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Realme ने लॉन्च किया सबसे सस्ता 5G फोन भारत में, 6000mAh बैटरी और 32MP कैमरा फीचर्स के साथ

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Realme ने लॉन्च किया सबसे सस्ता 5G फोन भारत में, 6000mAh बैटरी और 32MP कैमरा फीचर्स के साथ

Realme ने भारत में P3 सीरीज का सबसे किफायती 5G स्मार्टफोन पेश किया है। इस फोन का नाम Realme P3 Lite 5G रखा गया है। इस फोन में 6000mAh की पावरफुल बैटरी और IP64 डस्ट व स्प्लैश रेजिस्टेंट फीचर दिया गया है। इसके अलावा, फोन में 32MP का प्राइमरी कैमरा है। Realme की P3 सीरीज की तरह ही यह फोन कम कीमत में बेहतर फीचर्स के साथ पेश किया गया है। यह उन यूजर्स के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो कम कीमत में 5G फोन खरीदना चाहते हैं।

Realme P3 Lite 5G की कीमत और बिक्री

Realme P3 Lite 5G दो स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध होगा – 4GB RAM + 128GB और 6GB RAM + 128GB। इसकी शुरुआती कीमत ₹12,999 रखी गई है, जबकि टॉप वेरिएंट ₹13,999 में उपलब्ध होगा। फोन को तीन रंगों – लिली व्हाइट, पर्पल ब्लॉसम और मिडनाइट लिली में लॉन्च किया गया है। इस फोन की पहली बिक्री 22 सितंबर, 2025 को फ्लिपकार्ट पर मध्यरात्रि से होगी। लॉन्च ऑफर में ग्राहक इस फोन को ₹10,499 से खरीद सकते हैं और इसमें ₹2,500 तक का डिस्काउंट भी मिलेगा।

Realme ने लॉन्च किया सबसे सस्ता 5G फोन भारत में, 6000mAh बैटरी और 32MP कैमरा फीचर्स के साथ

Realme P3 Lite 5G के फीचर्स

Realme P3 Lite 5G में 6.67 इंच की HD+ डिस्प्ले दी गई है, जिसका रेज़ॉल्यूशन 720 x 1604 पिक्सल है और यह 120Hz हाई रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है। डिस्प्ले की पिक ब्राइटनेस 625 निट्स तक है। इसमें Rain Water Smart Touch फीचर भी है, जिससे फोन को गीले हाथों से भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर है और RAM 6GB तक उपलब्ध है, जिसे 18GB तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, इंटरनल स्टोरेज 128GB है जिसे माइक्रोSD कार्ड के माध्यम से 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

कैमरा, बैटरी और सॉफ्टवेयर

Realme P3 Lite 5G में 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह फोन Android 15 पर आधारित Realme UI पर काम करता है। फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 32MP का प्राइमरी कैमरा और 8MP का सेकेंडरी कैमरा है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है। इस फोन के फीचर्स इसे कम कीमत में एक पावरफुल और मल्टीफंक्शनल स्मार्टफोन बनाते हैं, जो विशेषकर युवा यूजर्स और बजट खरीदारों के लिए उपयुक्त है।

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Samsung ने Galaxy यूजर्स को दी बड़ी राहत, बेसिक AI फीचर्स लाइफटाइम फ्री

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Samsung ने Galaxy यूजर्स को दी बड़ी राहत, बेसिक AI फीचर्स लाइफटाइम फ्री

Samsung ने अपने करोड़ों गैलेक्सी स्मार्टफोन यूजर्स को बड़ी राहत दी है। दक्षिण कोरियाई कंपनी Samsung ने कंफर्म किया है कि गैलेक्सी स्मार्टफोन में मिलने वाले बेसिक गैलेक्सी एआई फीचर्स यूजर्स को लाइफटाइम फ्री दिए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि अब इन जरूरी एआई फीचर्स के लिए किसी भी तरह का चार्ज नहीं देना होगा। लंबे समय से यूजर्स के मन में यह सवाल था कि क्या भविष्य में इन सुविधाओं के लिए पैसे देने पड़ेंगे। अब कंपनी के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि रोजमर्रा के काम आने वाले एआई टूल्स हमेशा मुफ्त रहेंगे। इससे गैलेक्सी फोन का इस्तेमाल और भी आसान और स्मार्ट हो जाएगा।

Galaxy AI को लेकर पहले क्या था सैमसंग का प्लान

जब सैमसंग ने गैलेक्सी एआई को लॉन्च किया था तब कंपनी ने बताया था कि साल 2025 तक ये फीचर्स यूजर्स को फ्री दिए जाएंगे। इसके बाद संकेत दिए गए थे कि आगे चलकर इन पर चार्ज लगाया जा सकता है। खास तौर पर Galaxy S और Galaxy Z सीरीज के प्रीमियम फोन्स में ये एआई फीचर्स दिए गए थे। लेकिन अब कंपनी ने अपने स्टैंड में बदलाव करते हुए यह साफ कर दिया है कि बेसिक गैलेक्सी एआई फीचर्स के लिए यूजर्स से कभी भी पैसे नहीं लिए जाएंगे। यह फैसला उन लोगों के लिए राहत भरा है जो सैमसंग के प्रीमियम फोन खरीदते समय लंबे समय के सॉफ्टवेयर सपोर्ट और फीचर्स की उम्मीद रखते हैं।

एडवांस गैलेक्सी एआई के लिए क्यों देना होगा पैसा

हालांकि सैमसंग ने यह भी साफ किया है कि सभी एआई फीचर्स पूरी तरह फ्री नहीं होंगे। अगर कोई यूजर एडवांस और प्रीमियम एआई फीचर्स का इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सैमसंग का गैलेक्सी एआई सिस्टम थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म पर आधारित है। खास तौर पर एडवांस फीचर्स गूगल जेमिनी टेक्नोलॉजी पर चलते हैं। गूगल अपने प्रो लेवल एआई फीचर्स के लिए चार्ज करता है। इसी कारण सैमसंग मंथली क्वार्टरली या एनुअली प्लान के जरिए इन सुविधाओं को ऑफर कर सकता है। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाली Galaxy S26 सीरीज में और भी ज्यादा पावरफुल नेक्स्ट जेनरेशन एआई फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।

कौन से Galaxy AI फीचर्स रहेंगे पूरी तरह फ्री

सैमसंग की सर्विस टर्म्स के अनुसार गैलेक्सी एआई फीचर्स को एडवांस इंटेलिजेंस सर्विस के रूप में लिस्ट किया गया है। लेकिन बेसिक लेवल के कई फीचर्स हमेशा फ्री रहेंगे। इनमें कम्युनिकेशन से जुड़े टूल्स शामिल हैं। लाइव ट्रांसलेटर यूजर्स को अलग भाषा समझने में मदद करेगा। इंटरप्रिटेटर आमने सामने बातचीत को आसान बनाएगा। चैट असिस्ट मैसेज लिखने में सहायक होगा। ट्रांसक्रिप्ट असिस्ट कॉल या ऑडियो को टेक्स्ट में बदलने में मदद करेगा। इसके अलावा नोट असिस्ट राइटिंग असिस्ट ब्राउजिंग असिस्ट नाउ ब्रिफ और फोटो असिस्ट जैसे फीचर्स भी बिना किसी चार्ज के मिलते रहेंगे। कुल मिलाकर सैमसंग का यह फैसला गैलेक्सी यूजर्स के लिए बड़ा फायदा साबित होगा और स्मार्टफोन अनुभव को और बेहतर बनाएगा।

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OnePlus CEO पेट लाउ पर ताइवान में गैरकानूनी कारोबार के आरोप, गिरफ्तारी खतरे में

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OnePlus CEO पेट लाउ पर ताइवान में गैरकानूनी कारोबार के आरोप, गिरफ्तारी खतरे में

चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी OnePlus CEO पिट लाउ की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ताइवान की शिलिन डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस ने वनप्लस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आरोप है कि वनप्लस ने ताइवान में अवैध तरीके से कारोबार चलाया और भर्ती प्रक्रिया में धांधली की। इस मामले में वनप्लस पर चीन और ताइवान के संबंधी कानूनों के उल्लंघन का गंभीर आरोप है। कंपनी ने बिना अनुमति ताइवान में सॉफ्टवेयर रिसर्च, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और वेरिफिकेशन के लिए 70 से अधिक कर्मचारियों को काम पर रखा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है।

मामला क्या है?

ताइवान की प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस के अनुसार, वनप्लस ने ताइवान की जमीन पर कानून का उल्लंघन किया है। वनप्लस के सीईओ पिट लाउ पर ताइवान के अधिनियम का उल्लंघन करने का आरोप है, जो भूमि पर रहने वाले लोगों के संबंधों को नियंत्रित करता है। अभियोजकों का कहना है कि वनप्लस ने बिना अनुमति के ऑपरेशन चलाकर देश की सुरक्षा को खतरे में डाला है। वनप्लस का मुख्यालय चीन के शेनझेन शहर में है और यह 2021 से ओप्पो का स्वतंत्र उप-ब्रांड है। पिट लाउ ओप्पो के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर भी हैं। फिलहाल इस मामले में वनप्लस और ओप्पो दोनों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

चीन और ताइवान के बीच बढ़ता तनाव

चीन और ताइवान के बीच लंबे समय से राजनीतिक और आर्थिक तनाव बना हुआ है। ताइवान सरकार चीनी कंपनियों द्वारा स्थानीय टेक्नोलॉजी टैलेंट की भर्ती में कथित गड़बड़ी को लेकर कड़ी नज़र रखे हुए है। पिछले कुछ सालों में ताइवान ने कई चीनी कंपनियों पर फर्जी कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के माध्यम से कर्मचारियों की भर्ती का आरोप लगाया है। अगस्त 2025 में भी ताइवान ने 16 चीनी कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि वनप्लस के खिलाफ यह मुकदमा ताइवान में चीन के तकनीकी प्रभुत्व को रोकने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

वनप्लस की चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं

वनप्लस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इससे कंपनी की प्रतिष्ठा और कारोबार दोनों पर असर पड़ सकता है। ताइवान के कानूनी और राजनीतिक दबाव के बीच वनप्लस को अपने संचालन को सुधारने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जरूरत है। साथ ही, चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई अन्य चीनी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वनप्लस और ओप्पो को इस मामले में स्पष्ट और पारदर्शी कदम उठाने होंगे ताकि कंपनी के ग्राहकों और निवेशकों का विश्वास बना रहे। आने वाले समय में इस विवाद के कारण वनप्लस के कारोबार और विस्तार योजनाओं पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

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Grok पर भारत समेत 3 देशों में बैन, अश्लील और डीपफेक कंटेंट का बड़ा खुलासा

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Grok पर भारत समेत 3 देशों में बैन, अश्लील और डीपफेक कंटेंट का बड़ा खुलासा

एलन मस्क के एआई प्लेटफॉर्म ग्रोक (Grok) पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में एआई के जरिए बनाये गए अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसारण पर कार्रवाई करते हुए ग्रोक ने लगभग 3,500 कंटेंट को ब्लॉक कर दिया है। इस कदम के बाद ग्रोक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत के कानूनों का सम्मान करते हैं और उनका पालन करेंगे। हालांकि विवाद का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि भारत के अलावा दो और देशों ने भी ग्रोक पर बैन लगा दिया है। आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म पर डीपफेक और अश्लील कंटेंट का प्रसारण हो रहा है, जिससे यह सख्त कार्रवाई की गई है।

इंडोनेशिया और मलेशिया में लगा ग्रोक पर बैन

ग्रोक को इंडोनेशिया और मलेशिया में टेम्पोररी बैन का सामना करना पड़ रहा है। मलेशिया की कम्युनिकेशन और मल्टीमीडिया कमीशन (MCMC) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ग्रोक को तत्काल प्रभाव से मलेशिया में ब्लॉक कर दिया गया है। वहीं, इंडोनेशिया के डिजिटल कम्युनिकेशन मंत्री मेउतया हाफिद ने भी ग्रोक की सेवाओं पर बैन लगाने का आधिकारिक बयान जारी किया है। इन दोनों देशों में मुख्य कारण ग्रोक के जरिए पोर्नोग्राफिक और अश्लील कंटेंट का निर्माण और प्रसारण होना बताया गया है, जिसमें प्लेटफॉर्म द्वारा उचित कदम नहीं उठाए जाने की भी बात कही गई है। इन देशों की सरकारों ने इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Grok पर भारत समेत 3 देशों में बैन, अश्लील और डीपफेक कंटेंट का बड़ा खुलासा

डीपफेक कंटेंट की समस्या और कानूनी कार्रवाई

ग्रोक एआई पर बनाए जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट में महिलाओं और बच्चों की तस्वीरें भी शामिल हैं, जो स्पष्ट रूप से कानून के खिलाफ है। इस संबंध में भारत की जांच एजेंसियों ने 3 जनवरी और 8 जनवरी को ग्रोक और X (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस भेजा है और प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा है। लेकिन प्लेटफॉर्म पर केवल यूजर-इनिशिएटिव रिपोर्टिंग सिस्टम मौजूद है, जिससे एआई द्वारा रियल दिखने वाले डीपफेक कंटेंट पर रोक लगाना कठिन हो रहा है। यही कारण है कि डीपफेक कंटेंट के खिलाफ अभी तक ठोस मैकेनिज्म नहीं बन पाया है, जिससे ग्रोक पर बैन लगा है और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

ग्रोक की दुनियाभर में बदनामी और भविष्य की चुनौतियां

भारत, यूरोप, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे कई देशों में ग्रोक के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारण की शिकायतें बढ़ रही हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता और साख को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रोक को एआई के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण करने के लिए तत्काल प्रभाव से बेहतर नीतियां और तकनीकी समाधान अपनाने की जरूरत है। अन्यथा यह प्लेटफॉर्म न केवल अपनी प्रतिष्ठा खो सकता है बल्कि कई देशों में स्थायी रूप से प्रतिबंधित भी हो सकता है। एलन मस्क की इस एआई सेवा के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण दौर है, जिसमें कानूनी और नैतिक दोनों तरह की जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।

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