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70 लाख का फ्लैट या 1.20 करोड़ का बोझ? Home Loan चल रहा है तो ये जानना है ज़रूरी

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70 लाख का फ्लैट या 1.20 करोड़ का बोझ? Home Loan चल रहा है तो ये जानना है ज़रूरी

Home Loan: अगर आप 70 लाख रुपये का फ्लैट खरीदते हैं और 60 लाख रुपये का होम लोन लेते हैं तो यह लोन चुकाने में आपको करीब 20 साल लग जाते हैं। इस दौरान आप हर महीने लगभग 50 हजार रुपये की ईएमआई देते हैं। कुल मिलाकर बैंक को आप 1.20 करोड़ से भी ज्यादा चुका देते हैं। जिसमें से करीब 60 लाख सिर्फ ब्याज होता है। यानी जितनी रकम आपने लोन ली थी उससे भी ज्यादा पैसा ब्याज में चला जाता है।

रेपो रेट घटे तो ईएमआई कम मत करें

अगर रिजर्व बैंक ने रेपो रेट घटा दिया है तो बैंक भी आपकी ईएमआई में थोड़ी राहत देगा। लेकिन अगर आप समझदारी दिखाना चाहते हैं तो बैंक से कहिए कि आपकी ईएमआई पहले जैसी ही रहे। ऐसा करने से आपका लोन जल्दी चुक जाएगा। इससे आप ब्याज में लाखों रुपये बचा सकते हैं।

70 लाख का फ्लैट या 1.20 करोड़ का बोझ? Home Loan चल रहा है तो ये जानना है ज़रूरी

लोन की समय सीमा घटाइए

अगर आपने लोन 20 साल के लिए लिया है तो कोशिश करें कि उसे 15 साल में ही खत्म कर दें। इसके लिए आप अपनी ईएमआई थोड़ी बढ़ा सकते हैं। मान लीजिए आपकी इनकम बढ़ रही है तो थोड़ी सी एक्स्ट्रा रकम हर महीने देने से बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा। इससे ब्याज की बचत होगी और लोन जल्दी खत्म होगा।

अचानक मिले पैसे का इस्तेमाल करें

अगर आपको कहीं से बोनस मिले या आपकी सेविंग्स में से कुछ रकम अलग रखी हो तो उसका इस्तेमाल लोन की प्री-पेमेंट में करें। इस तरह की प्री-पेमेंट से आप न सिर्फ लोन की राशि घटाते हैं बल्कि समय से पहले लोन खत्म कर लेते हैं। इससे मानसिक बोझ भी कम होता है और ब्याज का खर्च भी।

समझदारी से घर खरीदें और पैसे बचाएं

कई लोग सोचते हैं कि घर लेना सिर्फ लोन लेना और किश्त भरना है लेकिन अगर आप कुछ छोटे कदम उठाएं तो लाखों रुपये बचा सकते हैं। समय से पहले भुगतान करें ईएमआई न घटाएं और लोन की अवधि कम रखें। इससे आपका घर सस्ता भी पड़ेगा और भविष्य सुरक्षित भी रहेगा।

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Renault Duster की जबरदस्त वापसी: नया लुक, एडवांस फीचर्स और दमदार इंजन विकल्प

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Renault Duster की जबरदस्त वापसी: नया लुक, एडवांस फीचर्स और दमदार इंजन विकल्प

तीन साल की लंबी इंतजार के बाद Renault Duster भारत में एक बार फिर से लॉन्च होने जा रही है। 2022 में पहली जनरेशन मॉडल के बंद होने के बाद यह तीसरी जनरेशन डस्टर ग्लोबल मॉडल के तौर पर भारत में आएगी। इस बार डस्टर का लुक पूरी तरह बदल गया है और फीचर्स की फेहरिस्त भी बेहद एडवांस हो गई है, जिससे यह अपनी प्रतिस्पर्धी SUV से भिड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

डस्टर के अंदरूनी हिस्से में आपको 10.2 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा। वायरलेस फोन चार्जिंग, एंबिएंट लाइटिंग, पैनोरमिक सनरूफ और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स इसे और भी खास बनाते हैं। इसके साथ 17 फीचर्स वाला ADAS पैकेज भी दिया गया है जो सुरक्षा को और मजबूत करता है।

इंजन विकल्पों की बात करें तो इसमें तीन वेरिएंट मिलेंगे। टर्बो TCe 160 पेट्रोल इंजन 163 पीएस पावर के साथ 6-स्पीड वेट क्लच DCT के साथ आएगा। इसके अलावा 1.8 लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन भी मिलेगा, जो 80 प्रतिशत तक इलेक्ट्रिक मोड में चल सकता है। तीसरा विकल्प TCe 100 पेट्रोल इंजन है जो 100 पीएस पावर देता है।

डिजाइन में नया स्कल्प्टेड बोनट, चौड़े व्हील आर्च और रूफ रेल्स इसे स्पोर्टी और प्रीमियम लुक देते हैं। भारत में नई Duster की बुकिंग ₹21,000 की राशि पर शुरू हो चुकी है और यह मार्च 2026 में लॉन्च होगी। टर्बो पेट्रोल वेरिएंट की डिलीवरी अप्रैल से शुरू होगी, जबकि हाइब्रिड वर्जन दिवाली तक बाजार में आएगा। खास बात यह है कि Renault इस बार अपनी SUV के साथ 7 साल की वारंटी भी दे रहा है, जो कि कंपनी के लिए नया कदम है।

Renault Duster अपनी कड़ी प्रतिस्पर्धा में Hyundai Creta, Maruti Vitara, Tata Harrier और Kia Seltos जैसे पॉपुलर मॉडलों को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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Silver Price Predictions: चांदी की कीमतों में हो सकता है जबरदस्त उछाल, 2026 तक 200 डॉलर प्रति औंस!

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Silver Price Predictions: चांदी की कीमतों में हो सकता है जबरदस्त उछाल, 2026 तक 200 डॉलर प्रति औंस!

Silver Price Predictions: वर्तमान वैश्विक राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशकों का ध्यान खासतौर पर सोने और चांदी की ओर गया है। जहां शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और गिरावट की स्थिति बनी हुई है, वहीं सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस बीच वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। प्रसिद्ध वित्तीय लेखक रॉबर्ट कियोस्की ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर चांदी के महत्व को बढ़ाते हुए कहा है कि आज के तकनीकी युग में चांदी का महत्त्व सोने से भी अधिक हो गया है। वे इसे आधुनिक तकनीक की रीढ़ मानते हैं, जैसे औद्योगिक युग में लोहे का था।

चांदी के दामों में उछाल की संभावनाएं

कियोस्की ने बताया कि चांदी की कीमतें पिछले दशकों में लगातार बढ़ रही हैं। उदाहरण के तौर पर, 1990 में चांदी की कीमत लगभग 5 डॉलर प्रति औंस थी, जो अब 2026 तक बढ़कर लगभग 92 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी है। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि आने वाले समय में चांदी के दाम 200 डॉलर प्रति औंस तक भी पहुंच सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह अनुमान गलत भी हो सकता है, लेकिन इसके संभावित उछाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह तेजी निवेशकों के बीच एक नई उम्मीद जगाती है कि चांदी अब सिर्फ कीमती धातु नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण तकनीकी धातु बन चुकी है।

चांदी की कीमत बढ़ने के पीछे कारण

चांदी की कीमतों में तेजी के कई अहम कारण हैं। सबसे पहला कारण यह है कि निवेशक इसे सुरक्षित निवेश के रूप में तेजी से अपना रहे हैं। इसके अलावा चांदी की सप्लाई सीमित होती जा रही है, जबकि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्वर जैसी आधुनिक तकनीकों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों में बढ़ता डर भी चांदी की कीमतों को ऊपर धकेल रहा है। इसके अलावा, भारतीय रुपये की कमजोरी भी घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत लगभग 95 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुकी है, जबकि भारत में यह 3.34 लाख रुपये प्रति किलो के करीब चल रही है।

सोना या चांदी – निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प?

बाजार में चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं। एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए 1.51 लाख रुपये के पार पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन चांदी की चमक उससे कहीं ज्यादा तेज हो सकती है। चांदी तकनीकी जरूरतों में बढ़ती मांग के कारण निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन रही है। ऐसे में निवेशकों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में चांदी सोने से भी बेहतर निवेश साबित हो सकती है। बाजार के उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच, यह धातु निवेश को सुरक्षित और लाभकारी बनाने में मदद कर सकती है।

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Share Market Today: शुक्रवार को बाजार में तेजी, सेंसेक्स निफ्टी मजबूत, निवेशकों की नजर 26020 स्तर

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Share Market Today: शुक्रवार को बाजार में तेजी, सेंसेक्स निफ्टी मजबूत, निवेशकों की नजर 26020 स्तर

Share Market Today: शुक्रवार 16 जनवरी को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। बाजार खुलते ही निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में दिखे। सेंसेक्स 288 अंकों की बढ़त के साथ 83670.80 के स्तर पर खुला जबकि निफ्टी 50 ने 30 अंकों की मजबूती के साथ 25696 के आसपास कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली जिससे बाजार की चाल को समर्थन मिला। निवेशकों को उम्मीद दिखी कि बीते कुछ सत्रों की कमजोरी के बाद अब बाजार में स्थिरता लौट सकती है और शॉर्ट टर्म में रिकवरी का सिलसिला आगे बढ़ सकता है।

दिन चढ़ने के साथ तेज हुई तेजी और तकनीकी संकेत

सुबह 10 बजे तक सेंसेक्स 711.44 अंक यानी 0.82 प्रतिशत की तेजी के साथ 84068.53 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 195.55 अंक यानी 0.76 प्रतिशत चढ़कर 25861.15 पर कारोबार करता दिखा। 11 बजे तक इंट्राडे कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा मजबूत हो गया और निफ्टी 25800 के आसपास टिक गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी स्तरों पर मजबूती दिख रही है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार 25600 का सपोर्ट निफ्टी के लिए अहम साबित हुआ है। इसी वजह से रिकवरी पैटर्न मजबूत होता दिख रहा है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि निफ्टी को 26020 की ओर बढ़ने के लिए 25715 के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा। अगर बाजार इस स्तर से नीचे फिसलता है तो गिरावट का खतरा भी बना रह सकता है।

वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत

शुक्रवार को एशिया पैसिफिक बाजारों से मिले संकेत मिले जुले रहे। जापान का निक्केई 225 करीब 0.41 प्रतिशत गिरा जबकि टोपिक्स में 0.42 प्रतिशत की कमजोरी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.3 प्रतिशत चढ़ा लेकिन कोसडैक में 0.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं अमेरिका के बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले। 15 जनवरी को डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.60 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.26 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 0.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार की शुरुआत को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।

डॉलर इंडेक्स और एफआईआई डीआईआई की भूमिका

शुक्रवार सुबह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.04 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 98.39 पर कारोबार करता दिखा। यह इंडेक्स डॉलर की मजबूती को छह प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले मापता है। इसी बीच 14 जनवरी को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 0.10 प्रतिशत मजबूत होकर 90.29 पर बंद हुआ था। विदेशी निवेशकों की बात करें तो वे अभी भी भारतीय शेयर बाजार से दूरी बनाए हुए हैं। 14 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 4781 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5217 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। बाजार जानकारों का मानना है कि फिलहाल घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी ही बाजार को सहारा दे रही है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की रणनीति पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

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