टेक्नॉलॉजी
Android Calling Screen: एंड्रॉइड यूजर्स सावधान! क्यों अचानक बदल रही है आपके फोन की कॉलिंग स्क्रीन
Android Calling Screen: अगर आप भारत में एंड्रॉइड स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में आपने कॉलिंग स्क्रीन का नया रूप देखा है तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई बग या तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि गूगल द्वारा अपने Phone App और अन्य ऐप्स में किए गए बड़े अपडेट का हिस्सा है। इस बदलाव की वजह से कॉल रिसीव करने से लेकर इन-काल बटन्स और कॉन्टैक्ट्स तक, सब कुछ एक नए डिजाइन में नजर आने लगा है। गूगल ने इसे Material 3 Expressive Update नाम दिया है, जो एंड्रॉइड यूजर्स को ज्यादा आकर्षक और आसान यूजर इंटरफेस देने के लिए लाया गया है।
कॉन्टैक्ट्स सेक्शन में बड़ा बदलाव
इस अपडेट के बाद सबसे बड़ा बदलाव कॉन्टैक्ट्स सेक्शन में दिखाई देता है। पहले जहां फेवरेट और हालिया कॉल्स अलग-अलग जगह दिखाई देती थीं, वहीं अब इन्हें एक ही टैब में लाया गया है।
-
फेवरेट कॉन्टैक्ट्स: अब ये सबसे ऊपर कैरोसेल फॉर्मेट में नजर आएंगे, जिन्हें आप आसानी से स्क्रॉल कर सकते हैं।
-
हाल की कॉल्स और चैट्स: फेवरेट कॉन्टैक्ट्स के ठीक नीचे कंटेनर में दिखाई देंगी।
-
कीपैड बदलाव: पहले की तरह फ्लोटिंग बटन वाला कीपैड अब गायब है। इसे नीचे एक अलग टैब में शिफ्ट कर दिया गया है।
-
नेविगेशन: कॉन्टैक्ट्स को अब टॉप नेविगेशन बार या तीन-डॉट मेन्यू से एक्सेस किया जा सकेगा।
इस बदलाव का मकसद यूजर्स को ज्यादा स्मूद और क्लीन इंटरफेस देना है ताकि कॉलिंग और कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच पहले से आसान हो।
इनकमिंग कॉल स्क्रीन का नया अंदाज़
गूगल ने कॉल रिसीव और रिजेक्ट करने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह बदल दिया है।
-
अब कॉल उठाने या काटने के लिए वर्टिकल स्वाइप की जगह हॉरिजॉन्टल स्वाइप करना होगा।
-
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह यह है कि फोन जेब से निकालते समय गलती से कॉल कटने या रिसीव होने की समस्या से बचा जा सके।
-
हालांकि, यूजर्स चाहें तो इस सेटिंग को बदलकर पुराने टैप-टू-आंसर मोड में भी वापस जा सकते हैं।

Android Calling Screen: एंड्रॉइड यूजर्स सावधान! क्यों अचानक बदल रही है आपके फोन की कॉलिंग स्क्रीन
इन-काल स्क्रीन और बटन्स में सुधार
कॉल के दौरान यूजर इंटरफेस को भी ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बना दिया गया है।
-
सभी बटन अब राउंड कॉर्नर डिजाइन में दिखाई देंगे।
-
एंड कॉल बटन का आकार पहले से बड़ा कर दिया गया है ताकि यूजर्स आसानी से उसे देख और दबा सकें।
-
माइक म्यूट, स्पीकर और डायलपैड जैसे अन्य बटन्स को भी बेहतर विज़िबिलिटी दी गई है।
आने वाला नया फीचर: कॉन्टैक्ट कार्ड
गूगल ने एक और नया फीचर टेस्टिंग फेज में शुरू किया है जिसे कॉन्टैक्ट कार्ड कहा जा रहा है।
-
इस फीचर के तहत इनकमिंग कॉल पर यूजर्स को फुल-स्क्रीन इमेज दिखाई देगी।
-
यह अभी सिर्फ बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन आने वाले महीनों में सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है।
यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए दिलचस्प होगा जो कॉन्टैक्ट्स में फोटो जोड़कर कॉलिंग अनुभव को पर्सनल बनाना चाहते हैं।
सिर्फ फोन ऐप ही नहीं, क्लॉक ऐप भी बदला
गूगल ने इस नए Material 3 Expressive Design को सिर्फ फोन ऐप तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि एंड्रॉइड क्लॉक ऐप में भी इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
-
इसमें अब ऊंचा बॉटम बार और स्क्वायर फ्लोटिंग बटन कॉर्नर में मिलेगा।
-
पहले यह बटन बीच में गोल आकार में होता था।
-
नए डिजाइन में अलग-अलग अलार्म को हाइलाइट करने के लिए विभिन्न रंगों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यूजर को विज़ुअल एक्सपीरियंस और बेहतर लगे।
क्यों किया गया यह बदलाव?
गूगल लगातार अपने एंड्रॉइड ऐप्स को ज्यादा आधुनिक, सरल और विज़ुअली आकर्षक बनाने पर काम कर रहा है।
-
पुराने डिजाइन में जहां कई बार यूजर्स को गलत टैप या स्वाइप की दिक्कत होती थी, वहीं नया लेआउट इसे रोकने के लिए बनाया गया है।
-
नया इंटरफेस यूजर्स को ज्यादा स्मूद और फास्ट एक्सपीरियंस देगा।
-
साथ ही यह अपडेट एंड्रॉइड को iOS जैसे क्लीन और मॉडर्न डिजाइन के मुकाबले में खड़ा करने की कोशिश है।
अगर आपके एंड्रॉइड फोन की कॉलिंग स्क्रीन अचानक बदल गई है तो यह किसी बग की वजह से नहीं, बल्कि गूगल के Material 3 Expressive Update का नतीजा है। इस बदलाव में कॉन्टैक्ट्स लेआउट, इनकमिंग कॉल स्क्रीन, इन-काल बटन्स और आने वाले कॉन्टैक्ट कार्ड फीचर जैसे कई अहम सुधार शामिल हैं। यह नया डिजाइन एंड्रॉइड यूजर्स को ज्यादा सुविधाजनक और आधुनिक अनुभव देने के लिए लाया गया है। आने वाले समय में गूगल इस अपडेट को और भी फीचर्स और ऐप्स तक विस्तार दे सकता है।
टेक्नॉलॉजी
Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी
टेक्नॉलॉजी
Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण
टेक्नोलॉजी जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद छिड़ गया है। टेस्ला और xAI के संस्थापक Elon Musk ने एप्पल और गूगल के बीच हाल ही में हुई साझेदारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस गठजोड़ को “अनुचित शक्ति का केंद्रीकरण” करार दिया है। यह साझेदारी iPhone के वॉइस असिस्टेंट सिरी में गूगल के AI असिस्टेंट को शामिल करने को लेकर है। मस्क का कहना है कि गूगल पहले से ही एंड्रॉइड और क्रोम जैसी बड़ी प्लेटफॉर्म्स का मालिक है, ऐसे में एप्पल का AI गूगल को सौंपना उसकी ताकत को असहज रूप से बढ़ाएगा। उन्होंने इसे पूरी इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह भी बताया है।
Elon Musk की तीखी प्रतिक्रिया और xAI कंपनी की स्थिति
Elon Musk ने गूगल की इस साझेदारी की घोषणा के बाद X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल के पास पहले से ही कई बड़े प्लेटफॉर्म हैं और एप्पल का AI भी उन्हें देना सही नहीं होगा। इससे टेक्नोलॉजी में एकाधिकार की समस्या और बढ़ेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि मस्क की अपनी AI कंपनी xAI भी AI के क्षेत्र में सक्रिय है। xAI ने कुछ साल पहले एजेंटिक AI Grok को लॉन्च किया था, जो AI वर्चुअल असिस्टेंट के तौर पर काम करता है। इसी वजह से मस्क के लिए यह गठजोड़ एक प्रतिद्वंद्वी की ताकत को बढ़ाने जैसा लग रहा है।
This seems like an unreasonable concentration of power for Google, given that the also have Android and Chrome
— Elon Musk (@elonmusk) January 12, 2026
Grok पर चल रहे विवाद और कानूनी झगड़े
Elon Musk की कंपनी xAI और एप्पल के बीच पहले से ही विवाद जारी है। मस्क ने एप्पल और OpenAI पर मुकदमा दायर किया है जिसमें उन्होंने Apple App Store की नीतियों को Grok के लिए हानिकारक बताया है। वहीं Grok AI को लेकर कई देशों में भी विवाद उठे हैं। इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok को अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट जनरेट करने के आरोप में बैन कर दिया है। भारत और यूरोपीय यूनियन की सरकारों ने भी Grok की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। भारत सरकार की IT मंत्रालय ने Grok से हानिकारक कंटेंट हटाने के आदेश जारी किए, जिनका पालन xAI ने किया।
एप्पल-गूगल साझेदारी से iPhone यूजर्स को होंगे फायदे
जहां एक ओर यह साझेदारी विवादों का विषय बनी हुई है, वहीं लाखों iPhone यूजर्स के लिए यह एक बड़ी सुविधा साबित होगी। गूगल जेमिनी AI के सपोर्ट से सिरी पहले से भी ज्यादा स्मार्ट और सक्षम बन जाएगा। यूजर्स अब सिरी के जरिए कई नई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जैसे कि लाइव ट्रांसलेशन और बेहतर वॉइस कमांड। यह अपडेट iPhone, iPad और एप्पल के अन्य डिवाइसेज में उपलब्ध होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल इस साझेदारी के लिए गूगल को हर साल लगभग 1 बिलियन डॉलर की राशि देगा। इससे दोनों टेक दिग्गजों को अपने AI क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी, लेकिन एलन मस्क जैसे विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ेगी कि कहीं इस गठजोड़ से बाजार में असंतुलन न पैदा हो जाए।
टेक्नॉलॉजी
Realme Neo 8 के स्पेसिफिकेशन्स लीक, 80W चार्जिंग और 3D इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट के साथ
-
Fashion9 years ago
These ’90s fashion trends are making a comeback in 2017
-
Fashion9 years ago
According to Dior Couture, this taboo fashion accessory is back
-
मनोरंजन9 years ago
The old and New Edition cast comes together to perform
-
Sports9 years ago
Phillies’ Aaron Altherr makes mind-boggling barehanded play
-
Sports9 years ago
Steph Curry finally got the contract he deserves from the Warriors
-
मनोरंजन9 years ago
Disney’s live-action Aladdin finally finds its stars
-
Business9 years ago
Uber and Lyft are finally available in all of New York State
-
Business9 years ago
The 9 worst mistakes you can ever make at work
