 Air होगा बिना चार्जिंग पोर्ट वाला पहला फोन, EU से जल्द मिल सकती है मंजूरी

यूरोपीय आयोग का कहना है कि किसी भी वायरलेस डिवाइस को बिना वायर्ड चार्जिंग के भी रिचार्ज किया जा सकता है। इसके लिए कंपनियों को कोई विशेष चार्जिंग समाधान अपनाने की आवश्यकता नहीं होगी। आयोग भविष्य में ऐसी वायरलेस चार्जिंग तकनीकों को बढ़ावा देना चाहता है, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

 क्लाउड डेटा सिंक से होगा डेटा ट्रांसफर

iPhone 17 Air में डेटा ट्रांसफर के लिए भी कोई पोर्ट नहीं दिया जाएगा। इसके बजाय, इसमें क्लाउड डेटा सिंकिंग का उपयोग किया जाएगा। यानी यूजर्स डेटा ट्रांसफर के लिए क्लाउड सर्विस (Cloud Service) का इस्तेमाल करेंगे।

फायदे:

  • डेटा केबल की आवश्यकता नहीं होगी।
  • फाइल ट्रांसफर अधिक सुरक्षित और तेज़ होगा।
  • फोन में पोर्ट नहीं होने से पानी और धूल से डिवाइस को बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

चुनौतियां:

  • क्लाउड डेटा ट्रांसफर के लिए तेज़ इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होगी।
  • डेटा गोपनीयता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

पोर्टलेस iPhone की विशेषताएं

iPhone 17 Air को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फोन एप्पल की सबसे बड़ी इनोवेशन में से एक हो सकता है। संभावित फीचर्स में शामिल हैं:

MagSafe वायरलेस चार्जिंग:
फोन को चार्ज करने के लिए एप्पल का MagSafe वायरलेस चार्जिंग सिस्टम दिया जाएगा। यह सिस्टम तेजी से चार्जिंग करेगा और अधिक सुरक्षित होगा।

बेहतर बैटरी लाइफ:
पोर्टलेस डिजाइन के कारण फोन में बड़ी बैटरी देने की संभावना है।

वॉटरप्रूफ और डस्टप्रूफ:
पोर्टलेस डिजाइन होने के कारण iPhone 17 Air पूरी तरह से जलरोधक और धूलरोधक होगा।

क्लाउड डेटा ट्रांसफर:
यूजर्स को क्लाउड के माध्यम से डेटा ट्रांसफर करना होगा, जिससे उन्हें वायर के झंझट से मुक्ति मिलेगी।

पोर्टलेस iPhone पर EU का रुख

गौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने सभी मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस निर्माताओं को निर्देश दिया था कि 2024 के अंत तक सभी डिवाइस USB Type C चार्जिंग पोर्ट के साथ ही लॉन्च होने चाहिए। इसी नियम के चलते एप्पल ने अपने iPhone 15 और iPhone 16 सीरीज में USB Type C पोर्ट दिया था।

लेकिन अब यूरोपीय आयोग का मानना है कि वायरलेस चार्जिंग डिवाइस पर यह नियम लागू नहीं होता है। यानी Apple को पोर्टलेस iPhone लाने में कोई बाधा नहीं आएगी।

पोर्टलेस iPhone के फायदे और नुकसान

फायदे:

  • पोर्टलेस डिजाइन से फोन अधिक प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक दिखेगा।
  • वॉटरप्रूफिंग और डस्टप्रूफिंग में सुधार होगा।
  • कम फिजिकल पार्ट्स होने से डिवाइस की लाइफ बढ़ेगी।

नुकसान:

  • वायरलेस चार्जिंग के लिए अलग से चार्जर खरीदना पड़ सकता है।
  • क्लाउड डेटा ट्रांसफर की वजह से डेटा प्लान का खर्च बढ़ेगा।
  • फास्ट चार्जिंग की क्षमता सीमित हो सकती है।

क्या iPhone 17 Air करेगा बाजार में धमाल?

विशेषज्ञों का मानना है कि पोर्टलेस iPhone 17 Air बाजार में नई क्रांति ला सकता है। वायरलेस चार्जिंग और क्लाउड डेटा ट्रांसफर का उपयोग इसे अन्य स्मार्टफोन्स से अलग बनाएगा। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि यूजर्स इसे कितना पसंद करते हैं, क्योंकि पोर्टलेस डिजाइन के चलते चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर में कुछ सीमाएं हो सकती हैं।

iPhone 17 Air के पोर्टलेस होने की खबर से टेक जगत में हलचल मची हुई है। एप्पल का यह कदम स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी में नई दिशा की ओर इशारा करता है। अगर EU से इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलती है, तो यह फोन जल्द ही बाजार में आ सकता है। पोर्टलेस डिज़ाइन के चलते फोन का लुक प्रीमियम होगा, लेकिन यूजर्स को चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर में नई तकनीक से तालमेल बैठाना होगा।

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Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

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Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

Microsoft AI Chief: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ दफ्तरों और बड़ी मशीनों तक सीमित नहीं रह गया है. यह धीरे धीरे इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी जगह बना रहा है. Mustafa Suleyman जो Microsoft में AI से जुड़ी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं उनका मानना है कि आने वाले करीब पांच सालों में हर इंसान के पास उसका अपना निजी AI कंपैनियन होगा. यह AI केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इंसान की जरूरतों को गहराई से समझेगा. Suleyman के अनुसार भविष्य का AI एक ऐसा डिजिटल साथी होगा जो इंसान के सोचने के तरीके को पहचानेगा और समय के साथ और ज्यादा समझदार बनता चला जाएगा. यह बदलाव तकनीक को इंसानी अनुभव के और ज्यादा करीब ले जाएगा.

इंसान की तरह समझने वाला AI

Suleyman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भविष्य का AI सिर्फ आदेश मानने वाली मशीन नहीं होगा. यह यूजर की पसंद नापसंद आदतों और सोच को समझेगा. उनका कहना है कि यह AI वही देखेगा जो यूजर देखता है और वही सुनेगा जो यूजर सुनता है. हालात को भी यह उसी नजरिए से समझेगा जिससे इंसान समझता है. Suleyman के मुताबिक ऐसा AI हमेशा साथ रहने वाले दोस्त जैसा महसूस होगा. यह जिंदगी के बड़े फैसलों में मदद करेगा और मुश्किल समय में सहारा बनेगा. उनका मानना है कि यह तकनीक इंसान और मशीन के रिश्ते को पूरी तरह बदल देगी और AI को ज्यादा भरोसेमंद बनाएगी.

सोशल मीडिया पर तेज बहस

Suleyman के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे भविष्य की सबसे बड़ी क्रांति बताया. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह दावा जरूरत से ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है. कई यूजर्स ने कहा कि वे ऐसा AI चाहते हैं जो खुलकर अपनी बात रख सके और सीमाओं में बंधा न हो. कुछ लोगों को यह भी लगा कि अगर इस बदलाव में पांच साल लगेंगे तो तकनीक की रफ्तार काफी धीमी मानी जाएगी. कई यूजर्स का तो मानना है कि ऐसा AI इससे भी पहले आम लोगों के हाथ में आ सकता है. इस बहस ने यह साफ कर दिया कि AI को लेकर लोगों में उत्सुकता के साथ साथ चिंता भी बराबर मौजूद है.

इंसान केंद्रित AI की सोच

Microsoft से पहले Mustafa Suleyman ने Inflection AI की सह स्थापना की थी जहां उन्होंने Pi नाम का एक खास AI चैटबॉट बनाया था. Pi को भावनात्मक रूप से समझदार AI के रूप में पेश किया गया था. इसका मकसद यूजर्स से सहज बातचीत करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना था. यह दूसरे AI टूल्स से अलग था क्योंकि इसका फोकस तकनीकी जवाबों से ज्यादा इंसानी संवाद पर था. Suleyman लंबे समय से ऐसे AI की वकालत करते रहे हैं जो इंसानों के हित में काम करे. उनका मानना है कि भविष्य की सुपर एडवांस्ड AI तकनीक मानव मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए. उनके अनुसार AI को आजादी देने से पहले उसमें सही नियंत्रण और सीमाएं तय करना जरूरी है ताकि वह इंसान का भरोसेमंद साथी बन सके.

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Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

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Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

टेक्नोलॉजी जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद छिड़ गया है। टेस्ला और xAI के संस्थापक Elon Musk ने एप्पल और गूगल के बीच हाल ही में हुई साझेदारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस गठजोड़ को “अनुचित शक्ति का केंद्रीकरण” करार दिया है। यह साझेदारी iPhone के वॉइस असिस्टेंट सिरी में गूगल के AI असिस्टेंट को शामिल करने को लेकर है। मस्क का कहना है कि गूगल पहले से ही एंड्रॉइड और क्रोम जैसी बड़ी प्लेटफॉर्म्स का मालिक है, ऐसे में एप्पल का AI गूगल को सौंपना उसकी ताकत को असहज रूप से बढ़ाएगा। उन्होंने इसे पूरी इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह भी बताया है।

Elon Musk की तीखी प्रतिक्रिया और xAI कंपनी की स्थिति

Elon Musk ने गूगल की इस साझेदारी की घोषणा के बाद X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल के पास पहले से ही कई बड़े प्लेटफॉर्म हैं और एप्पल का AI भी उन्हें देना सही नहीं होगा। इससे टेक्नोलॉजी में एकाधिकार की समस्या और बढ़ेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि मस्क की अपनी AI कंपनी xAI भी AI के क्षेत्र में सक्रिय है। xAI ने कुछ साल पहले एजेंटिक AI Grok को लॉन्च किया था, जो AI वर्चुअल असिस्टेंट के तौर पर काम करता है। इसी वजह से मस्क के लिए यह गठजोड़ एक प्रतिद्वंद्वी की ताकत को बढ़ाने जैसा लग रहा है।

Grok पर चल रहे विवाद और कानूनी झगड़े

Elon Musk की कंपनी xAI और एप्पल के बीच पहले से ही विवाद जारी है। मस्क ने एप्पल और OpenAI पर मुकदमा दायर किया है जिसमें उन्होंने Apple App Store की नीतियों को Grok के लिए हानिकारक बताया है। वहीं Grok AI को लेकर कई देशों में भी विवाद उठे हैं। इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok को अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट जनरेट करने के आरोप में बैन कर दिया है। भारत और यूरोपीय यूनियन की सरकारों ने भी Grok की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। भारत सरकार की IT मंत्रालय ने Grok से हानिकारक कंटेंट हटाने के आदेश जारी किए, जिनका पालन xAI ने किया।

एप्पल-गूगल साझेदारी से iPhone यूजर्स को होंगे फायदे

जहां एक ओर यह साझेदारी विवादों का विषय बनी हुई है, वहीं लाखों iPhone यूजर्स के लिए यह एक बड़ी सुविधा साबित होगी। गूगल जेमिनी AI के सपोर्ट से सिरी पहले से भी ज्यादा स्मार्ट और सक्षम बन जाएगा। यूजर्स अब सिरी के जरिए कई नई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जैसे कि लाइव ट्रांसलेशन और बेहतर वॉइस कमांड। यह अपडेट iPhone, iPad और एप्पल के अन्य डिवाइसेज में उपलब्ध होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल इस साझेदारी के लिए गूगल को हर साल लगभग 1 बिलियन डॉलर की राशि देगा। इससे दोनों टेक दिग्गजों को अपने AI क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी, लेकिन एलन मस्क जैसे विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ेगी कि कहीं इस गठजोड़ से बाजार में असंतुलन न पैदा हो जाए।

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Realme Neo 8 के स्पेसिफिकेशन्स लीक, 80W चार्जिंग और 3D इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट के साथ

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Realme Neo 8 के स्पेसिफिकेशन्स लीक, 80W चार्जिंग और 3D इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट के साथ

Realme Neo 8 स्मार्टफोन फिर से लीक में सामने आया है और खबरों के अनुसार यह स्मार्टफोन अगले महीने चीन में लॉन्च हो सकता है। यह डिवाइस Realme Neo 7 का सीक्वेल माना जा रहा है, जिसे दिसंबर 2024 में लॉन्च किया गया था। पिछले लीक में फोन की बैटरी क्षमता के बारे में जानकारी सामने आई थी, वहीं अब टिपस्टर ने फोन की अन्य विशेषताओं के बारे में भी खुलासा किया है। खास बात यह है कि Realme Neo 8 को भारत में अलग नाम से, संभवतः Realme GT 8 के रूप में, 2026 के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है।

संभावित स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

X (पूर्व में Twitter) पर टिपस्टर अभिषेक यादव (@yabhishekhd) ने दावा किया कि Realme Neo 8 जनवरी 2026 में चीन में लॉन्च होगा। इसके अलावा, यह फोन भारत और अन्य वैश्विक बाजारों में Realme GT 8 के रूप में पेश किया जा सकता है। टिपस्टर के अनुसार, यह स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट से लैस होगा और इसमें LPDDR5X RAM के साथ UFS 4.1 स्टोरेज मिलेगी। फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाली AMOLED डिस्प्ले हो सकती है। इसके अलावा, पिछली रिपोर्ट में 6.78-इंच की LTPS फ्लैट डिस्प्ले और 1.5K रिज़ॉल्यूशन के साथ 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा होने की संभावना भी जताई गई थी।

8000mAh बैटरी और अन्य हाई-एंड फीचर्स

अभिषेक यादव ने यह भी दावा किया कि Realme Neo 8 में 8000mAh की बैटरी होगी और यह 80W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। इसके अलावा, फोन में 3D अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर, X-एक्सिस लाइनियर मोटर फॉर हैप्टिक्स, Wi-Fi 7 और Bluetooth 5.4 सपोर्ट भी मिल सकता है। फोन को IP68 रेटिंग के साथ धूल और पानी से सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। ये सभी फीचर्स इसे हाई-एंड स्मार्टफोन के रूप में पेश करते हैं और इसे बाजार में अन्य फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाते हैं।

Realme GT 8 Pro से तुलना और कीमत का अनुमान

हाल ही में भारत में लॉन्च हुए Realme GT 8 Pro की तुलना में Realme Neo 8 में कई उन्नत फीचर्स मिलने की संभावना है। GT 8 Pro 6.79-इंच QHD+ AMOLED स्क्रीन के साथ आता है, जिसकी रिफ्रेश रेट 144Hz है। यह Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट से लैस है और 16GB LPDDR5X RAM व 512GB UFS 4.1 स्टोरेज विकल्प प्रदान करता है। कैमरा सेटअप में 50 मेगापिक्सल मुख्य कैमरा, 50 मेगापिक्सल अल्ट्रावाइड सेंसर और 200 मेगापिक्सल टेलीफोटो लेंस शामिल है, जो 120x डिजिटल ज़ूम को सपोर्ट करता है। फ्रंट कैमरा 32 मेगापिक्सल का है। Realme Neo 8 की भारत में कीमत और अन्य विवरण आने वाले महीनों में साझा किए जाने की संभावना है, लेकिन यह फोन पहले से ही हाई-एंड स्मार्टफोन प्रेमियों के बीच उत्सुकता बढ़ा चुका है।

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