Connect with us

व्यापार

Bharti Airtel और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार तेजी, निवेशकों के चेहरे खिल उठे

Published

on

Bharti Airtel और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार तेजी, निवेशकों के चेहरे खिल उठे

Bharti Airtel: पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। देश के 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से आठ कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में कुल मिलाकर ₹2,05,185.08 करोड़ की वृद्धि हुई, जबकि दो कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में ₹39,414.06 करोड़ की गिरावट आई। इस दौरान निवेशकों को भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज से सबसे अधिक लाभ हुआ। बीएसई सेंसेक्स ने इस सप्ताह 1,346.5 अंकों यानी 1.62 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। लंबे समय की कमजोरी के बाद बाजार ने मजबूत वापसी की है।

भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लगाया बाज़ार में दबदबा

भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण पिछले सप्ताह ₹55,652.54 करोड़ बढ़कर ₹11,96,700.84 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण ₹54,941.84 करोड़ की वृद्धि के साथ ₹20,55,379.61 करोड़ हो गया। दोनों कंपनियों ने अपने निवेशकों को खासा मुनाफा दिया। इसके अलावा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का बाजार पूंजीकरण ₹40,757.75 करोड़ बढ़कर ₹11,23,416.17 करोड़ और ICICI बैंक का ₹20,834.35 करोड़ बढ़कर ₹9,80,374.43 करोड़ रहा।

एसबीआई, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक ने भी दिखाया मजबूती

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का बाजार पूंजीकरण ₹10,522.9 करोड़ बढ़कर ₹8,92,923.79 करोड़ और इन्फोसिस का ₹10,448.32 करोड़ बढ़कर ₹6,24,198.80 करोड़ पहुंच गया। इसके साथ ही, HDFC बैंक का मूल्यांकन ₹9,149.13 करोड़ की वृद्धि के साथ ₹15,20,524.34 करोड़ रहा। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण भी ₹2,878.25 करोड़ बढ़कर ₹5,70,187.06 करोड़ पहुंच गया। इन कंपनियों के प्रदर्शन से बाजार में स्थिरता का संकेत मिला है।

बजाज फाइनेंस और LIC को झटका

वहीं, पिछले सप्ताह दो कंपनियों को बाजार में नुकसान हुआ। बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण ₹30,147.94 करोड़ घटकर ₹6,33,573.38 करोड़ और जीवन बीमा निगम (LIC) का ₹9,266.12 करोड़ घटकर ₹5,75,100.42 करोड़ रह गया। हालांकि, इन कंपनियों की बाजार में स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन इस गिरावट ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क किया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज बनी देश की सबसे बड़ी कंपनी

रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, TCS, ICICI बैंक, SBI, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है। बाजार की इस तेजी से यह साफ हो गया है कि निवेशकों का भरोसा बड़ी कंपनियों में बरकरार है। आगामी हफ्तों में भी यह कंपनियां निवेशकों को आकर्षित करती रहेंगी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

व्यापार

Upcoming IPOs in Next Week: दिसंबर का तीसरा हफ्ता IPO के नाम, निवेशकों के लिए मेनबोर्ड और पब्लिक इश्यू में सुनहरा मौका

Published

on

Upcoming IPOs in Next Week: दिसंबर का तीसरा हफ्ता IPO के नाम, निवेशकों के लिए मेनबोर्ड और पब्लिक इश्यू में सुनहरा मौका

Upcoming IPOs in Next Week: दिसंबर महीने का तीसरा हफ्ता 15 तारीख से शुरू हो रहा है और इस दौरान शेयर बाजार में हलचल देखने को मिलेगी। अगले हफ्ते लगभग 830 करोड़ रुपये के चार बड़े पब्लिक इश्यू लॉन्च होने वाले हैं। सबसे पहले निवेशकों को मेनबोर्ड ऑफरिंग KSH इंटरनेशनल के लिए बोली लगाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, इस हफ्ते 15 कंपनियां एक्सचेंज पर डेब्यू करने वाली हैं, जिनमें ICICI प्रूडेंशियल AMC, कोरोना रेमेडीज़ और पार्क मेडि वर्ल्ड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन लिस्टिंग्स से निवेशकों और मार्केट के बीच उत्साह और सक्रियता बनी रहेगी।

ICICI प्रूडेंशियल AMC और अन्य मेनबोर्ड लिस्टिंग का बेसब्री से इंतजार

निवेशकों को ICICI प्रूडेंशियल AMC की लिस्टिंग का खासा इंतजार है। 12 दिसंबर को लॉन्च हुए इस 10,603 करोड़ रुपये के आईपीओ को पहले दिन ही अच्छा रिस्पॉन्स मिला और इसे 50 प्रतिशत से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 255 रुपये है, जो इश्यू प्राइस से 10.39 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, कोरोना रेमेडीज़ का GMP इश्यू प्राइस से 31.07 प्रतिशत अधिक है, जिससे मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद है। नेफ्रोकेयर का GMP 6.52 प्रतिशत और वेकफिट का GMP 2.05 प्रतिशत है। SME सेगमेंट में KV टॉयज का GMP 63.18 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो मजबूत लिस्टिंग का संकेत देता है।

KSH इंटरनेशनल का IPO और निवेशकों के लिए अवसर

मेनबोर्ड सेगमेंट में KSH इंटरनेशनल अपना पब्लिक इश्यू मंगलवार, 16 दिसंबर को लाने जा रहा है और यह गुरुवार, 18 दिसंबर को बंद होगा। आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 365 रुपये से 384 रुपये प्रति शेयर के बीच तय किया गया है और इसका आकार लगभग 710 करोड़ रुपये का है। कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होंगे। नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट द्वारा मैनेज किया जा रहा KSH इंटरनेशनल अगले हफ्ते खुलने वाला सबसे बड़ा IPO है। निवेशक इस आईपीओ को लेकर उत्साहित हैं और इसे प्राइमरी मार्केट में सकारात्मक सेंटिमेंट बनाने वाला माना जा रहा है।

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल

KSH इंटरनेशनल द्वारा जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के विकास और ऋण चुकौती में खर्च किया जाएगा। कुल 226 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा। 87 करोड़ रुपये Supa और Chakan प्लांट्स में नई मशीनरी और तकनीक खरीदने पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, 8.8 करोड़ रुपये Supa यूनिट में रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने में निवेश किए जाएंगे। बाकी बची हुई रकम कंपनी की सामान्य कॉर्पोरेट आवश्यकताओं को पूरा करने में खर्च की जाएगी। इस तरह, निवेशकों के लिए KSH इंटरनेशनल का IPO एक स्थिर और दीर्घकालिक अवसर पेश करता है।

Continue Reading

व्यापार

Mutual funds में बड़ा उछाल! 2035 तक AUM और डायरेक्ट इक्विटी दोनों में तेजी, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

Published

on

Mutual funds में बड़ा उछाल! 2035 तक AUM और डायरेक्ट इक्विटी दोनों में तेजी, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

Mutual funds उद्योग की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2035 तक ₹300 लाख करोड़ के पार जाने की संभावना है, जबकि डायरेक्ट इक्विटी शेयरहोल्डिंग ₹250 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह जानकारी Bain & Company और ऑनलाइन स्टॉकब्रोकिंग कंपनी Groww की संयुक्त रिपोर्ट ‘How India Invests’ में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड AUM में यह तेज़ वृद्धि रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के व्यापक उपयोग से प्रेरित होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले दशक में भारतीय परिवारों में म्यूचुअल फंड्स की पहुंच दोगुनी होकर 10 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाएगी।

Mutual funds बन रहे सबसे तेजी से बढ़ते एसेट क्लास

रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया है कि म्यूचुअल फंड उद्योग की अगली वृद्धि की लहर घरेलू अपनाने, मजबूत डिजिटल क्षमताओं, सहायक नियामक ढांचे और बढ़ते निवेशक विश्वास से संचालित होगी। वहीं, डायरेक्ट इक्विटी में बढ़ोतरी का कारण है दीर्घकालिक निवेश की ओर बदलाव और डिजिटल माध्यमों से निवेशकों की बढ़ती पहुँच। Bain India के फाइनेंशियल सर्विसेज़ के पार्टनर और हेड सौरभ तृहन ने कहा, “भारतीय परिवार धीरे-धीरे पारंपरिक बचत के नजरिए से निवेश-केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में म्यूचुअल फंड्स और डायरेक्ट इक्विटीज सबसे तेजी से बढ़ते एसेट क्लास के रूप में उभरे हैं।”

Mutual funds में बड़ा उछाल! 2035 तक AUM और डायरेक्ट इक्विटी दोनों में तेजी, निवेशकों के लिए बड़ा मौका

रिटेल निवेशक भारत की अर्थव्यवस्था में निभाएंगे अहम भूमिका

Groww के को-फाउंडर और COO हर्ष जैन ने भी इस दृष्टिकोण की पुष्टि की और कहा, “हम भारतीयों में एक संरचनात्मक बदलाव देख रहे हैं। अब लोग ‘पहले निवेश करें’ की मानसिकता अपना रहे हैं, न कि केवल ‘पहले बचत करें’ की।” रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रिटेल निवेश भारत को $10 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इससे न केवल नई नौकरियों का सृजन होगा, बल्कि वित्तीय क्षेत्र में व्यवसायों के लिए ग्रोथ कैपिटल की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

निवेश के बढ़ते अवसर और आर्थिक असर

रिपोर्ट के अनुसार, म्यूचुअल फंड्स और डायरेक्ट इक्विटी में बढ़ती निवेश प्रवृत्ति से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर फायदा होगा। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इन निवेशों से 700,000 से अधिक नई नौकरियों का सृजन होगा और व्यवसायों के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और निवेशकों की जागरूकता ने पारंपरिक बचत से निवेश की दिशा में बदलाव को तेजी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले दशकों में भारतीय वित्तीय परिदृश्य को नया आकार देगी और घरेलू निवेशकों के लिए व्यापक अवसर पैदा करेगी।

Continue Reading

Business

Indian Stock Market में बड़ा गिरावट! RBI की राहत के बावजूद क्यों हुआ सोमवार को मार्केट क्रैश?

Published

on

Indian Stock Market में बड़ा गिरावट! RBI की राहत के बावजूद क्यों हुआ सोमवार को मार्केट क्रैश?

सोमवार, 8 दिसंबर को Indian Stock Market में पहले ट्रेडिंग दिन ही जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कटौती की और बैंकों को लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की तरलता प्रदान की, फिर भी निवेशकों की उम्मीदों के विपरीत बाजार में कोई रैली नहीं देखी गई। इसके चलते निवेशकों को कुछ ही घंटों में लगभग ₹8 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। सोमवार दोपहर लगभग 2:50 बजे बीएसई सेंसेक्स 700.58 अंकों या 0.82% की गिरावट के साथ 85,011.79 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 50 262.40 अंकों या 1.00% की गिरावट के साथ 25,924.05 पर था।

बाजार गिरावट के प्रमुख कारण

सबसे पहला कारण है यूएस फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्कता। निवेशक 9 और 10 दिसंबर को होने वाली दो दिवसीय बैठक के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इस बैठक का वैश्विक स्तर पर असर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक अपने निवेश को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। दूसरा कारण है विदेशी निवेशकों द्वारा शेयरों की बिक्री। विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार में विश्वास नहीं दिखा रहे हैं। शुक्रवार को लगातार सातवें दिन विदेशी निवेशकों ने शेयर बेचे और ₹438.90 करोड़ की निकासी की। दिसंबर महीने में अब तक ₹11,000 करोड़ से अधिक निवेशक निकासी कर चुके हैं।

Indian Stock Market में बड़ा गिरावट! RBI की राहत के बावजूद क्यों हुआ सोमवार को मार्केट क्रैश?

रुपए में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतें

तीसरा कारण है रुपए की लगातार गिरावट। सोमवार के ट्रेडिंग दिन की शुरुआत में रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 90.11 पर पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, जो शेयर बाजार में असुरक्षा की भावना पैदा करता है। चौथा कारण है कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें। अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाड़ी देशों से आने वाला ब्रेंट क्रूड 0.13% बढ़कर $63.83 प्रति बैरल हो गया। बढ़ती तेल कीमतें भारत के आयात खर्च और महंगाई को प्रभावित करती हैं, जिससे निवेशक और भी सतर्क हो जाते हैं।

निवेशकों के लिए सावधानी का समय

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में निवेशकों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। वैश्विक आर्थिक घटनाओं, विदेशी निवेशकों की निकासी, रुपये की गिरावट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते बाजार अस्थिर बना हुआ है। हालांकि RBI की तरलता बढ़ाने और रेपो रेट में कटौती जैसी पहल बाजार को सपोर्ट देने के लिए की गई हैं, लेकिन इन उपायों के बावजूद निवेशकों को अलर्ट रहना होगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान केंद्रित करें।

Continue Reading

Trending