Connect with us

खेल

Shahibzada Farhan ने रचा इतिहास, टी20 में पाकिस्तान के लिए खेली सबसे बड़ी पारी

Published

on

Shahibzada Farhan ने रचा इतिहास, टी20 में पाकिस्तान के लिए खेली सबसे बड़ी पारी

पाकिस्तान के Shahibzada Farhan ने टी20 क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से खेलते हुए टी20 में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। नेशनल टी20 कप में पेशावर रीजन की ओर से खेलते हुए फरहान ने क्वेटा रीजन के खिलाफ 72 गेंदों पर 162 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 14 चौके और 11 छक्के लगाए। फरहान की इस विस्फोटक पारी के दम पर पेशावर ने 239 रन बनाए, जिसके जवाब में क्वेटा की टीम महज 113 रन पर ढेर हो गई और पेशावर ने 126 रनों से बड़ी जीत दर्ज की।

शाहिबजादा फरहान ने तोड़ा कामरान अकमल का रिकॉर्ड

शाहिबजादा फरहान की 162 रनों की पारी पाकिस्तान की टी20 क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी पारी बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल के नाम था। कामरान ने 2017 में लाहौर की ओर से खेलते हुए 150 रन की पारी खेली थी। अब फरहान ने 8 साल पुराने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

टी20 में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बने

शाहिबजादा फरहान ने न सिर्फ पाकिस्तान में सबसे बड़ी टी20 पारी खेली, बल्कि वह टी20 क्रिकेट इतिहास में संयुक्त रूप से तीसरी सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। उन्होंने हेमिल्टन मासाकाद्जा, हजरतुल्लाह जजाई और डेवाल्ड ब्रेविस के 162 रनों के रिकॉर्ड की बराबरी की।

टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी पारियां खेलने वाले बल्लेबाज

  1. क्रिस गेल – 175 रन (आरसीबी के लिए, आईपीएल 2013)
  2. एरॉन फिंच – 172 रन (ऑस्ट्रेलिया के लिए, 2018)
  3. हेमिल्टन मासाकाद्जा – 162 रन
  4. हजरतुल्लाह जजाई – 162 रन
  5. शाहिबजादा फरहान – 162 रन (पाकिस्तान के लिए, 2025)
  6. डेवाल्ड ब्रेविस – 162 रन

पारी में बरसाए चौके-छक्के

शाहिबजादा फरहान की इस यादगार पारी में चौके और छक्कों की जमकर बारिश हुई। उन्होंने 72 गेंदों पर 162 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और 11 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की स्ट्राइक रेट 225 से भी अधिक थी। उनकी पारी ने पेशावर को विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया, जिसका क्वेटा टीम के पास कोई जवाब नहीं था।

पेशावर ने दर्ज की 126 रनों की विशाल जीत

फरहान की पारी के दम पर पेशावर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 239 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में क्वेटा की टीम महज 113 रन पर ऑल आउट हो गई। इस तरह पेशावर ने यह मुकाबला 126 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया।

शाहिबजादा फरहान का क्रिकेट करियर

शाहिबजादा फरहान पाकिस्तान के उभरते हुए खिलाड़ी हैं। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 86 रन बनाए हैं। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा है।

  • फर्स्ट क्लास क्रिकेट: 60 मैच, 4646 रन, 10 शतक
  • लिस्ट-ए क्रिकेट: 2926 रन
  • टी20 क्रिकेट: 162 रनों की ऐतिहासिक पारी

शाहिबजादा फरहान का भविष्य

फरहान की यह शानदार पारी पाकिस्तान टीम में उनके चयन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनकी यह पारी टी20 विश्व कप 2025 के लिए पाकिस्तान की टीम में उन्हें जगह दिला सकती है।

पाकिस्तान क्रिकेट को मिला नया सुपरस्टार

शाहिबजादा फरहान की यह पारी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन गई है। उन्होंने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पाकिस्तान के फैंस को गर्वित भी किया। उनकी यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खेल

IND vs NZ: इंदौर में इतिहास दांव पर, न्यूजीलैंड तोड़ेगा भारत का अजेय वनडे रिकॉर्ड

Published

on

IND vs NZ: इंदौर में इतिहास दांव पर, न्यूजीलैंड तोड़ेगा भारत का अजेय वनडे रिकॉर्ड

IND vs NZ: साल 2026 की शुरुआत भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बेहद अहम सीरीज से हुई है। न्यूजीलैंड की टीम इस समय भारत दौरे पर है और दोनों टीमों के बीच पहले वनडे सीरीज खेली जा रही है। इसके बाद टी20 इंटरनेशनल मुकाबले होंगे। फिलहाल वनडे सीरीज के दो मैच पूरे हो चुके हैं और सीरीज 1–1 की बराबरी पर खड़ी है। अब तीसरा और आखिरी वनडे मुकाबला निर्णायक साबित होने वाला है। यह मैच सिर्फ सीरीज जीत का नहीं बल्कि कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी और टीम इंडिया की साख का भी बड़ा इम्तिहान है। सवाल यह है कि क्या शुभमन गिल इस दबाव भरे मुकाबले में टीम को जीत दिलाकर आलोचनाओं से बचा पाएंगे या फिर न्यूजीलैंड इतिहास रच देगा।

शानदार शुरुआत के बाद दूसरे मैच में फिसली टीम इंडिया

टीम इंडिया ने सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत के साथ आगाज किया था। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन नजर आया था और ऐसा लगा कि भारत आसानी से सीरीज अपने नाम कर लेगा। लेकिन दूसरे वनडे में कहानी पूरी तरह बदल गई। इस मैच में केएल राहुल ने बेहतरीन शतक जड़ा और अकेले दम पर टीम को संभालने की कोशिश की। दुर्भाग्य से उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका। नतीजा यह हुआ कि भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रहा। दूसरी ओर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने मौके का पूरा फायदा उठाया। डेरिल मिचेल ने शानदार शतक लगाया जबकि विल यंग ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय गेंदबाज दबाव नहीं बना सके और न्यूजीलैंड ने मैच जीतकर सीरीज बराबर कर दी।

भारत में न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक कमजोरी और गिल की बड़ी परीक्षा

इस सीरीज का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि न्यूजीलैंड की टीम आज तक भारत में कोई भी वनडे सीरीज नहीं जीत पाई है। चाहे टीम कितनी भी मजबूत रही हो या कप्तान कोई भी रहा हो लेकिन भारत की धरती पर वनडे सीरीज जीतना न्यूजीलैंड के लिए हमेशा मुश्किल रहा है। यही वजह है कि तीसरा मुकाबला ऐतिहासिक महत्व रखता है। अगर न्यूजीलैंड यह मैच जीतता है तो वह पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीतने का कारनामा करेगा। ऐसे में शुभमन गिल के सामने बड़ी चुनौती है। खास बात यह भी है कि न्यूजीलैंड इस दौरे पर अपनी पूरी ताकत के साथ नहीं आया है। इसके बावजूद सीरीज बराबरी पर होना भारतीय टीम के लिए चिंता का संकेत है। गिल के लिए यह मुकाबला बतौर कप्तान उनकी सोच रणनीति और दबाव में फैसले लेने की क्षमता को परखने वाला होगा।

इंदौर का होल्कर स्टेडियम और भारत की जीत की उम्मीद

भारतीय टीम के लिए राहत की बात यह है कि निर्णायक मुकाबला इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैदान भारत के लिए बेहद भाग्यशाली रहा है। अब तक भारतीय टीम यहां कोई भी वनडे मुकाबला नहीं हारी है। इस स्टेडियम पर अक्सर बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिलता है और बड़े स्कोर बनते रहे हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजी क्रम के पास खुद को साबित करने का शानदार मौका होगा। कप्तान शुभमन गिल से लेकर टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर तक सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी। साथ ही गेंदबाजों को भी शुरुआती विकेट निकालकर न्यूजीलैंड पर दबाव बनाना होगा। आंकड़े भारत के पक्ष में जरूर हैं लेकिन मैदान पर प्रदर्शन ही अंतिम फैसला करेगा। अब देखना यह है कि क्या टीम इंडिया इंदौर में अपनी अजेय परंपरा कायम रख पाएगी या न्यूजीलैंड इतिहास रच देगा।

Continue Reading

खेल

IND vs NZ: नौकरी छोड़कर क्रिकेट को चुना, जाएडन लेनोक्स ने भारत के खिलाफ किया डेब्यू

Published

on

IND vs NZ: नौकरी छोड़कर क्रिकेट को चुना, जाएडन लेनोक्स ने भारत के खिलाफ किया डेब्यू

IND vs NZ: कहते हैं कि अगर सपनों को छोड़ने का नाम न लिया जाए तो देर से ही सही, सपने जरूर पूरे होते हैं। न्यूजीलैंड के क्रिकेटर जाएडन लेनोक्स की कहानी इसी जज्बे की एक मिसाल है। 14 जनवरी 2026 का दिन उनके लिए हमेशा खास रहेगा क्योंकि इसी दिन उन्होंने भारत के खिलाफ राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। 31 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करना आसान नहीं होता, लेकिन लेनोक्स ने साबित कर दिया कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था, बल्कि कई चुनौतियों से भरा रहा।

नौकरी और क्रिकेट का साथ: मेहनत से भरा संघर्ष

जाएडन लेनोक्स का सपना हमेशा से न्यूजीलैंड की टीम के लिए खेलने का था, लेकिन परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं थीं। जहां ज्यादातर खिलाड़ी केवल क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं लेनोक्स को अपनी रोजी-रोटी के लिए नौकरी भी करनी पड़ती थी। 2018 से उन्होंने काम करना शुरू किया और कई अलग-अलग नौकरियां कीं। हालांकि उन्होंने कभी क्रिकेट को पीछे नहीं छोड़ा। यह जज्बा और समर्पण ही था जिसने उन्हें मुश्किल दौर में भी हार नहीं मानने दिया। नौकरी और क्रिकेट दोनों को साथ लेकर चलना आसान नहीं था, पर उन्होंने निरंतर संघर्ष किया और अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटे रहे।

ग्रीन्सकीपर से लेकर लैब टेक्नीशियन तक: एक अनोखा सफर

लेनोक्स ने 2018-19 के दौरान एक गोल्फ कोर्स में ग्रीन्सकीपर के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने एक रिसर्च कंपनी में फील्ड टेक्नीशियन की नौकरी की। साल 2020 में उन्होंने इस जॉब को छोड़ दिया और 2020 से 2023 तक एक स्पोर्ट्स इक्विपमेंट कंपनी में असेंबली टेक्नीशियन के रूप में काम किया। 2024 में उन्होंने कुछ समय के लिए लैब टेक्नीशियन का पार्ट-टाइम काम भी किया। यह सभी नौकरी उनके लिए सिर्फ आय का जरिया नहीं थी बल्कि अपने सपने को पूरा करने के लिए सहारा भी थी। परंतु, लगातार नौकरी और क्रिकेट को साथ निभाना उनके लिए चुनौतिपूर्ण था क्योंकि इसका असर उनके खेल पर भी पड़ रहा था।

बड़ा फैसला और अंततः सफलता

2024 के बाद जाएडन लेनोक्स ने एक बड़ा और जोखिम भरा फैसला लिया। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। यह फैसला उनके लिए जीवन बदलने वाला साबित हुआ। भारत के खिलाफ राजकोट वनडे में उन्होंने न्यूजीलैंड की ओर से अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। यह मैच उनके करियर का 225वां वनडे था। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 10 ओवर गेंदबाजी की, 42 रन दिए और 1 विकेट लिया। उन्होंने भारत के युवा खिलाड़ी हर्षित राणा को आउट कराकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। 31 साल की उम्र में यह सफलता उनके धैर्य, मेहनत और समर्पण का परिणाम है, जो नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

Continue Reading

खेल

ICC ODI Batsmen Ranking: विराट कोहली फिर वनडे में नंबर-1 बल्लेबाज बने, रोहित शर्मा हुए तीसरे नंबर पर

Published

on

ICC ODI Batsmen Ranking: विराट कोहली फिर वनडे में नंबर-1 बल्लेबाज बने, रोहित शर्मा हुए तीसरे नंबर पर

ICC ODI Batsmen Ranking: भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर वनडे क्रिकेट में नंबर-1 बल्लेबाज का खिताब अपने नाम कर लिया है। आईसीसी ने अपनी ताजा रैंकिंग जारी करते हुए विराट कोहली को सबसे ऊपर रखा है। यह उपलब्धि उनके बेहतरीन प्रदर्शन का नतीजा है, खासकर न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने 93 रनों की शानदार पारी खेली थी। इस पारी में कोहली ने 1 छक्का और 8 चौकों की मदद से अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। हालांकि वह शतक से चूक गए थे, लेकिन उनकी इस पारी को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड से नवाजा गया। इस मैच के बाद दो दिन के अंदर ही उन्हें वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में पहला स्थान मिला है, जो उनके करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो शतकों के चलते वे रैंकिंग में दूसरे स्थान पर थे।

रोहित शर्मा का हुआ करियर में झटका

वहीं, भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की रैंकिंग में बड़ी गिरावट देखी गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने महज 26 रन बनाए, जिसके चलते उनकी रैंकिंग को भारी नुकसान हुआ। रोहित शर्मा काफी समय से वनडे रैंकिंग में नंबर-1 पर काबिज थे, लेकिन इस बार वह दो स्थान नीचे गिरकर तीसरे नंबर पर आ गए हैं। इसके बाद दूसरे वनडे मैच में भी रोहित फ्लॉप साबित हुए और केवल 24 रन बनाकर आउट हो गए। इस प्रदर्शन के कारण उनकी रैंकिंग और नीचे जा सकती है, जिससे टीम के लिए चिंता का विषय बन सकता है। ऐसे में रोहित को अपने फॉर्म को सुधारना होगा ताकि वे फिर से शीर्ष पर पहुंच सकें।

न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल की शानदार प्रगति

न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। उन्होंने पहले वनडे में 84 रनों की शानदार पारी खेली, जिससे वह आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। मिचेल को 784 रेटिंग अंक मिले हैं, जो विराट कोहली के 785 अंकों से मात्र एक अंक कम है। उनकी इस प्रगति ने क्रिकेट जगत में उनकी छवि को और मजबूत किया है। मिचेल के इस प्रदर्शन से यह साफ दिखता है कि न्यूजीलैंड की टीम भी विश्व क्रिकेट में मजबूत बल्लेबाजों के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार है। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता आने से टीम को आगामी मैचों में फायदा होगा।

आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग के टॉप-10 खिलाड़ी

आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। विराट कोहली 785 रेटिंग के साथ सबसे ऊपर हैं, जबकि रोहित शर्मा 775 अंक लेकर तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा शुभमन गिल 725 अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं और श्रेयस अय्यर 682 अंकों के साथ दसवें स्थान पर बने हुए हैं। अन्य देशों के बल्लेबाजों में अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान 764 रेटिंग के साथ चौथे स्थान पर हैं, पाकिस्तानी बल्लेबाज बाबर आजम 722 अंक लेकर छठे नंबर पर हैं, और आयरलैंड के हैरी ट्रेक्टर 708 रेटिंग के साथ सातवें स्थान पर हैं। वेस्टइंडीज के शाई होप और श्रीलंका के चरिथ असलंका भी टॉप-10 में शामिल हैं। यह रैंकिंग विश्व क्रिकेट में खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत और प्रदर्शन का प्रमाण है।

Continue Reading

Trending