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Air India Express: हिंडन एयरपोर्ट से अब सीधी फ्लाइट, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुरू की नई सेवा!

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Air India Express: हिंडन एयरपोर्ट से अब सीधी फ्लाइट, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुरू की नई सेवा!

Air India Express: टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शनिवार को कोलकाता से उत्तर प्रदेश के हिंडन एयरपोर्ट के लिए सीधी उड़ान शुरू कर दी। यह उड़ान कोलकाता से हिंडन के बीच प्रतिदिन संचालित होगी, जबकि हिंडन से कोलकाता की उड़ान सप्ताह में छह दिन (शनिवार को छोड़कर) संचालित की जाएगी। यह सेवा न केवल कोलकाता और हिंडन को जोड़ती है, बल्कि हिंडन एयरपोर्ट को अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

कोलकाता-हिंडन फ्लाइट का समय

एयर इंडिया एक्सप्रेस की इस नई सेवा के तहत, कोलकाता से हिंडन की उड़ान सुबह 7:10 बजे रवाना होगी और सुबह 9:30 बजे हिंडन पहुंचेगी। वहीं, हिंडन से कोलकाता के लिए वापसी की उड़ान शाम 5:20 बजे हिंडन एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी और शाम 7:40 बजे कोलकाता पहुंचेगी। यह सेवा यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान करने और पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के बीच हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई है।

हिंडन एयरपोर्ट से जुड़ेंगे ये प्रमुख शहर

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी है कि वह हिंडन एयरपोर्ट से 40 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करेगी। इससे हिंडन एयरपोर्ट को बेंगलुरु, चेन्नई, गोवा, जम्मू और कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण शहरों से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

शनिवार को इस सेवा का उद्घाटन नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक अलोक सिंह ने कहा कि हिंडन एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा। यह एयरपोर्ट पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के यात्रियों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प साबित होगा।

हिंडन एयरपोर्ट से नई उड़ानों का महत्व

हिंडन एयरपोर्ट से सीधी उड़ानों की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। अभी तक दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI Airport) ही मुख्य एयर ट्रैफिक केंद्र था, लेकिन हिंडन एयरपोर्ट के जरिए अब यात्रियों को कम भीड़भाड़ वाले और सुविधाजनक विकल्प मिलेंगे।

हिंडन एयरपोर्ट से यात्रा के फायदे

  1. दिल्ली-एनसीआर के पूर्वी और उत्तरी भागों के यात्रियों को राहत – अब वे हिंडन से सीधी उड़ान पकड़ सकते हैं और IGI एयरपोर्ट तक लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं होगी।
  2. गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को सुविधा – हिंडन एयरपोर्ट अब इन क्षेत्रों के यात्रियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया है।
  3. कम भीड़ और तेज़ चेक-इन प्रक्रिया – IGI एयरपोर्ट की तुलना में हिंडन एयरपोर्ट पर कम भीड़ होगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।
  4. नई उड़ानों के जरिए टूरिज्म को बढ़ावा – हिंडन से गोवा, चेन्नई और जम्मू जैसी जगहों के लिए सीधी उड़ानें मिलने से पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ होगा।

कुछ महीनों पहले शुरू हुई थी अन्य उड़ानें

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कुछ महीने पहले ही कोलकाता से श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) के लिए भी दैनिक उड़ान सेवा शुरू की थी। इसके अलावा, 15 दिसंबर से इस रूट पर अतिरिक्त दैनिक उड़ान भी शुरू कर दी गई, जिससे कोलकाता और श्री विजयपुरम के बीच दिन में दो बार कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो गई।

एयर इंडिया एक्सप्रेस के भविष्य की योजनाएं

एयर इंडिया ग्रुप ने पिछले साल AIX Connect का एयर इंडिया एक्सप्रेस में विलय पूरा कर लिया था। इस विलय के बाद, एयर इंडिया एक्सप्रेस तेजी से अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस का विस्तार

  • मार्च 2025 तक 100 से अधिक विमानों का बेड़ा – विलय के बाद, एयर इंडिया एक्सप्रेस का बेड़ा मार्च 2025 के अंत तक 100 से अधिक विमानों का हो जाएगा।
  • नए रूट्स पर ध्यान – एयर इंडिया एक्सप्रेस अब और अधिक शहरों को जोड़ने की योजना बना रही है, जिससे देश के छोटे और मझोले हवाई अड्डों से कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
  • अंतरराष्ट्रीय विस्तार की संभावना – आने वाले समय में एयर इंडिया एक्सप्रेस अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को भी विस्तार देने की योजना बना रही है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की कोलकाता-हिंडन उड़ान की शुरुआत देश के हवाई नेटवर्क के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्रियों को न केवल तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि हिंडन एयरपोर्ट को भी एक प्रमुख हवाई केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। इस सेवा से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिम बंगाल के बीच हवाई संपर्क मजबूत होगा, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी। इसके अलावा, एयर इंडिया एक्सप्रेस की अन्य उड़ानों के विस्तार से देश के हवाई यात्रा क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।

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घरेलू गैस सिलेंडरों में 14.2 किलोग्राम की जगह 10 किलोग्राम की संभावना

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घरेलू गैस सिलेंडरों में 14.2 किलोग्राम की जगह 10 किलोग्राम की संभावना

गुल्फ़ देशों में जारी संघर्ष का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण आयात में कमी आई है। इसके परिणामस्वरूप तेल विपणन कंपनियों के पास उपलब्ध स्टॉक तेजी से घट रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और कंपनियां दोनों ही आवश्यक कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों में एलपीजी की आपूर्ति को घटाने पर विचार किया जा रहा है। योजना यह है कि हर सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम की बजाय लगभग 10 किलोग्राम गैस दी जाएगी। ऐसा करने से कुल उपलब्ध आपूर्ति में कमी होने के बावजूद अधिक परिवारों तक गैस पहुंचाई जा सकेगी।

आयात पर बढ़ा दबाव

देश में एलपीजी आयात की स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। वर्तमान में, गल्फ़ देशों से नई खेपें नहीं आ रही हैं। पिछले सप्ताह लगभग 92,700 टन गैस दो जहाजों के माध्यम से पहुंची, जो पूरे देश की एक दिन की खपत के बराबर है। वहीं, वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए आपूर्ति फिर से शुरू होने से उपलब्ध सीमित स्टॉक पर और दबाव पड़ गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हाल ही में कई बार कहा कि देश में एलपीजी की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।

घरेलू गैस सिलेंडरों में 14.2 किलोग्राम की जगह 10 किलोग्राम की संभावना

कम मात्रा वाले सिलेंडरों की कीमत कैसे तय होगी

अगर सिलेंडरों में गैस की मात्रा कम करने का निर्णय लागू किया गया तो इसकी कीमत अनुपात के आधार पर तय की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे सिलेंडरों पर विशेष स्टिकर लगाया जाएगा ताकि स्पष्ट हो कि इसमें कम मात्रा की गैस है। इसके लिए बॉटलिंग प्लांट्स को अपनी आंतरिक प्रणालियों में बदलाव करना होगा और आवश्यक नियामक अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

कंपनियों की चिंताएं और संभावित विरोध

इस योजना को लेकर संबंधित कंपनियों ने भी अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। उनका मानना है कि अचानक सिलेंडरों के वजन में कमी से उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा हो सकता है। इसके चलते जनता में असंतोष और विरोध की भावना पैदा होने की संभावना है। विशेष रूप से उन राज्यों में, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। कंपनियों के अनुसार, यदि अगले महीने स्थिति और बिगड़ती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।

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ईरान तनाव और तेल कीमतों से रुपये में गिरावट, डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंचा

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ईरान तनाव और तेल कीमतों से रुपये में गिरावट, डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंचा

हाल के दिनों में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालातों के बीच भारतीय रुपया लगातार दबाव में है। 18 मार्च को रुपया गिरकर अपने ऑल-टाइम लो 92.62 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की बेचने की गतिविधियों ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, दक्षिण एशियाई देशों में भारतीय रुपये की स्थिति सबसे कमजोर बनी हुई है और अगले साल यह डॉलर के मुकाबले 95 रुपये तक गिर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

पिछले महीने रुपये में गिरावट और RBI की रणनीति

पिछले एक महीने में भारतीय रुपये में करीब 1.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी निवेशकों ने मार्च महीने में लगभग 5.5 अरब डॉलर की इक्विटी भारतीय बाजार से निकाल ली, जिससे निफ्टी 50 करीब 8 प्रतिशत तक गिर गया। भारतीय रिजर्व बैंक लगातार बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये पर दबाव कम करने की कोशिश कर रहा है। आरबीआई ने हाल के समय में एक ही सप्ताह में करीब 18 से 20 अरब डॉलर की बिक्री की है, ताकि मुद्रा को स्थिर रखा जा सके। हालांकि, मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियां रुपये को मजबूती देने में चुनौतीपूर्ण साबित हो रही हैं।

ईरान तनाव और तेल कीमतों से रुपये में गिरावट, डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंचा

रुपये के टूटने के कारण और संभावित प्रभाव

गोल्डमैन सैक्स के भारतीय अर्थशास्त्री शांतनु सेनगुप्ता के अनुसार, रुपये के 95 प्रति डॉलर तक गिरने का अनुमान मुख्यतः अमेरिका-इजरायल संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने की आशंका पर आधारित है। चालू खाते के घाटे में वृद्धि भी इसका बड़ा कारण है। उच्च तेल मूल्य, निवेशकों की निकासी और वैश्विक आर्थिक तनाव ने भारतीय रुपये को कमजोर कर दिया है। यदि रुपया और नीचे गिरता है, तो आयात महंगा होगा, मुद्रास्फीति बढ़ेगी और आम जनता के लिए रोजमर्रा की चीजों की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

आर्थिक वृद्धि और महंगाई पर असर

रुपये की कमजोरी का असर भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी देखने को मिल सकता है। गोल्डमैन सैक्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का पूर्व अनुमान 7.0 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, महंगाई दर में 30 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी और चालू खाता घाटा 0.8 प्रतिशत बढ़कर जीडीपी के 1.2 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह संकेत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले वर्ष कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और रुपये की मजबूती और आर्थिक स्थिरता के लिए सरकार और RBI को सतर्क उपाय करने होंगे।

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भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक दबाव में

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भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक दबाव में

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को फिर से बड़ी गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स अपनी शुरुआती बढ़त खोकर अब 1000 अंक से ज्यादा टूट चुका है और 77,100-77,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी भी 300 से ज्यादा अंक गिरकर 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। निवेशकों पर एनर्जी संकट, Essential Commodities Act के लागू होने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और पॉजिटिव खबरों के इंतजार में हैं।

टॉप गेनर्स और लूजर्स की स्थिति

दिन के कारोबार में Wipro, Tata Steel, Power Grid, Hindalco, Tech Mahindra के शेयरों में तेजी देखने को मिली। वहीं, बैंकिंग सेक्टर में दबाव रहा और Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank, Bajaj Finserv के शेयर गिरावट में रहे। ऑटो सेक्टर में भी बिकवाली देखी गई, जिसमें Mahindra & Mahindra, TVS Motors शामिल हैं। टॉप लूजर्स में Reliance Industries और Bharti Airtel भी शामिल रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक और घरेलू घटनाओं के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक दबाव में

एशियाई और वॉल स्ट्रीट का रुख

बुधवार को एशियाई बाजारों में तेल की कीमतों में कमी के चलते तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 1.36 प्रतिशत बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 1.22 प्रतिशत की तेजी में रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.52 प्रतिशत और कोस्डैक स्मॉल-कैप 1.39 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 25,936 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, वॉल स्ट्रीट मंगलवार को लाल निशान में बंद हुआ। S&P 500 0.21 प्रतिशत गिरकर 6,781.48 पर बंद हुआ और डॉव जोन्स 34.29 अंक या 0.07 प्रतिशत लुढ़ककर 47,706.51 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.01 प्रतिशत बढ़कर 22,697.10 पर बंद हुआ।

क्रूड तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतें हल्की गिरावट के बाद ऊपर चली गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान में युद्ध समाप्त होने के संकेत मिलने के बाद WTI क्रूड 0.03 प्रतिशत गिरकर 83.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं, ब्रेंट क्रूड 119.50 डॉलर से गिरकर 87-90 डॉलर के दायरे में आ गया। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने वैश्विक बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए 182 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल आपातकालीन भंडार से जारी करने का प्रस्ताव रखा है। इससे तेल की सप्लाई में सुधार की उम्मीद है।

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