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Dhruv Jurel century: ध्रुव जुरेल ने 101 गेंदों में 160 रन ठोककर इंडिया टीम में डेब्यू की उम्मीद बढ़ाई

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Dhruv Jurel century: ध्रुव जुरेल ने 101 गेंदों में 160 रन ठोककर इंडिया टीम में डेब्यू की उम्मीद बढ़ाई

Dhruv Jurel century: हालांकि भारतीय टीम इस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर है, लेकिन घरेलू टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन उन्हें टीम इंडिया में जगह बनाने का अवसर दे रहे हैं। विजय हज़ारे ट्रॉफी इस समय अपने जोश और रोमांच के साथ खेली जा रही है, जिसमें खिलाड़ी पूरी मेहनत के साथ हिस्सा ले रहे हैं। सोमवार को उत्तर प्रदेश के विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा।

उत्तर प्रदेश के लिए ध्रुव जुरेल का धमाकेदार शतक

विजय हज़ारे ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए ध्रुव जुरेल ने बारोडा के खिलाफ शानदार शतक लगाया। नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए आए जुरेल ने 101 गेंदों में नाबाद 160 रन की तूफानी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 8 छक्के जड़े। यह उनका लिस्ट A क्रिकेट में पहला शतक है। जुरेल की इस पारी की बदौलत यूपी ने 50 ओवरों में 369 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके अलावा, अभिषेक गोस्वामी ने 51 रन और रिंकू सिंह ने 63 रन का योगदान देकर टीम को मजबूत स्थिति में रखा।

अभी तक ध्रुव जुरेल ने नहीं खेला कोई ODI

ध्रुव जुरेल ने अब तक भारतीय टीम के लिए वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले हैं। उन्होंने भारत की ओर से केवल टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला है। टेस्ट क्रिकेट में 9 मैचों में जुरेल ने 459 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, उन्होंने चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 12 रन बनाए हैं। यदि जुरेल इस फॉर्म को जारी रखते हैं, तो उन्हें भारत के लिए वनडे में पदार्पण का अवसर मिलने की पूरी संभावना है।

भारत बनाम न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज में चयन पर नजर

अगले महीने 11 तारीख से भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का स्क्वॉड अभी तक घोषित नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि बीसीसीआई की चयन समिति विजय हज़ारे ट्रॉफी में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रख रही है। जबकि ईशान किशन को विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, यह देखना रोचक होगा कि ध्रुव जुरेल की इस शानदार पारी से चयनकर्ताओं पर कितना प्रभाव पड़ा है और क्या उन्हें वनडे टीम में जगह मिलती है।

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मेनचेस्टर सुपर जायंट्स ने टी20 सीजन के लिए एडन मार्करम को कप्तान बनाया

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मेनचेस्टर सुपर जायंट्स ने टी20 सीजन के लिए एडन मार्करम को कप्तान बनाया

टी20 फॉर्मेट में साउथ अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज एडन मार्करम को मेनचेस्टर सुपर जायंट्स की टीम ने आगामी सीजन के लिए कप्तान नियुक्त किया है। मार्करम द हंड्रेड के ऑक्शन में सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी रहे और अब उनके पास तीन सुपर जायंट्स टीमों के साथ कॉन्ट्रैक्ट है, जिसमें लखनऊ (IPL) और डरबन (SA20) भी शामिल हैं। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने बताया कि ऑक्शन में मार्करम उनकी पहली प्राथमिकता थे।

जस्टिन लैंगर ने मार्करम की कप्तानी पर जताई विश्वास

एडन मार्करम को कप्तान बनने के लिए पूरी तरह तैयार बताया जा रहा है। जस्टिन लैंगर ने कहा, “हमारी तीन टीमों में उनका होना बहुत अच्छा है। वे शानदार खिलाड़ी हैं और बेहतरीन इंसान हैं। उनमें असली कप्तान बनने की क्षमता है और कप्तानी उनके खेल का वह पहलू है जो हमें सबसे ज्यादा पसंद है।” लैंगर के अनुसार मार्करम की कप्तानी टीम के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएगी और युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी।

मेनचेस्टर सुपर जायंट्स ने टी20 सीजन के लिए एडन मार्करम को कप्तान बनाया

हैरी ब्रूक की संभावित कप्तानी पर डेनियल विटोरी की राय

इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रूक ने इस साल द हंड्रेड में सनराइजर्स की कप्तानी करने के अपने निर्णय पर विचार किया था। उन्होंने पहले ही दो सीजन तक नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स की कप्तानी की थी। डेनियल विटोरी ने कहा कि ब्रूक की टीम में शामिल होने की संभावना अभी भी बनी हुई है और वे उम्मीद करते हैं कि ब्रूक इस टीम की कप्तानी करने के लिए तैयार होंगे। विटोरी ने कहा कि हम बस इंतजार करेंगे और देखेंगे कि वह कप्तानी के लिए हां कहते हैं या नहीं।

तीन टीमों के कप्तान पहले ही घोषित

ऑक्शन से पहले ही मेंस की तीन टीमों के कप्तानों का ऐलान हो चुका है। फिल सॉल्ट वेल्श फायर की कप्तानी करेंगे, जैकब बेथेल बर्मिंघम फीनिक्स के कप्तान होंगे, जबकि सैम करन को MI लंदन की टीम ने कप्तान नियुक्त किया है। अन्य टीमों में ट्रेंट रॉकेट्स के लिए सैम बिलिंग्स, लंदन स्पिरिट के लिए लियाम लिविंगस्टोन और डेविड विली प्रमुख दावेदार हैं। आगामी टूर्नामेंट में सनराइजर्स की टीम 21 जुलाई को MI लंदन के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगी, जबकि फाइनल 16 अगस्त को होगा।

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सचिन तेंदुलकर 2012 में टीम से हटाए जाने की कगार पर थे, खुला पूर्व चीफ सेलेक्टर का राज

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सचिन तेंदुलकर 2012 में टीम से हटाए जाने की कगार पर थे, खुला पूर्व चीफ सेलेक्टर का राज

वर्ल्ड क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर ने साल 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। वह वनडे और टेस्ट दोनों फॉर्मेट में अभी भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, साल 2011 में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद सचिन के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद टीम ने कभी उन्हें ड्रॉप करने का विचार नहीं किया। लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि साल 2012 में सचिन को टीम से हटाने की योजना पर विचार किया गया था।

संदीप पाटिल ने किया चौंकाने वाला खुलासा

संदीप पाटिल ने विक्की लालवानी के यूट्यूब शो में बताया कि 2012 में सचिन अपने खराब फॉर्म के कारण हैरान रह गए थे। पाटिल ने कहा कि उस समय सिलेक्शन कमेटी सचिन के रिप्लेसमेंट की तलाश कर रही थी। जब सचिन से उनके आगे के करियर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पूछा, “क्यों?” इस पर पाटिल ने उन्हें स्पष्ट किया कि चयन समिति उनके स्थान पर किसी खिलाड़ी को चुनने पर विचार कर रही थी। सचिन इस बात से चौंक गए और उन्होंने पाटिल को कॉल करके पुष्टि मांगी।

सचिन तेंदुलकर 2012 में टीम से हटाए जाने की कगार पर थे, खुला पूर्व चीफ सेलेक्टर का राज

सिलेक्शन कमेटी का नजरिया और सचिन की प्रतिक्रिया

संदीप पाटिल ने आगे कहा कि सिलेक्शन कमेटी के पास किसी खिलाड़ी को मजबूर करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि हमने सचिन से उनके भविष्य के प्लान के बारे में पूछा और सचिन ने कहा कि वह खेलना जारी रखना चाहते हैं। इस पर पाटिल ने उन्हें समर्थन दिया। उनके कार्यकाल के दौरान अक्सर यह सवाल उठता रहा कि सचिन को ड्रॉप कर दिया गया था, लेकिन सचिन ने यह सुनिश्चित किया कि वह खेलते रहें।

2012: सचिन के लिए चुनौतीपूर्ण साल

टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने के बाद साल 2012 सचिन तेंदुलकर के लिए मुश्किल भरा था। उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में केवल 23.80 के औसत से रन बनाए और 10 वनडे मैचों में 31.50 के औसत से रन बनाने में कामयाब हो सके। इस दौरान उनके बल्ले से एक भी शतकीय पारी नहीं आई। इस खराब फॉर्म के बीच सचिन ने संदीप पाटिल से बातचीत की और अपनी योजनाओं के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने अपने रिटायरमेंट के निर्णय की जानकारी चीफ सेलेक्टर को दी थी।

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टीम इंडिया में बुमराह का वनडे वापसी प्लान, आईपीएल के बाद तय होगी पूरी रणनीति

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टीम इंडिया में बुमराह का वनडे वापसी प्लान, आईपीएल के बाद तय होगी पूरी रणनीति

टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 पर फोकस अब पूरी तरह बढ़ गया है। बुमराह अब टी20 इंटरनेशनल मैच कम खेलेंगे और उनका ध्यान टेस्ट और वनडे पर रहेगा। पिछले साल टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया की जीत के बाद अब उनका वर्कलोड मैनेजमेंट अहम बन गया है। भारत के लिए वनडे में अनुभव और तेज गति वाली गेंदबाजी का विशेष महत्व है, इसलिए बुमराह की फिटनेस और तैयारी पर खास ध्यान दिया जाएगा।

वनडे से गायब रहे बुमराह, आईपीएल में करेंगे वापसी

जसप्रीत बुमराह ने वनडे विश्व कप 2023 के बाद से कोई भी एकदिवसीय मैच नहीं खेला है। वनडे फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था। तब से बुमराह का फोकस टी20 और टेस्ट क्रिकेट पर रहा। अब जबकि टी20 विश्व कप खत्म हो गया है, बुमराह की नजर वनडे विश्व कप 2027 पर है। मार्च के आखिर से मई तक आईपीएल चलेगा, जिसमें बुमराह मुंबई इंडियंस के लिए खेलते नजर आएंगे। आईपीएल के बाद उनका ध्यान टीम इंडिया के लिए जून में शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों पर रहेगा।

टीम इंडिया में बुमराह का वनडे वापसी प्लान, आईपीएल के बाद तय होगी पूरी रणनीति

आईपीएल के बाद तय होगी टीम इंडिया की रणनीति

IPL खत्म होने के बाद ही बीसीसीआई टीम इंडिया की रणनीति तय करेगी। इस दौरान यह पक्का होगा कि कौन सा खिलाड़ी किस फॉर्मेट में खेलेगा। लगातार तीनों फॉर्मेट खेलना अब मुश्किल हो गया है। बुमराह के साथ ही टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली भी अब केवल वनडे ही खेल रहे हैं। ऐसे में अगले वनडे विश्व कप के लिए टीम इंडिया की प्लानिंग और खिलाड़ियों का चयन इस साल जून से तय होगा।

रोहित, विराट और बुमराह के साथ वनडे में लौटेंगे स्टार

वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल के बाद से अब तक बुमराह 42 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं, जिनमें 21 टेस्ट और 21 टी20 इंटरनेशनल शामिल हैं। अब वनडे में उनका योगदान अहम होगा। खास बात यह है कि वनडे में भारत के पास लंबे चौड़े गेंदबाजों का पूल कम है, इसलिए बुमराह की फिटनेस का विशेष ख्याल रखा जाएगा। जून में बुमराह, रोहित शर्मा और विराट कोहली एक साथ खेलते हुए टीम इंडिया के लिए मुकाबलों में नजर आएंगे।

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