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Vijay Hazare Trophy में मुंबई के अंगकृष रघुवंशी गंभीर चोटिल, स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया

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Vijay Hazare Trophy में मुंबई के अंगकृष रघुवंशी गंभीर चोटिल, स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया

भारतीय घरेलू क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित लिस्ट-ए टूर्नामेंट, Vijay Hazare Trophy का सीजन 2025-26 शुरू हो चुका है। इस टूर्नामेंट के 26 दिसंबर के मुकाबले में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में मुंबई और उत्तराखंड की टीम आमने-सामने आई। इस मुकाबले में मुंबई टीम के स्टार खिलाड़ियों में से एक, विकेटकीपर बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी, फील्डिंग के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हो गए। उनके घायल होने की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें तुरंत स्ट्रेचर पर लादकर सीधे हॉस्पिटल ले जाया गया।

कैच पकड़ने के दौरान लगी गंभीर चोट

मुकाबले के दौरान मुंबई को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। उन्होंने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 331 रन बनाए। इसके बाद उत्तराखंड की टीम ने 332 रनों का पीछा शुरू किया। पारी के 30वें ओवर में उनके बल्लेबाज सौरभ रावत ने स्लॉग स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, जिसमें गेंद उनके बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर मिड विकट बाउंड्री की ओर गई। उस समय फील्डिंग कर रहे अंगकृष रघुवंशी ने कैच पकड़ने के लिए तेजी से दौड़ लगाई और डाइव मारते हुए कैच पकड़ने का प्रयास किया। हालांकि, उन्हें गेंद पकड़ने में सफलता नहीं मिली और इस दौरान सिर और कंधे पर गंभीर चोट लगी। चोटिल अंगकृष को मुंबई टीम के अन्य खिलाड़ी और मेडिकल स्टाफ तुरंत हॉस्पिटल के लिए स्ट्रेचर पर ले गए।

https://twitter.com/i/status/2004510825592332755

बल्ले से निराशाजनक प्रदर्शन

अगर इस मैच में अंगकृष रघुवंशी की बल्लेबाजी की बात करें, तो उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने ओपनिंग में रोहित शर्मा के साथ खेलते हुए केवल 11 रन बनाए। वहीं रोहित शर्मा भी गोल्डन डक पर ही पवेलियन लौट गए। हालांकि, मुंबई टीम की पारी को हार्दिक तामोरे ने संभाला और उन्होंने नाबाद 93 रन बनाए। इसके अलावा, सरफराज खान और मुशीर खान ने भी टीम के स्कोर में योगदान दिया, दोनों ने 55-55 रन बनाए। मुंबई टीम ने इन व्यक्तिगत प्रयासों के दम पर एक मजबूत स्कोर बनाया, लेकिन अंगकृष की चोट ने खेल को तनावपूर्ण बना दिया।

फील्डिंग में घायल होना टीम के लिए झटका

अंगकृष रघुवंशी की गंभीर चोट मुंबई टीम के लिए बड़ा झटका है। फील्डिंग में उनकी मेहनत और उत्साह टीम के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण थे। उनके घायल होने के बाद टीम को न केवल विकेटकीपिंग में बदलाव करना पड़ा, बल्कि मानसिक रूप से भी खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ गया। मैच के दौरान खिलाड़ी और स्टाफ उनकी सुरक्षा और इलाज के लिए पूरी तरह चौकस रहे। उम्मीद है कि अंगकृष जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर मैदान पर वापसी करेंगे और मुंबई की टीम को आगे के मुकाबलों में मजबूत प्रदर्शन करने में मदद करेंगे।

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ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के लिए इतिहास रचने का सुनहरा मौका

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ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के लिए इतिहास रचने का सुनहरा मौका

7 फरवरी से शुरू होने जा रहे ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 20 टीमें हिस्सा लेंगी। इस बार का टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका मिलकर आयोजित करेंगे। टीम इंडिया अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी, जो इस टूर्नामेंट को और भी रोमांचक बना देता है। यह टूर्नामेंट क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ा उत्सव साबित होगा, क्योंकि टीम इंडिया को 2 महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने का सुनहरा मौका मिला है। पहली बार कोई भी टीम लगातार 2 बार T20 वर्ल्ड कप जीतने में सफल नहीं हो सकी है, तो दूसरी बात यह है कि घरेलू मैदान पर अभी तक कोई भी टीम चैंपियन नहीं बनी है। ऐसे में भारतीय टीम इस बार इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अब तक खेले गए 9 T20 वर्ल्ड कप में सिर्फ तीन टीमों ने दो-दो बार खिताब जीता है — भारत, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज। अगर टीम इंडिया इस बार खिताब जीतने में सफल रहती है तो वह इतिहास रचते हुए सबसे ज्यादा 3 बार T20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। यह उपलब्धि न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय होगी बल्कि देश की खेल विरासत में भी एक नया अध्याय जोड़ेगी। टीम इंडिया के खिलाड़ी और कोच पूरी मेहनत कर रहे हैं ताकि इस बार भी जीत की परंपरा जारी रखी जा सके और देश को एक और विश्व कप ट्रॉफी से नवाजा जा सके।

ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के लिए इतिहास रचने का सुनहरा मौका

भारत-पाकिस्तान मैच पर सस्पेंस बना हुआ है

T20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला मैच होगा भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को खेला जाने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला। हालांकि इस मैच के आयोजन पर सस्पेंस बना हुआ है। पाकिस्तान की सरकार ने अभी तक अपनी टीम को भारत के खिलाफ मैच खेलने की अनुमति नहीं दी है। इसके चलते इस मैच के रद्द होने की संभावना जताई जा रही है। यह विवाद न केवल टूर्नामेंट के रोमांच को प्रभावित कर सकता है बल्कि दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी एक बड़ा झटका होगा। इस मुद्दे पर विश्व क्रिकेट परिषद (ICC) और संबंधित देश के बोर्ड बातचीत कर रहे हैं, ताकि स्थिति का समाधान निकाला जा सके।

T20 वर्ल्ड कप के विजेता और कप्तानों की लिस्ट

T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में कई महान कप्तानों ने अपनी टीमों को खिताब तक पहुँभारत ने खिताब जीतेचाया है। पहला टी20 वर्ल्ड कप 2007 में भारत ने जीता था, जिसकी कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इसके बाद 2009 में पाकिस्तान ने यूनिस खान के नेतृत्व में खिताब जीता। 2010 में इंग्लैंड, 2012 वेस्टइंडीज, 2014 श्रीलंका, 2016 फिर से वेस्टइंडीज, 2021 में ऑस्ट्रेलिया, 2022 में इंग्लैंड और 2024 में । ये टीमें और उनके कप्तान क्रिकेट के महानायक माने जाते हैं। आगामी 2026 में टीम इंडिया एक बार फिर अपने नाम इतिहास रचने का प्रयास करेगी।

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T20 WC 2026: बांग्लादेश के खेल पत्रकारों को क्यों किया गया मैच कवर से बैन? जानिए पूरा सच

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T20 WC 2026: बांग्लादेश के खेल पत्रकारों को क्यों किया गया मैच कवर से बैन? जानिए पूरा सच

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ही बांग्लादेश की टीम विवादों में घिर चुकी है। भारत और श्रीलंका में होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में बांग्लादेश की टीम तो बाहर हो चुकी है, लेकिन अब खबर आ रही है कि ICC ने बांग्लादेश के खेल पत्रकारों को भी मैच कवर करने से रोक दिया है। यह रोक केवल भारत में नहीं, बल्कि श्रीलंका में होने वाले मैचों के लिए भी लागू होगी।

यह फैसला ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच जारी तनाव का परिणाम है। ICC ने टूर्नामेंट के नियमों के तहत सभी टीमों को निर्धारित स्थानों पर खेलने का निर्देश दिया था, जिसे बांग्लादेश ने स्वीकार नहीं किया। इसके चलते टीम को बाहर कर स्कॉटलैंड को जगह दी गई है। अब ICC ने पत्रकारों को भी एक्रीडेटेशन देने से मना कर दिया है, जिससे बांग्लादेशी मीडिया टीम मैचों को कवरेज नहीं कर पाएगी।

स्कॉटलैंड, जो बांग्लादेश की जगह लेगी, अपने ग्रुप सी मुकाबलों की शुरुआत 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ करेगी। उसके बाद 9 फरवरी को इटली, 14 फरवरी को इंग्लैंड और आखिरी ग्रुप मैच 18 फरवरी को नेपाल के खिलाफ होगा। यह स्कॉटलैंड का सातवां टी20 वर्ल्ड कप होगा।

यह कदम ICC की कड़ी नीति को दर्शाता है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बांग्लादेश के लिए यह बड़ा झटका है, जो न केवल उनके खिलाड़ियों बल्कि मीडिया कर्मियों के लिए भी चुनौती लेकर आया है।

अब देखना होगा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस स्थिति से कैसे उभरता है और क्या भविष्य में ICC के साथ संबंध सुधरेंगे। इस विवाद ने टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच को एक नई राजनीतिक रंगत दे दी है।

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

Shubman Gill जो कुछ समय पहले तक भारत की टी20 टीम के उपकप्तान थे, अब उस टीम से बाहर हो चुके हैं। उन्हें टी20 इंटरनेशनल में कई मौके मिले, लेकिन वे खुद को उम्मीद के मुताबिक साबित नहीं कर पाए। गिल के बल्ले से रन नहीं निकले और उनकी फॉर्म पर सवाल उठने लगे। अब तो घरेलू क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिल रही है। हाल ही में रणजी ट्रॉफी के एक मैच में वे बिना कोई रन बनाए दो गेंद खेलने के बाद आउट हो गए। इससे साफ है कि गिल का बल्ला फिलहाल चलता नजर नहीं आ रहा है और उनकी खेल में परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

वनडे सीरीज में भी नहीं कर पाए प्रभावित

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में शुभमन गिल ने कुछ मैचों में अच्छी शुरुआत जरूर की, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। टीम को भी इस सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। अब जबकि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज जारी है, गिल को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। इस कारण उन्होंने मौका देखकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की और रणजी ट्रॉफी के मैच में खेलने पहुंचे। लेकिन वहां भी उनका बल्ला चलने के बजाय निराशाजनक प्रदर्शन ही किया।

Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

पंजाब टीम के कप्तान के रूप में कप्तानी की जिम्मेदारी

रणजी ट्रॉफी में पंजाब की टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में है। गुरुवार को विदर्भ के खिलाफ मैच में पहले नमन धीर कप्तान थे, लेकिन गिल की उपलब्धता के बाद कप्तानी उन्हें सौंप दी गई। पंजाब की टीम की बल्लेबाजी जल्दी ही शुरू हुई, क्योंकि सौराष्ट्र की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 172 रन बना सकी। गिल नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन शुरुआती विकेट जल्दी गिरने की वजह से उनका बल्लेबाजी क्रम जल्दी आ गया। इस मैच में गिल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, खासतौर पर रणजी ट्रॉफी जैसे टेस्ट फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाजों को समय लेकर खेलना होता है।

दो गेंद पर शून्य रन पर आउट और फॉर्म की गिरावट

गिल का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में निराशाजनक रहा, वे केवल दो गेंद खेल पाए और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। इससे पंजाब की टीम को एक बड़ा झटका लगा। पिछले कुछ समय से गिल के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, चाहे वो टेस्ट हो, वनडे हो या टी20। वनडे सीरीज से पहले वे विजय हजारे ट्रॉफी में भी सस्ते में आउट हुए थे। यह साफ संकेत है कि शुभमन गिल अपने अच्छे दौर से काफी दूर हैं। उनके फॉर्म में सुधार की जरूरत है, नहीं तो टीम इंडिया में उनका स्थान लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहेगा। फैंस और विशेषज्ञ अब इंतजार कर रहे हैं कि गिल कब अपने खेल को पटरी पर लाते हैं और फिर से टीम के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करते नजर आते हैं।

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