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Alert Android Users! भारत में 4 करोड़ से ज्यादा खतरनाक ऐप्स डाउनलोड, Google Play पर भी हो सकते हैं धोखे
Alert Android Users: भारत एक बार फिर साइबर अपराधियों का निशाना बन गया है। क्लाउड सुरक्षा कंपनी Zscaler की नवीनतम रिपोर्ट ThreatLabz 2025 Mobile, IoT, and OT Threat Report के अनुसार, भारत में अब तक 4 करोड़ से अधिक खतरनाक एंड्रॉइड ऐप डाउनलोड किए जा चुके हैं। ये ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध थे और सामान्य टूल्स के रूप में खुद को दिखाकर यूजर्स को धोखा दे रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब मोबाइल हमलों के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया है। जून 2024 से मई 2025 के बीच मोबाइल साइबर हमलों में तेज़ी देखी गई है।
मोबाइल मैलवेयर हमलों में 67% की वृद्धि
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि पिछले वर्ष की तुलना में एंड्रॉइड मैलवेयर लेनदेन में 67% की वृद्धि हुई है। स्पाइवेयर और बैंकिंग ट्रोजन सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। हैकर्स अब कार्ड धोखाधड़ी की बजाय मोबाइल पेमेंट चोरी और डिवाइस ट्रैकिंग पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। Zscaler ने 239 खतरनाक ऐप्स की पहचान की, जो फाइल मैनेजर, वर्क टूल या परफॉर्मेंस बूस्टर के रूप में यूजर्स के फोन में घुसपैठ कर रहे थे। इन ऐप्स को लाखों लोगों ने डाउनलोड किया था, जिसके बाद Google ने इन्हें प्ले स्टोर से हटा दिया।
ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र सबसे अधिक जोखिम में
सिर्फ सामान्य यूजर्स ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण उद्योग भी साइबर हमलों से प्रभावित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा क्षेत्र में साइबर हमलों में 387% की वृद्धि देखी गई है। वहीं, मैन्युफैक्चरिंग और परिवहन क्षेत्रों में IoT मैलवेयर के 40% से अधिक मामले सामने आए हैं। डिजिटल भुगतान और यूपीआई प्रणाली की बढ़ती लोकप्रियता ने भारत को साइबर अपराधियों के लिए उच्च मूल्य वाला लक्ष्य बना दिया है। इस वजह से न केवल व्यक्तिगत यूजर्स बल्कि बड़े उद्योग और बुनियादी ढांचा भी खतरे में हैं।
साइबर खतरों से सुरक्षा कैसे करें
हालांकि Google ने कई खतरनाक ऐप्स को हटा दिया है, फिर भी लाखों डिवाइस जोखिम में हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि किसी भी अनजान या संदिग्ध ऐप को तुरंत डिलीट कर दें। केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें। अपने फोन को हमेशा अपडेट रखें और Play Protect को हमेशा चालू रखें। इसके अलावा, भरोसेमंद मोबाइल सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करना भी आवश्यक है। यूजर्स को सतर्क रहना होगा और किसी भी संदिग्ध लिंक या ऐप पर क्लिक करने से बचना होगा, ताकि वे साइबर अपराधियों के जाल में फँसने से बच सकें।