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Air India Flight: मंगोलिया में एयर इंडिया की फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग, तकनीकी खराबी के कारण लिया एहतियाती कदम
Air India Flight: एयर इंडिया की फ्लाइट AI174, जो सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली जा रही थी, को बीच रास्ते में तकनीकी खराबी की आशंका के चलते मंगोलिया के उलानबटार एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी। विमान को सुरक्षित उतारा गया और सभी यात्री एवं क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। यह घटना शनिवार, 2 नवंबर को हुई। एयर इंडिया ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह लैंडिंग केवल एहतियात के तौर पर की गई थी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एयर इंडिया ने दी जानकारी, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, “2 नवंबर को फ्लाइट AI174, जो सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली कोलकाता मार्ग पर थी, को रास्ते में तकनीकी खराबी की आशंका के कारण मंगोलिया के उलानबटार में सुरक्षित एहतियाती लैंडिंग करनी पड़ी। सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं और आवश्यक जांच की जा रही है।” एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वे सभी यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए कार्यरत हैं। एयरलाइन ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमेशा से कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
IMPORTANT UPDATE
"AI174 of 02 November, operating from San Francisco to Delhi via Kolkata, made a precautionary landing at Ulaanbaatar, Mongolia, after the flight crew suspected a technical issue en route. The aircraft landed safely at Ulaanbaatar and is undergoing the necessary…
— Air India (@airindia) November 3, 2025
नेपाल में श्री एयरलाइंस की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
इसी दिन, एक और घटना नेपाल में सामने आई, जहाँ श्री एयरलाइंस की फ्लाइट को भी तकनीकी खराबी के कारण आपात लैंडिंग करनी पड़ी। यह फ्लाइट संख्या 222, सुदूर पश्चिम प्रांत के धनगढ़ी से काठमांडू जा रही थी। उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही विमान में हाइड्रोलिक सिस्टम की समस्या आ गई। इसके बाद पायलट ने गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, भैरहवा पर विमान को सुरक्षित उतारा। विमान में सवार 82 यात्री और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित रहे।
दोनों घटनाओं में किसी यात्री को नुकसान नहीं, जांच जारी
एयरपोर्ट अधिकारियों ने पुष्टि की कि श्री एयरलाइंस की फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान किसी को भी चोट नहीं आई। एयरलाइन ने यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए दूसरा विमान उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने बताया कि हाइड्रोलिक खराबी की तकनीकी जांच जारी है और घटना को तुरंत संभाला गया। वहीं एयर इंडिया के मामले में भी तकनीकी जांच शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगा रही है कि तकनीकी खराबी किस वजह से उत्पन्न हुई। इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह साबित किया कि एयरलाइंस कंपनियाँ सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं और किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाती हैं।
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असम चुनाव से पहले कांग्रेस में दलबदल की आंधी, क्या भाजपा को मिलेगा सीधा फायदा
असम की राजनीति में इस समय कांग्रेस पार्टी कई मुश्किलों से गुजर रही है। लगातार हो रही दल-बदल की घटनाओं ने पार्टी की स्थिति को कमजोर कर दिया है। साल 2016 से कांग्रेस राज्य की सत्ता से बाहर है और आगामी विधानसभा चुनावों में उसे भारतीय जनता पार्टी के मजबूत संगठन से मुकाबला करना होगा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने पिछले वर्षों में कई विकास और कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं जिनका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई देता है। ऐसे में कांग्रेस के सामने न केवल चुनावी रणनीति बनाने की चुनौती है बल्कि संगठन को फिर से मजबूत करने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।
कांग्रेस को कहां मिल सकता है फायदा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में बढ़ती एंटी इनकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर कांग्रेस के लिए एक अवसर बन सकती है। खासतौर पर अल्पसंख्यक मतदाता और बंगाली भाषी मुस्लिम समुदाय का समर्थन कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जोरहाट सीट से गौरव गोगोई की बड़ी जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है। पार्टी ने इस बार उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। इससे कांग्रेस को उम्मीद है कि युवा नेतृत्व और स्थानीय मुद्दों के सहारे वह भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकेगी।

लगातार हो रहे दलबदल से कमजोर हुआ संगठन
पिछले एक दशक में कांग्रेस को असम में कई बड़े राजनीतिक झटके लगे हैं। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी कभी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए। हाल ही में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा और तीन अन्य विधायकों के भाजपा में जाने से पार्टी को नया झटका लगा है। जमीनी स्तर पर संगठन की कमजोरी भी कांग्रेस के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। चाय बागान के मजदूर जो कभी कांग्रेस के मजबूत वोट बैंक माने जाते थे अब धीरे धीरे भाजपा की ओर झुकते नजर आ रहे हैं। इससे कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर भी असर पड़ रहा है।
सत्ता विरोधी माहौल कांग्रेस के लिए अवसर
राजनीतिक परिस्थितियों के बीच कांग्रेस के पास अभी भी वापसी का मौका है। यदि पार्टी सत्ता विरोधी लहर को सही तरीके से भुना पाती है तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। कांग्रेस के पास यह अवसर भी है कि वह एनडीए गठबंधन के भीतर असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़ सके। हालांकि लगातार हो रहा दलबदल और संगठनात्मक कमजोरी पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दूसरी ओर सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन की मजबूत चुनावी मशीनरी और प्रशासनिक पकड़ कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस इस राजनीतिक संघर्ष में खुद को फिर से मजबूत कर पाती है या भाजपा अपनी पकड़ और मजबूत कर लेती है।
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मिका सिंह के बॉडीगार्ड ने 30 साल पहले कहा था, ‘तुम खुद स्ट्रगल कर रहे हो’
बॉलीवुड और पंजाबी संगीत के चर्चित गायक मिका सिंह आज करोड़ों दिलों पर राज करते हैं। उनके गाने “आज की पार्टी” और “सावन में लग गई आग” युवाओं में हिट हुए और उन्हें स्टारडम दिलाया। आज मिका सिंह शानदार जिंदगी जी रहे हैं और उनके चारों ओर सुरक्षा के लिए कई बॉडीगार्ड्स हैं। लेकिन मिका ने खुलासा किया कि उनके वर्तमान बॉडीगार्ड ने शुरू में उन्हें स्ट्रगलर कहकर काम करने से मना कर दिया था।
बॉडीगार्ड कार्तार का मज़ेदार किस्सा
फिल्ममेकर फराह खान हाल ही में मिका सिंह के दिल्ली स्थित फार्महाउस पर गईं। वीडियो में मिका ने अपने बॉडीगार्ड कार्तार को फराह से मिलवाया। मिका ने कहा, “ये हैं कार्तार भाई।” जब कार्तार ने फराह के पैर छूने के लिए झुकें, मिका ने मजाकिया अंदाज में बताया, “ये बिल्कुल डिकेंट नहीं हैं। जब मैं उनसे 30 साल पहले मिला, मैंने कहा कि ‘तुम लंबा चौड़ा हो, क्या तुम मेरे बॉडीगार्ड बनोगे?’ उन्होंने कहा, ‘तुम पहले काम शुरू करो, तुम तो खुद स्ट्रगल कर रहे हो।’” फराह ने पूछा कि क्या यह सच है, और कार्तार ने हां में सिर हिलाया। मिका ने आगे कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत की और करियर बनाया ताकि कार्तार को बॉडीगार्ड के रूप में रख सकें।

मिका सिंह की शुरुआती संगीत यात्रा
मिका ने अपने संगीत सफर और परिवार के योगदान के बारे में भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे और संगीत से गहरी लगाव रखते थे। “पंजाब के अधिकतर सिंगर्स की शुरुआत गुरुद्वारे में होती है। वहां वे ग़ुरबानी सीखते हैं और राग पकड़ते हैं। मैं भी कीर्तन में तबला बजाता था। वाहेगुरु की कृपा है कि हम आज यहां तक पहुंचे हैं। उस समय मैंने सोचा था कि जब मैं खूब पैसा कमाऊंगा, तो जरूर अपने फार्महाउस में एक गुरुद्वारा बनाऊंगा।”
मिका सिंह का फार्महाउस: गाना, पूजा और गुरुद्वारा
मिका ने अपने फार्महाउस में गुरुद्वारा और मंदिर भी बनवाया है। यह उनके परिवार की धार्मिक परंपरा और संगीत प्रेम का प्रतीक है। उनका मानना है कि मेहनत और समर्पण से ही सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। मिका की कहानी यह भी दर्शाती है कि संघर्ष के समय में धैर्य और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं। आज वह सिर्फ संगीत जगत में नहीं, बल्कि समाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी अपनी पहचान बना चुके हैं।
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युवती की ईव टीजिंग शिकायत पर थाने में एसएचओ ने कहा चौंकाने वाला वाक्य
पश्चिम बंगाल के नरेंद्रपुर से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवती, जो कानून की छात्रा भी हैं, थाने में ईव टीजिंग की शिकायत दर्ज कराने गई थीं, लेकिन वहां उनके साथ आपत्तिजनक व्यवहार हुआ। पीड़िता का कहना है कि थाने के एसएचओ ने उनकी बात सुनकर कहा, “अब तक गैंगरेप हो जाना चाहिए था,” जिससे वह हैरान रह गईं। यह टिप्पणी थाने के कमरे में हुई, जहां उनकी मां और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।
रोजाना की ईव टीजिंग का दर्दनाक अनुभव
पीड़िता ने एबीपी आनंदा को बताया कि वह हर दिन अलीपुर कोर्ट से लौटती हैं और रात 8-9 बजे के बीच ‘टेस्ट ऑफ दार्जिलिंग’ नामक रेस्तरां के पास कुछ लड़के उन्हें ताना मारते हैं और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। यह मामला पिछले एक-दो महीने से लगातार जारी है। 7 तारीख को भी इसी दौरान उन्हें लक्षित किया गया। पीड़िता की मां ने तुरंत थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन एसएचओ की आपत्तिजनक टिप्पणी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

मुख्यमंत्री के पास मामला पहुंचाने की कोशिश
पीड़िता के पिता ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास मामला उठाने का प्रयास किया, लेकिन धरना मंच बंद होने के कारण उनसे सीधे संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने अरूप विश्वास से संपर्क किया, जिन्होंने आश्वासन दिया कि यह मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा। इसके बाद पीड़िता ने लिखित शिकायत दर्ज कराई और मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों को सौंप दी। महिला दिवस के एक कार्यक्रम में भी पीड़िता के पिता ने न्यायाधीश के सामने यह मामला उठाया, जिससे उच्च स्तर पर इसकी गंभीरता सामने आई।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
बारुईपुर जिला पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि थाने के एसएचओ ने वास्तव में क्या कहा, शिकायत कितनी सत्य है और उपलब्ध तथ्यों और सबूतों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अगर जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो एसएचओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने समाज और प्रशासन दोनों के समक्ष महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की गंभीर चुनौतियों को उजागर किया है।
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