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Vijay Kedia का बड़ा बयान – ‘मेरी आवाज और चेहरा नकली है, इस पर भरोसा न करें’

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Vijay Kedia का बड़ा बयान - 'मेरी आवाज और चेहरा नकली है, इस पर भरोसा न करें'

प्रसिद्ध निवेशक Vijay Kedia ने हाल ही में एक DeepFake वीडियो के बारे में चेतावनी जारी की, जिसमें उनकी आवाज़ और चेहरे का इस्तेमाल करके कुछ स्टॉक्स को प्रमोट किया जा रहा था। विजय केडिया ने अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स से अपील की है कि वे इस तरह के फर्जी कंटेंट पर विश्वास न करें। उनका कहना है कि वीडियो में जो चेहरा और आवाज़ दिखाई दे रही है, वह भले ही उनकी हो, लेकिन इंग्लिश और उनका एक्सेंट पूरी तरह से अलग है।

विजय केडिया ने क्या कहा?

विजय केडिया ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, “किसी ने मेरा नकली वीडियो बनाया है और उसमें मुझे कुछ शेयर खरीदने की सलाह देते हुए दिखाया है। चेहरा मेरा है, आवाज़ मेरी है… लेकिन अचानक मैं ऐसे बोल रहा हूं जैसे मैंने ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई की हो और न्यूयॉर्क में बड़ा हुआ हूं! अगर आप मुझे कभी परफेक्ट इंग्लिश बोलते हुए सुनें और उसमें वेस्टर्न एक्सेंट हो, तो समझ जाइए कि यह मैं नहीं हूं।”

विजय केडिया ने अपने निवेशक समुदाय से अपील की कि वे इस तरह के वीडियो से सावधान रहें और किसी भी वित्तीय सलाह पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। उन्होंने कहा, “फर्जी वीडियो से बचें, सत्यता की जांच करें, वरना आपका पैसा गलत हाथों में जा सकता है।”

DeepFake क्या है और यह निवेशकों के लिए खतरा क्यों है?

DeepFake तकनीक एक ऐसी तकनीक है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके किसी भी व्यक्ति की आवाज़ और चेहरे को उनके बिना वास्तविक वीडियो और ऑडियो में बदला जा सकता है। इस तकनीक के द्वारा व्यक्ति का चेहरा और आवाज़ बिल्कुल असली जैसा दिखाई देता है, जिससे धोखाधड़ी करने वाले इसे आसानी से धोखा देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अब धोखाधड़ी करने वाले अपराधी इस तकनीक का इस्तेमाल करके नामी-गिरामी हस्तियों की नकल करते हुए निवेशकों को धोखा देने का काम कर रहे हैं। इसके माध्यम से वे किसी सेलेब्रिटी या प्रभावशाली व्यक्ति की आवाज और चेहरा लगाकर फर्जी निवेश सलाह दे रहे हैं।

विजय केडिया का नाम और उनका निवेश दृष्टिकोण

विजय केडिया भारतीय स्टॉक मार्केट के एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जो अपनी बेहतरीन निवेश रणनीतियों के लिए मशहूर हैं। उनकी सलाह और निवेश दृष्टिकोण बहुत से निवेशकों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत रहा है। इस समय जब खुदरा निवेशकों को निशाना बनाकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, विजय केडिया का यह चेतावनी संदेश बेहद महत्वपूर्ण है।

विजय केडिया की चेतावनी इस बात की याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया में किसी भी जानकारी को विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है। खासकर जब बात पैसों और निवेश की हो, तो और भी ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।

निवेश में सावधानी बरतने की जरूरत

केडिया की यह चेतावनी यह बताती है कि निवेशकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी और झूठी जानकारी बहुत तेजी से फैल रही है। ऐसे में निवेशकों को चाहिए कि वे किसी भी निवेश संबंधी सलाह पर ध्यान देने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच करें। यह बहुत जरूरी है कि निवेशक किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें।

कहां निवेश करना चाहिए?

विजय केडिया ने हाल ही में भारतीय पर्यटन क्षेत्र में निवेश के विशाल अवसरों की बात की है। उन्होंने इसे एक सोने की खदान जैसा बताया है, जिसे अभी तक किसी ने ढूंढा नहीं है। केडिया ने यह अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में इस उद्योग की क्षमता 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय पर्यटन क्षेत्र में बड़े अवसर होने के बावजूद इसमें कई महत्वपूर्ण चुनौतियाँ भी हैं, जिनमें बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, यात्रा को सुविधाजनक बनाना, स्वच्छता और मार्केटिंग शामिल हैं। इन मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र को पूरी तरह से विकसित किया जा सके और निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और लाभकारी अवसर बने।

विजय केडिया की चेतावनी ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया कि डिजिटल दुनिया में निवेशकों को कितनी सावधानी से कदम उठाने की जरूरत है। DeepFake जैसी नई तकनीक से धोखाधड़ी करने वालों को यह एक आसान तरीका लग सकता है, लेकिन अगर निवेशक सतर्क रहें और अपनी जानकारी की जांच करें तो वे इस प्रकार के धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

विजय केडिया ने यह भी बताया कि भारतीय पर्यटन क्षेत्र में निवेश के विशाल अवसर हैं, लेकिन इसके साथ-साथ कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। निवेशकों को अपने फैसले सोच-समझकर और पूरी जानकारी के आधार पर लेने चाहिए, ताकि वे अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकें।

विजय केडिया की यह चेतावनी हमें यह याद दिलाती है कि वित्तीय सलाह लेते समय हमेशा सतर्क और सचेत रहें। केवल प्रतिष्ठित स्रोतों से ही जानकारी लें और किसी भी फर्जी वीडियो या जानकारी से बचें।

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Mutual funds में बड़ा उछाल! 2035 तक AUM और डायरेक्ट इक्विटी दोनों में तेजी, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

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Mutual funds में बड़ा उछाल! 2035 तक AUM और डायरेक्ट इक्विटी दोनों में तेजी, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

Mutual funds उद्योग की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2035 तक ₹300 लाख करोड़ के पार जाने की संभावना है, जबकि डायरेक्ट इक्विटी शेयरहोल्डिंग ₹250 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह जानकारी Bain & Company और ऑनलाइन स्टॉकब्रोकिंग कंपनी Groww की संयुक्त रिपोर्ट ‘How India Invests’ में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड AUM में यह तेज़ वृद्धि रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के व्यापक उपयोग से प्रेरित होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले दशक में भारतीय परिवारों में म्यूचुअल फंड्स की पहुंच दोगुनी होकर 10 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाएगी।

Mutual funds बन रहे सबसे तेजी से बढ़ते एसेट क्लास

रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया है कि म्यूचुअल फंड उद्योग की अगली वृद्धि की लहर घरेलू अपनाने, मजबूत डिजिटल क्षमताओं, सहायक नियामक ढांचे और बढ़ते निवेशक विश्वास से संचालित होगी। वहीं, डायरेक्ट इक्विटी में बढ़ोतरी का कारण है दीर्घकालिक निवेश की ओर बदलाव और डिजिटल माध्यमों से निवेशकों की बढ़ती पहुँच। Bain India के फाइनेंशियल सर्विसेज़ के पार्टनर और हेड सौरभ तृहन ने कहा, “भारतीय परिवार धीरे-धीरे पारंपरिक बचत के नजरिए से निवेश-केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में म्यूचुअल फंड्स और डायरेक्ट इक्विटीज सबसे तेजी से बढ़ते एसेट क्लास के रूप में उभरे हैं।”

Mutual funds में बड़ा उछाल! 2035 तक AUM और डायरेक्ट इक्विटी दोनों में तेजी, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

रिटेल निवेशक भारत की अर्थव्यवस्था में निभाएंगे अहम भूमिका

Groww के को-फाउंडर और COO हर्ष जैन ने भी इस दृष्टिकोण की पुष्टि की और कहा, “हम भारतीयों में एक संरचनात्मक बदलाव देख रहे हैं। अब लोग ‘पहले निवेश करें’ की मानसिकता अपना रहे हैं, न कि केवल ‘पहले बचत करें’ की।” रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रिटेल निवेश भारत को $10 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इससे न केवल नई नौकरियों का सृजन होगा, बल्कि वित्तीय क्षेत्र में व्यवसायों के लिए ग्रोथ कैपिटल की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

निवेश के बढ़ते अवसर और आर्थिक असर

रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड्स और डायरेक्ट इक्विटी में बढ़ती निवेश प्रवृत्ति से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर फायदा होगा। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इन निवेशों से 700,000 से अधिक नई नौकरियों का सृजन होगा और व्यवसायों के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और निवेशकों की जागरूकता ने पारंपरिक बचत से निवेश की दिशा में बदलाव को तेजी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले दशकों में भारतीय वित्तीय परिदृश्य को नया आकार देगी और घरेलू निवेशकों के लिए व्यापक अवसर पैदा करेगी।

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Indian Stock Market में बड़ा गिरावट! RBI की राहत के बावजूद क्यों हुआ सोमवार को मार्केट क्रैश?

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Indian Stock Market में बड़ा गिरावट! RBI की राहत के बावजूद क्यों हुआ सोमवार को मार्केट क्रैश?

सोमवार, 8 दिसंबर को Indian Stock Market में पहले ट्रेडिंग दिन ही जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कटौती की और बैंकों को लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की तरलता प्रदान की, फिर भी निवेशकों की उम्मीदों के विपरीत बाजार में कोई रैली नहीं देखी गई। इसके चलते निवेशकों को कुछ ही घंटों में लगभग ₹8 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। सोमवार दोपहर लगभग 2:50 बजे बीएसई सेंसेक्स 700.58 अंकों या 0.82% की गिरावट के साथ 85,011.79 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 50 262.40 अंकों या 1.00% की गिरावट के साथ 25,924.05 पर था।

बाजार गिरावट के प्रमुख कारण

सबसे पहला कारण है यूएस फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्कता। निवेशक 9 और 10 दिसंबर को होने वाली दो दिवसीय बैठक के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इस बैठक का वैश्विक स्तर पर असर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक अपने निवेश को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। दूसरा कारण है विदेशी निवेशकों द्वारा शेयरों की बिक्री। विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार में विश्वास नहीं दिखा रहे हैं। शुक्रवार को लगातार सातवें दिन विदेशी निवेशकों ने शेयर बेचे और ₹438.90 करोड़ की निकासी की। दिसंबर महीने में अब तक ₹11,000 करोड़ से अधिक निवेशक निकासी कर चुके हैं।

Indian Stock Market में बड़ा गिरावट! RBI की राहत के बावजूद क्यों हुआ सोमवार को मार्केट क्रैश?

रुपए में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतें

तीसरा कारण है रुपए की लगातार गिरावट। सोमवार के ट्रेडिंग दिन की शुरुआत में रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 90.11 पर पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, जो शेयर बाजार में असुरक्षा की भावना पैदा करता है। चौथा कारण है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें। अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाड़ी देशों से आने वाला ब्रेंट क्रूड 0.13% बढ़कर $63.83 प्रति बैरल हो गया। बढ़ती तेल कीमतें भारत के आयात खर्च और महंगाई को प्रभावित करती हैं, जिससे निवेशक और भी सतर्क हो जाते हैं।

निवेशकों के लिए सावधानी का समय

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में निवेशकों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। वैश्विक आर्थिक घटनाओं, विदेशी निवेशकों की निकासी, रुपये की गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते बाजार अस्थिर बना हुआ है। हालांकि RBI की तरलता बढ़ाने और रेपो रेट में कटौती जैसी पहल बाजार को सपोर्ट देने के लिए की गई हैं, लेकिन इन उपायों के बावजूद निवेशकों को अलर्ट रहना होगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान केंद्रित करें।

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IndiGo flights में भारी गड़बड़ी! यात्रियों को 610 करोड़ का रिफंड मिला, जानें कब सामान्य होगा पूरा नेटवर्क

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IndiGo flights में भारी गड़बड़ी! यात्रियों को 610 करोड़ का रिफंड मिला, जानें कब सामान्य होगा पूरा नेटवर्क

IndiGo flights: पूरे देश में इंडिगो की उड़ानों में लगातार हो रही गड़बड़ी के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब तक प्रभावित यात्रियों को 610 करोड़ रुपए का रिफंड प्रोसेस किया जा चुका है। यह अपडेट ऐसे समय आया है, जब मंगलवार से लेकर लगभग एक हफ्ते तक बड़ी संख्या में इंडिगो की उड़ानें या तो कैंसिल हुई हैं या समय पर नहीं चल रही हैं। यात्रियों को इससे काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और एयरलाइन के प्रदर्शन पर सवाल उठाए गए।

इंडिगो ने 95% नेटवर्क बहाल किया

इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने शनिवार को कहा कि एयरलाइन ने अपने नेटवर्क का 95 प्रतिशत संचालन बहाल कर लिया है और 10 से 15 दिसंबर के बीच सभी उड़ानें सामान्य रूप से चलने लगेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि रविवार को इंडिगो ने लगभग 1,650 उड़ानें संचालित कीं। एयरलाइन ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि यात्री अपनी यात्रा योजनाओं को बिना अधिक रुकावट के पूरा कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने यात्रियों से धैर्य रखने और असुविधा के लिए माफी मांगी।

एयरलाइन और सीईओ को शो-कॉज नोटिस

इस संकट के बढ़ने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को इंडिगो और उसके सीईओ दोनों को शो-कॉज नोटिस जारी किया। नोटिस में पूछा गया कि प्रबंधन की विफलता के कारण हजारों यात्रियों की यात्रा क्यों प्रभावित हुई और इस असुविधा का जिम्मेदार कौन है। इंडिगो को 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया। मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश भी दिए कि सभी लंबित रिफंड 7 दिसंबर की रात 8 बजे तक निपटा दिए जाएं।

यात्री राहत और शुल्क मुक्त व्यवस्था

इंडिगो ने यात्रियों के लिए कई राहत कदमों की घोषणा की है। जिन यात्रियों की उड़ान कैंसिल हुई है, उनका रिफंड ऑटोमेटिक रूप से उसी माध्यम से भेजा जाएगा, जिससे उन्होंने भुगतान किया था। यात्रियों को न तो कोई फॉर्म भरना होगा और न ही अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, 5 से 15 दिसंबर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों से कैंसिलेशन या री-शेड्यूलिंग का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि एयरलाइन किसी भी यात्री से शुल्क वसूलती पाई गई, तो उसके खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की जाएगी। सरकार और इंडिगो दोनों की कोशिश है कि हालात जल्द सामान्य हों, ताकि यात्रियों को आगे किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

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