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Apple का नया AI वियरेबल डिवाइस अगले साल होगा लॉन्च, होगा OpenAI को टक्कर

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Apple का नया AI वियरेबल डिवाइस अगले साल होगा लॉन्च, होगा OpenAI को टक्कर

टेक जगत में खबर है कि Apple अगले साल एक नया पहनने योग्य (wearable) AI डिवाइस लॉन्च कर सकता है। यह डिवाइस आकार में एयरटैग के समान होगा, लेकिन यह Apple के लिए एक नया प्रयोग भी होगा। कंपनी इस डिवाइस के जरिए अपनी स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइस मार्केट में मजबूत करना चाहती है। यह डिवाइस एक पतली और गोलाकार डिस्क के रूप में होगा, जिसमें एल्यूमिनियम और ग्लास की फिनिश हो सकती है। इसकी डिजाइन और तकनीकी खूबियों को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं जो इसे बाजार में अनोखा बनाती हैं।

कैमरे और ऑडियो फीचर्स से लैस होगा डिवाइस

इस छोटे डिवाइस में दो कैमरे फ्रंट पर होंगे। एक सामान्य लेंस होगा और दूसरा वाइड-एंगल लेंस होगा, जो यूजर के आसपास का फोटो और वीडियो कैप्चर कर सकेगा। इसके अलावा, इसमें तीन माइक्रोफोन भी होंगे जो आसपास की आवाज़ को पकड़ेंगे और एक बिल्ट-इन स्पीकर भी मौजूद होगा। डिवाइस के साइड में एक फिजिकल बटन होगा, जिससे इसे कंट्रोल किया जा सकेगा। इसे चार्ज करने के लिए मैग्नेटिक इंडक्टिव चार्जिंग सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा, जो Apple वॉच की तरह काम करेगा। इन खूबियों के साथ यह डिवाइस तकनीकी दृष्टि से काफी एडवांस होगा।

OpenAI के पहनने योग्य डिवाइस से मुकाबला

Apple का यह डिवाइस अभी विकास के प्रारंभिक चरण में है। कंपनी इसे OpenAI के पहले पहनने योग्य डिवाइस के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है। OpenAI का यह डिवाइस इस साल के दूसरे भाग में लॉन्च होने की संभावना है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि Apple का डिवाइस एक स्वतंत्र प्रोडक्ट के रूप में काम करेगा या फिर एयरपॉड्स और स्मार्ट ग्लासेस जैसे अन्य डिवाइसेज पर निर्भर रहेगा। लेकिन दोनों कंपनियां AI पहनने योग्य तकनीक में एक-दूसरे को टक्कर देने के लिए तैयार हैं।

OpenAI का ऑडियो डिवाइस “Sweetpea”

OpenAI, जो ChatGPT का निर्माता है, अपनी तरफ से भी एक ऑडियो डिवाइस लॉन्च करने वाला है, जिसे संभवतः सितंबर तक बाजार में लाया जाएगा। इस डिवाइस का नाम “Sweetpea” हो सकता है और यह इयरफोन के आकार में होगा। यह डिवाइस पूरी तरह वॉइस कंट्रोल्ड होगा और इसमें ChatGPT का इंटीग्रेशन होगा। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यह डिवाइस इयरफोन जैसा दिखेगा, लेकिन इसमें स्मार्टफोन के कंपोनेंट्स का इस्तेमाल होगा, जिससे इसकी कीमत काफी अधिक हो सकती है। इसे एक छोटे कंप्यूटर के रूप में भी देखा जा रहा है जो यूजर को AI के जरिए संवाद करने की सुविधा देगा।

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20 साल की युवती ने सोशल मीडिया लत के लिए Meta और YouTube को जिम्मेदार ठहराया

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20 साल की युवती ने सोशल मीडिया लत के लिए Meta और YouTube को जिम्मेदार ठहराया

अमेरिका के लॉस एंजेल्स कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 20 साल की युवती कैली ने दावा किया था कि बचपन में सोशल मीडिया की लत ने उसके मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचाया। जूरी ने Meta और YouTube को दोषी मानते हुए कुल 3 मिलियन डॉलर यानी लगभग 28 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। इस फैसले में Meta की जिम्मेदारी 70 प्रतिशत और YouTube की 30 प्रतिशत तय की गई।

युवती की कहानी और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

कैली ने कोर्ट में बताया कि उसने 6 साल की उम्र में YouTube और 9 साल की उम्र में Instagram इस्तेमाल करना शुरू किया। सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने के कारण वह धीरे-धीरे परिवार से दूर होती गई और 10 साल की उम्र में डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षण विकसित होने लगे। उसने फोटो फिल्टर्स का अत्यधिक इस्तेमाल शुरू किया, जिससे उसकी खुद की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा। मेडिकल टर्म में इसे ‘बॉडी डिस्मॉर्फिया’ कहा जाता है। जूरी ने माना कि इन प्लेटफॉर्म्स ने उसकी उम्र की पुष्टि करने या पहुंच सीमित करने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए।

20 साल की युवती ने सोशल मीडिया लत के लिए Meta और YouTube को जिम्मेदार ठहराया

कंपनियों की प्रतिक्रिया और कानूनी लड़ाई

Meta के वकीलों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कैली के जीवन की कठिनाइयां केवल सोशल मीडिया के कारण नहीं हैं। Google ने भी अपने प्लेटफॉर्म YouTube की सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी की है। हालांकि, कैली के माता-पिता का कहना है कि यह टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ी जीत है और इससे भविष्य में कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनना पड़ेगा।

भारत में सुरक्षा और एज वेरिफिकेशन की तैयारी

भारत में भी सरकार सोशल मीडिया और गेमिंग ऐप्स के लिए एज वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही है। संसदीय समिति ने सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बैंकों जैसा KYC सिस्टम लाने पर जोर दिया है, ताकि लोग गलत उम्र बताकर अकाउंट नहीं बना सकें। इससे बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य को खतरा कम होगा और प्लेटफॉर्म्स जिम्मेदार होंगे। कई राज्य सरकारें भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन या उम्र आधारित कंट्रोल सिस्टम लागू करने की योजना बना रही हैं।

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Samsung Galaxy S26 में AirDrop सुविधा से Apple डिवाइस के साथ फाइल शेयरिंग अब आसान

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Samsung Galaxy S26 में AirDrop सुविधा से Apple डिवाइस के साथ फाइल शेयरिंग अब आसान

सैमसंग ने अपने Galaxy S26 सीरीज़ में आधिकारिक तौर पर AirDrop सुविधा को पेश किया है। अब इस नई सुविधा के साथ, उपयोगकर्ताओं को Samsung और Apple डिवाइस के बीच फाइल साझा करने के लिए किसी तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन की आवश्यकता नहीं होगी। इस सुविधा की शुरुआत फिलहाल कोरियाई संस्करण में की गई है और जल्द ही इसे ग्लोबल स्तर पर लॉन्च किया जाएगा। यह सुविधा Android के Quick Share टूल और Apple के AirDrop के बीच पूर्ण संगतता प्रदान करती है, जिससे Samsung और Apple दोनों उपयोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण सुविधा मिल सकेगी। कोरिया में शुरुआत के बाद, यह सुविधा यूरोप, हांगकांग, जापान, लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और ताइवान सहित अन्य बाजारों में उपलब्ध कराई जाएगी।

Galaxy S26 उपयोगकर्ताओं को अब तीसरे ऐप की जरूरत नहीं

Galaxy S26 सीरीज़ के डिवाइस अब सीधे Apple iPhones के साथ फाइल साझा कर पाएंगे, बिना किसी तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन के। कंपनी ने सोमवार को इस विकास की घोषणा की और यह सुविधा आज से Galaxy S26 सीरीज़ के फोन में लाइव हो गई है। सैमसंग के प्रबंधन ने पुष्टि की है कि यह सुविधा जल्दी ही अन्य वैश्विक बाजारों में भी लागू की जाएगी। इससे उपयोगकर्ताओं के लिए फाइल शेयरिंग प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो जाएगी। अब Samsung उपयोगकर्ता आसानी से अपनी फाइलें iPhone, iPad या Mac डिवाइस के साथ साझा कर सकेंगे।

Samsung Galaxy S26 में AirDrop सुविधा से Apple डिवाइस के साथ फाइल शेयरिंग अब आसान

प्रतियोगियों को मात देने की सैमसंग की रणनीति

Apple इकोसिस्टम में AirDrop को सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक माना जाता है, जो iPhones, iPads और Mac डिवाइस के बीच सहज फाइल शेयरिंग की अनुमति देता है। सैमसंग ने इस फीचर को Galaxy S26 में शामिल करके यह सुनिश्चित किया है कि Galaxy उपयोगकर्ता बिना किसी तीसरे पक्ष के माध्यम के आसानी से Apple डिवाइस के साथ फाइल साझा कर सकें। बाजार रिपोर्ट के अनुसार, इस सुविधा की उपलब्धता उपभोक्ताओं के खरीद निर्णय को प्रभावित कर सकती है और संभावित रूप से सैमसंग के प्रतियोगियों के लिए खरीदारी में रुचि को कम कर सकती है। यह कदम सैमसंग की स्मार्ट और आक्रामक रणनीति का हिस्सा है, जिससे वह तकनीकी रूप से Apple के करीब आ सके।

Smart Switch टूल के साथ सुविधा और आसान

AirDrop जैसी सुविधा के अलावा, सैमसंग ने अपने Smart Switch टूल को भी बढ़ावा दिया है, जो Apple iPhones से Galaxy डिवाइस में फोटो, एप्लिकेशन और अन्य डेटा को ट्रांसफर करने में मदद करता है। कंपनी योजना बना रही है कि इस सुविधा को आगामी Galaxy S26 श्रृंखला के अलावा पुराने Samsung डिवाइस में भी प्रदान किया जाएगा। यह रोलआउट One UI 9 जैसे सॉफ़्टवेयर अपडेट के माध्यम से किया जा सकता है। इस नई सुविधा और Smart Switch टूल के साथ, Samsung उपयोगकर्ताओं को दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर डेटा ट्रांसफर करने में पूरी स्वतंत्रता और सहज अनुभव मिलेगा।

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अब बिना इंटरनेट भी UPI से पैसे भेजना हुआ बेहद आसान और सुरक्षित तरीका

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अब बिना इंटरनेट भी UPI से पैसे भेजना हुआ बेहद आसान और सुरक्षित तरीका

आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन पेमेंट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सब्जी खरीदने से लेकर दोस्तों के साथ बिल शेयर करने तक, लोग अब कैश के बजाय UPI का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जैसे ही नेटवर्क या इंटरनेट बंद हो जाता है, सारी प्रक्रिया ठप हो जाती है। ऐसे में एक खास फीचर आया है जो बिना इंटरनेट भी UPI पेमेंट की सुविधा देता है। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में रहते हैं या अक्सर मोबाइल डेटा की समस्या झेलते हैं।

USSD तकनीक पर काम करता है फीचर

बिना इंटरनेट वाले इस फीचर की खासियत यह है कि यह इंटरनेट की बजाय USSD तकनीक पर काम करता है। यानी अगर आपके फोन में नेटवर्क सिग्नल है और कॉल संभव है, तो पेमेंट भी किया जा सकता है। यूजर को अपने फोन से केवल *99# डायल करना होता है। इसके बाद स्क्रीन पर एक मेन्यू खुलता है, जिसमें अलग-अलग विकल्प दिखाई देते हैं। हालांकि यह तरीका थोड़ा पुराना लगता है, लेकिन यह भरोसेमंद और सुरक्षित है। इसके जरिए आप मोबाइल नंबर, UPI ID या बैंक डिटेल के माध्यम से पैसे भेज सकते हैं।

अब बिना इंटरनेट भी UPI से पैसे भेजना हुआ बेहद आसान और सुरक्षित तरीका

बिना इंटरनेट पैसे कैसे भेजें

बिना इंटरनेट पैसे भेजने के लिए सबसे पहले अपने फोन में *99# डायल करें। इसके बाद “Send Money” विकल्प चुनें। फिर रिसीवर का मोबाइल नंबर, UPI ID या बैंक डिटेल डालें। जैसे ही मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा, रिसीवर का नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिससे गलती की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसके बाद भेजने वाली राशि डालें और UPI PIN एंटर करें। कुछ सेकंड में पेमेंट पूरा हो जाएगा और इसके लिए इंटरनेट की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। यह सुविधा छोटे दुकानदारों और ग्रामीण इलाकों में काम आने वाले लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है।

इस्तेमाल से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

इस फीचर का इस्तेमाल करने से पहले कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। सबसे पहले आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। कुछ मामलों में आधार नंबर लिंक होना भी जरूरी हो सकता है। अगर ये बुनियादी शर्तें पूरी नहीं हैं, तो यह सेवा काम नहीं करेगी। इसलिए बेहतर है कि आप अपने बैंक डिटेल और मोबाइल लिंक को अपडेट रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना इंटरनेट भी आसानी से पैसे ट्रांसफर किए जा सकें।

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