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AI chatbot reaches space: चीन का कमाल, अंतरिक्ष यात्रियों की स्पेसवॉक में पहली बार मदद

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AI chatbot reaches space: AI चैटबॉट्स ने धरती पर अपनी धूम पहले ही मचा दी थी लेकिन अब चीन ने इन्हें अंतरिक्ष में भी पहुंचा दिया है। चीन ने हाल ही में अपने तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर एक एडवांस्ड AI चैटबॉट को डिप्लॉय किया है। इस चैटबॉट का नाम Wukong AI रखा गया है। पिछले महीने इसे लॉन्च किया गया था और अब इसने अपना पहला मिशन सफलतापूर्वक पूरा भी कर लिया है। इस मिशन के तहत इसने स्पेस स्टेशन में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेसवॉक के दौरान नेविगेशन और प्लानिंग में मदद की।

दो मॉड्यूल वाला सिस्टम

Wukong AI को खास तAरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें दो मॉड्यूल शामिल हैं। पहला मॉड्यूल स्पेस स्टेशन में इंस्टॉल किया गया है, जो सीधे स्पेस क्रू की सहायता करता है। यह मॉड्यूल अंतरिक्ष यात्रियों को मुश्किल सवालों के तुरंत जवाब देने और तकनीकी चुनौतियों से निपटने में मदद करता है। दूसरा मॉड्यूल धरती पर रखा गया है, जो डेटा और एनालिसिस पर काम करता है। दोनों मॉड्यूल मिलकर एक एडवांस्ड AI असिस्टेंट की तरह काम करते हैं और हर मिशन की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं। इसे 15 जुलाई को इंस्टॉल किया गया था, हालांकि इसने अगस्त से अपना वास्तविक काम शुरू किया।

स्पेस मिशन में चैटबॉट की भूमिका

Wukong AI का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह गंभीर परिस्थितियों और जटिल ऑपरेशन्स में अंतरिक्ष यात्रियों को तुरंत और सही जानकारी उपलब्ध कराता है। यह उन्हें तकनीकी खामियों को जल्दी दूर करने में सक्षम बनाता है। इसके अलावा यह चैटबॉट क्रू की कार्यक्षमता बढ़ाता है और उन्हें मानसिक रूप से भी सपोर्ट प्रदान करता है। स्पेस मिशन के दौरान अकेलापन और तनाव सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होता है। ऐसे में यह चैटबॉट अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक साथी की तरह भी काम करता है।

AI chatbot reaches space: चीन का कमाल, अंतरिक्ष यात्रियों की स्पेसवॉक में पहली बार मदद

धरती और स्पेस के बीच कॉर्डिनेशन

इस AI सिस्टम का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह ग्राउंड टीम और स्पेस स्टेशन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने में मदद करता है। अक्सर किसी तकनीकी समस्या का हल ढूंढने में समय लग जाता है लेकिन Wukong AI तुरंत सही दिशा दिखाकर इस प्रक्रिया को आसान बना देता है। धरती पर मौजूद मॉड्यूल लगातार डेटा का विश्लेषण करता है और स्पेस में मौजूद मॉड्यूल को सही सुझाव देता है। इस वजह से मिशन के दौरान रिस्क कम हो जाता है और ऑपरेशन ज्यादा सुरक्षित बन जाते हैं।

स्पेस रेस में चीन की बढ़त

ये पहली बार है जब चीन ने अपने स्पेस स्टेशन पर किसी AI चैटबॉट को इंस्टॉल किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब स्पेस को लेकर देशों के बीच होड़ लगातार तेज हो रही है। अमेरिका, रूस और यूरोप पहले ही इस दिशा में रिसर्च कर रहे हैं लेकिन चीन का यह प्रयोग उसे इस टेक्नोलॉजी की रेस में आगे ले जा सकता है। Wukong AI न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि भविष्य में स्पेस मिशन बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर होंगे।

Wukong AI का तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर सफलतापूर्वक काम करना इस बात का सबूत है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब धरती तक सीमित नहीं रह गया है। यह अंतरिक्ष यात्रियों को तकनीकी सहायता देने के साथ-साथ मानसिक सहयोग भी प्रदान कर रहा है। चीन का यह कदम आने वाले समय में स्पेस मिशनों की दिशा और परिभाषा दोनों बदल सकता है।

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