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Airtel और Zscaler ने मिलकर भारत में साइबर फ्रॉड पर लगाया कड़ा शिकंजा

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Airtel और Zscaler ने मिलकर भारत में साइबर फ्रॉड पर लगाया कड़ा शिकंजा

भारती Airtel ने भारत में साइबर फ्रॉड और डिजिटल खतरों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने कैलिफोर्निया बेस्ड AI सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म Zscaler के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया है। इस साझेदारी के तहत एयरटेल और Zscaler मिलकर एडवांस साइबर थ्रेट डिटेक्शन और प्रिवेंशन मैकेनिज्म तैयार करेंगे। एयरटेल ने बताया कि इस पहल के जरिए यूजर्स को ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी कॉल्स से बचाया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने और यूजर्स के डेटा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लिया गया है।

भारत में स्थापित होगा AI & Cyber Threat रिसर्च सेंटर

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में Airtel ने अपने AI रिसर्च सेंटर के लिए हुए पार्टनरशिप का खुलासा किया। यह सेंटर एडवांस साइबर थ्रेट रिसर्च पर काम करेगा और भारत के पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर को साइबर हमलों से बचाएगा। एयरटेल के मुताबिक यह एक मल्टी-स्टेकहोल्डर डिजिटल इनिशिएटिव है। इसके जरिए बैंकिंग, टेलीकॉम, एनर्जी और डिजिटल यूजर्स सहित विभिन्न इंडस्ट्रीज के असैट्स को साइबर थ्रेट्स से सुरक्षित किया जाएगा। सेंटर भारत की नेशनल सिक्योरिटी और अर्थव्यवस्था को साइबर खतरों से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Airtel और Zscaler ने मिलकर भारत में साइबर फ्रॉड पर लगाया कड़ा शिकंजा

अमेरिकी Zscaler के साथ मिलकर होगा रिसर्च

एयरटेल ने बताया कि AI रिसर्च सेंटर में अमेरिकी कंपनी Zscaler की ThreatLabz टीम हर महीने लाखों साइबर अटैम्प्ट्स को मॉनिटर करेगी। ThreatLabz के मुताबिक हाल ही में भारत में 1.2 मिलियन इंट्रूसन अटैम्प्ट्स दर्ज किए गए हैं। ये अटैम्प्ट्स लगभग 20 हजार सोर्स से हुए और भारत के 58 डिजिटल एंटीटीज को टारगेट किया गया। एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट गोपाल विट्ठल ने कहा कि रिसर्च सेंटर के जरिए यूजर्स सुरक्षित डिजिटल अनुभव का लाभ उठा सकेंगे। Zscaler के CEO जय चौधरी का कहना है कि यह सेंटर भारत को एक सिक्योरिटी क्लाउड उपलब्ध कराएगा जो पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर को साइबर हमलों से बचाएगा।

AI डिटेक्शन टूल से बढ़ेगा यूजर्स का सुरक्षा कवच

एयरटेल ने पहले ही अपने नेटवर्क में AI डिटेक्शन टूल को लागू किया है जो कॉल और मैसेज के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड को पकड़ता है। यह टूल फर्जी कॉल्स और मैसेज को नेटवर्क लेवल पर डिटेक्ट करता है और यूजर को तुरंत स्पैम की चेतावनी देता है। इस टूल की मदद से यूजर्स ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम से सुरक्षित रहते हैं। एयरटेल की इस पहल के बाद अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने भी इसी तरह के AI टूल को अपने नेटवर्क में शामिल करना शुरू कर दिया है। इसके जरिए भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल और सुरक्षित हो जाएगा।

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कॉल के दौरान फोन स्क्रीन अचानक बंद होना है स्मार्ट फीचर, खराबी नहीं

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कॉल के दौरान फोन स्क्रीन अचानक बंद होना है स्मार्ट फीचर, खराबी नहीं

अक्सर हम फोन पर बात कर रहे होते हैं और अचानक स्क्रीन काली हो जाती है। ज्यादातर लोग समझते हैं कि उनका स्मार्टफोन खराब हो गया है या उसमें कोई गड़बड़ी शुरू हो गई है। लेकिन सचाई यह है कि यह समस्या किसी दोष की वजह से नहीं होती। बल्कि यह स्मार्टफोन की एक समझदारी से डिज़ाइन की गई सुविधा है। इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी बचाना और कॉल के दौरान गलती से स्क्रीन को छूने से रोकना है।

स्क्रीन टाइमआउट और प्रोximity सेंसर का महत्व

आज के अधिकांश स्मार्टफोन में ऐसी तकनीक लगी होती है जो आवश्यकतानुसार स्क्रीन को ऑन या ऑफ कर देती है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं—स्क्रीन टाइमआउट सेटिंग और प्रॉक्सिमिटी सेंसर। स्क्रीन टाइमआउट वह फीचर है जो अगर यूजर फोन को लंबे समय तक न छुए तो स्क्रीन को बंद कर देता है। मोबाइल की स्क्रीन बैटरी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाला हिस्सा होती है। अगर स्क्रीन लगातार चालू रहे तो बैटरी तेजी से खत्म हो सकती है। इसलिए निर्माता 15 सेकेंड, 30 सेकेंड या 1 मिनट जैसी अवधि तय कर देते हैं।

कॉल के दौरान फोन स्क्रीन अचानक बंद होना है स्मार्ट फीचर, खराबी नहीं

यदि आपको लगे कि आपकी स्क्रीन जल्दी बंद हो रही है तो आप इसे सेटिंग्स में जाकर बदल सकते हैं। आमतौर पर “Display” या “Screen Brightness” सेक्शन में जाकर “Screen Timeout” या “Sleep” विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा जब “Power Saving Mode” चालू हो तो यह अवधि स्वतः कम भी हो सकती है। प्रॉक्सिमिटी सेंसर कॉल के दौरान काम आता है। यह फोन के ऊपरी हिस्से में फ्रंट कैमरा और ईयरपीस के पास स्थित होता है। जैसे ही यह सेंसर यह महसूस करता है कि फोन कान के पास है, स्क्रीन तुरंत बंद हो जाती है। इससे कॉल के दौरान गलती से बटन दबाने का खतरा नहीं रहता और बैटरी भी बचती है।

प्रोximity सेंसर में समस्या और समाधान

कभी-कभी स्क्रीन बार-बार अपने आप बंद और चालू हो सकती है। ऐसा अक्सर तब होता है जब धूल, गंदगी या स्क्रीन प्रोटेक्टर सेंसर पर जमा हो जाता है। कभी-कभी मोबाइल केस भी सेंसर को ब्लॉक कर देता है। ऐसे में फोन के ऊपरी हिस्से को हल्के से साफ करना या केस हटाकर देखना मददगार हो सकता है। अगर इसके बाद भी समस्या बनी रहे तो यह सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, ओवरहीटिंग या बैटरी इशू का संकेत हो सकता है।

स्मार्ट फीचर का सही इस्तेमाल और फायदे

वास्तव में फोन का स्क्रीन अपने आप बंद होना कोई खराबी नहीं बल्कि सुरक्षा और बैटरी बचाने वाला फीचर है। यह गलती से स्क्रीन को छूने से बचाता है, बैटरी की खपत कम करता है और कॉल के दौरान उपयोगकर्ता का अनुभव सरल बनाता है। अगर यूजर इन सेटिंग्स को समझकर इस्तेमाल करें तो स्मार्टफोन लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करेगा और बैटरी लाइफ भी काफी बढ़ जाएगी।

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Xiaomi 17 Ultra का 200MP कैमरा और 6000mAh बैटरी फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च

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Xiaomi 17 Ultra का 200MP कैमरा और 6000mAh बैटरी फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च

भारत में शाओमी ने आखिरकार अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन Xiaomi 17 और Xiaomi 17 Ultra को लॉन्च कर दिया है। ये दोनों फोन Xiaomi 17 सीरीज के तहत पेश किए गए हैं और इनके लिए शाओमी ने जर्मन लेंस निर्माता Leica के साथ साझेदारी की है। लॉन्च के दौरान कंपनी ने बताया कि दोनों स्मार्टफोन उच्च गुणवत्ता वाले डिस्प्ले और कैमरा फीचर्स के साथ आए हैं। इनकी खरीदारी 18 मार्च से अमेजन, शाओमी ऑनलाइन और शाओमी रिटेल स्टोर पर की जा सकती है।

Xiaomi 17 Ultra के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Xiaomi 17 Ultra में 6.9 इंच का LTPO AMOLED डिस्प्ले है और 120Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है। इसकी अधिकतम ब्राइटनेस 3500 निट्स तक जाती है। फोन में IP68 सर्टिफिकेशन और 218.4 ग्राम वजन है। इसमें 6000mAh की बैटरी दी गई है, जो 90W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। कैमरा की बात करें तो इसमें 50MP मेन कैमरा, 200MP पेरीस्कोप टेलीफोटो लेंस और 50MP अल्ट्रावाइड कैमरा है। 200MP कैमरा 75–100mm ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करता है। फ्रंट कैमरा भी 50MP का है, जो सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए उपयुक्त है।

Xiaomi 17 Ultra का 200MP कैमरा और 6000mAh बैटरी फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च

Xiaomi 17 के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Xiaomi 17 में 6.3 इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले है और इसमें भी 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है। इसकी अधिकतम ब्राइटनेस 3500 निट्स है और फोन का वजन 191 ग्राम है। इसमें 6300mAh बैटरी है, जो 100W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कैमरा सेटअप में 50MP मेन कैमरा, 50MP पेरीस्कोप टेलीफोटो और 50MP अल्ट्रावाइड कैमरा शामिल हैं। इसके साथ ही 50MP का फ्रंट कैमरा भी मौजूद है। दोनों फोन Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर पर चलते हैं और Xiaomi HyperOS 3.5 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आते हैं।

कीमत और ऑफर्स

Xiaomi 17 Ultra को 16GB रैम और 512GB स्टोरेज वेरिएंट में ₹1,39,999 में लॉन्च किया गया है। एसबीआई क्रेडिट कार्ड से खरीदने पर 10,000 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा और फोन ₹1,29,999 में मिल सकता है। अर्ली बर्ड पीरियड 13 से 17 मार्च तक चलेगा, जिसमें ग्राहकों को शाओमी प्रोफेशनल फोटोग्राफी किट प्रो मुफ्त दी जाएगी। वहीं, Xiaomi 17 की कीमत 12GB+512GB वेरिएंट के लिए ₹89,999 रखी गई है।

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फेसलेस यूट्यूब चैनल से बिना दिखे भी कमाएं लाखों रुपए घर बैठे आसान तरीका

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फेसलेस यूट्यूब चैनल से बिना दिखे भी कमाएं लाखों रुपए घर बैठे आसान तरीका

आज के डिजिटल युग में यूट्यूब केवल मनोरंजन का प्लेटफॉर्म नहीं रहा, बल्कि यह आय का एक बड़ा जरिया बन गया है। पहले यह माना जाता था कि सफलता पाने के लिए कैमरे पर आना जरूरी है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज कई लोग फेसलेस यूट्यूब चैनल बनाकर बिना अपने चेहरे को दिखाए भी लाखों रुपये कमा रहे हैं। यहां सफलता की कुंजी है अच्छा कंटेंट और सही आइडिया।

फेसलेस यूट्यूब चैनल क्या है?

फेसलेस यूट्यूब चैनल वह होता है जिसमें कंटेंट क्रिएटर कैमरे पर नहीं दिखाई देता। इन चैनलों में अक्सर वॉइसओवर, एनिमेशन, स्क्रीन रिकॉर्डिंग, स्लाइड या स्टॉक वीडियो का इस्तेमाल किया जाता है। दर्शकों को मनोरंजन या जानकारी दी जाती है, लेकिन क्रिएटर का चेहरा नहीं दिखता। ऐसे चैनल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और टेक्नोलॉजी जानकारी, मोटिवेशनल वीडियो, फैक्ट्स, न्यूज अपडेट, स्टोरीटेलिंग, गेमिंग और एजुकेशनल कंटेंट जैसे विषयों को कवर करते हैं।

फेसलेस यूट्यूब चैनल से बिना दिखे भी कमाएं लाखों रुपए घर बैठे आसान तरीका

फेसलेस चैनल कैसे शुरू करें?

फेसलेस यूट्यूब चैनल शुरू करना बहुत मुश्किल नहीं है। सबसे पहले आपको एक ऐसा विषय चुनना होगा जिसमें आपकी रुचि हो और जिस पर आप नियमित कंटेंट बना सकें। इसके बाद स्क्रिप्ट तैयार करें और वॉइसओवर रिकॉर्ड करें। वीडियो बनाने के लिए स्टॉक फुटेज, इमेज, स्क्रीन रिकॉर्डिंग या सिंपल एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। आजकल मोबाइल ऐप और सॉफ़्टवेयर भी उपलब्ध हैं जो वीडियो बनाने को आसान बनाते हैं।

कमाई के तरीके और बढ़ती लोकप्रियता

यूट्यूब पर पैसे केवल विज्ञापनों से नहीं मिलते। जैसे ही चैनल को अधिक व्यूज और सब्सक्राइबर मिलते हैं, क्रिएटर कई तरीकों से कमाई कर सकते हैं। सबसे पहला जरिया है यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम, जिसमें वीडियो पर विज्ञापन दिखाए जाते हैं। इसके अलावा ब्रांड प्रमोशन, एफिलिएट मार्केटिंग और स्पॉन्सर्ड कंटेंट भी अच्छी कमाई दे सकते हैं। कई लोग डिजिटल प्रोडक्ट्स या ऑनलाइन कोर्स बेचकर भी अतिरिक्त आय कमाते हैं।

फेसलेस चैनल की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण है कि इसमें किसी को कैमरे पर आना नहीं पड़ता। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो कैमरे पर बोलने में हिचकिचाते हैं या अपनी पहचान छुपाना चाहते हैं। इसके अलावा इस तरह का चैनल घर बैठे कम लागत में शुरू किया जा सकता है। अगर कंटेंट अच्छा है और नियमित वीडियो अपलोड किए जाते हैं, तो चैनल की व्यूज और सब्सक्राइबर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और यह स्थायी आय का जरिया बन जाता है।

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